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ZEE NEWS की अपील- भाईचारा भारत की सबसे बड़ी ताकत है, इसे बनाए रखिए

इस सबसे बड़े फैसले पर जी न्‍यूज (ZEE NEWS) आपसे गुजारिश करता है कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखें.

ZEE NEWS की अपील- भाईचारा भारत की सबसे बड़ी ताकत है, इसे बनाए रखिए

नई दिल्‍ली: सुप्रीम कोर्ट अयोध्या केस (Ayodhya Case) में ऐतिहासिक फैसला सुनाने जा रहा है. इस सबसे बड़े फैसले पर जी न्‍यूज (ZEE NEWS) आपसे गुजारिश करता है कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाये रखें. फैसले का सम्मान करें, शांति बनाये रखें. फैसले पर एकजुटता दिखाकर विश्व को संदेश दें. इस फैसले को जीत-हार के चश्मे से मत देखिए. इसके जरिये आप अनेकता में एकता का सबसे बड़ा संदेश दे सकते हैं. भाईचारा भारत की सबसे बड़ी ताकत है, इसे बनाए रखिए. राम शांति-भाईचारे का संदेश देते हैं, आप 'राम मार्ग' पर चलें.

ZEE NEWS अपील करता है कि अयोध्‍या पर फैसला नए भारत की अग्निपरीक्षा है. भारत के हिंदू और मुसलमानों के पास सबसे बड़ा मौका है विश्‍व को बताने का कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र है. श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्‍तम थे और धैर्यवान भी. भारत को आज मर्यादा और धैर्य की आवश्‍यकता है.  

PM मोदी की अपील
इस बीच फैसला आने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) ने लगातार तीन ट्वीट कर देशवासियों से शांति और सद्भवाना बनाए रखने की अपील की है. पीएम मोदी ने पहले ट्वीट में लिखा है, 'अयोध्या पर कल सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का निर्णय आ रहा है. पिछले कुछ महीनों से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में निरंतर इस विषय पर सुनवाई हो रही थी, पूरा देश उत्सुकता से देख रहा था. इस दौरान समाज के सभी वर्गों की तरफ से सद्भावना का वातावरण बनाए रखने के लिए किए गए प्रयास बहुत सराहनीय हैं.' 

अगले ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा है, 'देश की न्यायपालिका के मान-सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए समाज के सभी पक्षों ने, सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों ने, सभी पक्षकारों ने बीते दिनों सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए जो प्रयास किए, वे स्वागत योग्य हैं. कोर्ट के निर्णय के बाद भी हम सबको मिलकर सौहार्द बनाए रखना है.'

वहीं इस मसले पर अपने आखिरी ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा है, 'अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा. देशवासियों से मेरी अपील है कि हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे.'