अमेरिका और भारत के बीच ट्रेड डील पर काफी समय से चर्चा चल रही है. माना जा रहा है कि आने वाले कुछ समय में दोनों देशों के बीच डील पर बात बन सकती है. हालांकि, इससे पहले भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने एक बड़ा बयान दिया है.
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India-US Trade Deal: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने एक और चीज इतिहास में पहली बार की है. किसी देश को अपना सच्चा मित्र भी बताया है और उसपर 50% टैरिफ भी लगाया है. आज एक बार फिर ट्रंप के एक दूत ने भारत को परम मित्र बताया. भारत के साथ दोस्ती के कसीदे पढ़े. ट्रेड डील को लेकर उम्मीद जताई, लेकिन क्या ये उम्मीद असलीयत में बदल पाएगी.
भारत में अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर ने सोमवार को नई दिल्ली में पदभार संभाला. उन्होंने अपने संवोधन की शुरुआत नमस्ते से की और फिर भारत को लेकर कई अच्छी बातें कहीं. भारत और अमेरिका के रिश्तों की दुहाई दी, लेकिन अपने पहले संबोधन में ही सर्जियो गोर ने सबसे अहम बात क्या कही है सबसे पहले आपको ये जानना चाहिए.
राजदूत के बयान से शेयर बाजार में उछाल
अमेरिका के राजदूत के इस बयान के दो हिस्से हैं. पहला ट्रेड डील और दूसरा भारत-अमेरिका की दोस्ती. सर्जियो गोर ने अपने बयान में कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच कल ट्रेड डील पर बात होने वाली है. यानी आते ही एक उम्मीद जताई, अमेरिकी राजदूत के इस बयान का असर ये हुआ है कि शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल आया. सेंसेक्स ने दिन के निचले स्तर से 1,100 पॉइंट्स की रिकवरी की और 302 पॉइंट्स ऊपर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 25,790 पर पहुंचा. पांच दिनों की गिरावट के बाद बाजार में इतनी उछाल की वजह ये है कि निवेशकों को ट्रेड डील की उम्मीद जगी. ट्रेड टॉक्स से टैरिफ कम होने की संभावना लगी.
गोर ने भारत को बताया सच्चा मित्र
सर्जियो गोर भारत-अमेरिका की दोस्ती को सच्ची मित्रता बता रहे हैं, लेकिन अमेरिकी राजदूत जो कह रहे हैं और अमेरिका के राष्ट्रपति जो कर रहे हैं उसमें जमीन आसमान का फर्क है. एक तरफ सर्जियो गोर भारत को 'सच्चा दोस्त' बता रहे हैं, ट्रंप-मोदी की दोस्ती को 'रियल' कह रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ, अमेरिका ने भारत पर स्टील और एल्युमिनियम इंपोर्ट्स पर टैरिफ 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया है. भारत को ट्रू फ्रेंड बताकर अमेरिका ने पहले 50% टैरिफ लगाया और अब 500% टैरिफ की बातें भी सामने आ रही हैं.
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— Zee News (@ZeeNews) January 12, 2026
क्या ट्रंप सिर्फ जुबान तक ही रखते हैं मित्रता?
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अभी तक तो मित्रता सिर्फ जुबान पर ही रही है, लेकिन ट्रंप के दूत ने एक बात ऐसी कही है जिससे भारत के लिए उम्मीद जगी है. सर्जियो गोर ने कहा है कि सच्चे दोस्त असहमत हो सकते हैं, लेकिन आखिर में वे हमेशा अपने मतभेद सुलझा लेते हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि भारत अमेरिका के बीच टैरिफ वाला मतभेद भी जल्द सुलझ जाए. इसी के साथ साथ भारत में अमेरिका के नए राजदूत की एक और बात पर गौर करनी चाहिए. उन्होंने कहा कोई भी पार्टनर भारत से ज्यादा जरूरी नहीं है अमेरिका के लिए. यहां ये समझने की जरूरत है कि आखिर भारत, अमेरिका के लिए इतना जरूरी क्यों हैं..
अमेरिका भारत के लिए क्यों जरूरी?
सबसे पहली वजह है चीन के खिलफ काउंटर बैलेंस, भारत इंडो-पैसिफिक रीजन में चीन के विस्तारवाद को रोकने के लिए अमेरिका का सबसे बड़ा स्ट्रैटेजिक पार्टनर है.दूसरी वजह है, आर्थिक और ट्रेड पार्टनरशिप: भारत और अमेरिका दोनों देशों की कंपनियां इनोवेशन और जॉब क्रिएशन में एक-दूसरे पर निर्भर हैं. इसके अलावा भारत अमेरिका के लिए चीन पर निर्भर्ता कम करने का एक अच्छा ऑप्शन है.
तीसरी वजह है डिफेंस और टेक्नोलॉजी कोऑपरेशन: अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथियार प्रोड्यूसर है और भारत हथियार खरीदने के मामले में दुनिया में सबसे ऊपर आता है यही वजह है कि अमेरिका को भारत की जरूरत है और यही वजह है कि ट्रेड डील को लेकर पॉजिटिव न्यूज की उम्मीद लगाई जा रही है क्यों अमेरिका के लिए भारत जरूरी भी है और मजबूरी भी.