Uttarakhand: कोरोना काल में बेसहारा बच्चों को मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना से मिला सहारा

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना की शुरुआत की है. इस दौरान उन्होंने योजना के तहत चिन्हित 2347 बच्चों में से 1062 बच्चों को 3-3 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि उनके खाते में ट्रांसफर की.

Uttarakhand: कोरोना काल में बेसहारा बच्चों को मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना से मिला सहारा
बच्चों को सहायता राशि देते उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी।

देहरादून: कोरोना वायरस महामारी (Corona Pandemic) के चलते अनाथ हुए बच्चों को सहारा देने के लिए उत्तराखंड (Uttarakhand) के सीएम पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने सोमवार को मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना (Chief Minister Vatsalya Yojana) की शुरुआत की. सीएम आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में योजना के तहत चिन्हित बच्चों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) से 3-3 हजार रुपये की सहायता राशि ट्रांसफर की गई.

'मामा' की तरह रखूंगा ध्यान

इस दौरान सीएम धामी ने कहा, 'कोरोना काल में बच्चों के माता-पिता व संरक्षक के चले जाने की भरपाई करना मुमकिन नहीं है. परंतु राज्य सरकार एक अभिभावक की तरह इनका हमेशा ध्यान रखेगी. जिलों में डीएम इनके सह-अभिभावक के रूप में काम करेंगे. हमारा इन बच्चों के प्रति स्नेह, प्रेम और उत्तरदायित्व का भाव है. हम सभी इन बच्चों के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, पूरे मनोयोग से करेंगे. इनकी सहायता से पुण्य प्राप्त होगा. वात्सल्य, माता-पिता में अपने बच्चों के लिए होने वाला प्रेम होता है. हम इन बच्चों के मामा की तरह ध्यान रखेंगे. कोरोना काल में जिन बच्चों की आंखों में आंसू आए हैं, हमारी कोशिश सदैव उनके चेहरों पर मुस्कान लाने की होगी.'

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प्रदेश की पहचान बनेंगे यही बच्चे

सीएम ने आगे कहा कि, 'यह पहली योजना होगी जिसमें हम चाहते हैं कि योजना में आच्छादित बच्चों की संख्या इतनी ही बनी रहे, और किसी बच्चे को इसकी जरूरत न हो. फिर भी हम इनकी पूरी देखभाल करेंगे. ये बच्चे पूरे प्रदेश की पहचान बनेंगे. अपने-अपने क्षेत्र में वे लीडर बनेंगे.' पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभावों में संघर्ष करने वाले अपनी संकल्प शक्ति से आसमान को छूते हैं. 

सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास पर जोर

सीएम धामी ने कहा कि, 'उत्तराखंड सरकार का भाव अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति को आगे बढ़ाना है. सरकार एक सहयोगी के रूप में काम कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ध्येय वाक्य सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास पर राज्य सरकार चल रही है. वर्ष 2017 से जितनी भी घोषणाएं की गई हैं, वे सभी पूर्ण होने की ओर अग्रसर हैं. हाल ही में कोरोना से प्रभावित 4 धाम यात्रा व पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए 200 करोड़, जबकि हेल्थ सेक्टर और हेल्थ सेक्टर में काम कर कोरोना वॉरियर्स के लिए 205 करोड़ रुपये का पैकेज लाए हैं. युवाओं के लिए रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया तेजी से शुरू करने जा रहे हैं. स्वरोजगार के लाखों अवसर उत्पन्न करने पर काम कर रहे हैं.'

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मानवीय पक्ष का प्रतीक है वात्सल्य योजना

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि, 'मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना सरकार के मानवीय चेहरे को बताता है. कोरोना ने हमसे बहुत कुछ छीना है. हर किसी ने अपने किसी को खोया है. हमें इस दर्द से संघर्ष करके आगे बढ़ना है. कोरोना काल में अपने माता-पिता को खोने वाले बच्चों की पीड़ा को मुख्यमंत्री और राज्य सरकार ने समझा है. मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना अन्त्योदय की परिकल्पना को साकार करती है. यह योजना बच्चों को सामाजिक, आर्थिक और मानसिक तौर पर सशक्त करेगी. सरकार इनके अभिभावक की भूमिका का निर्वाह कर रही है.'

21 वर्ष की आयु पूरी होने तक मिलेगा लाभ

वात्सल्य योजना में आच्छादित बच्चों को हर महीने 3-3 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी. इसके साथ ही बच्चों के लिए मुफ्त राशन, फ्री शिक्षा की व्यवस्था भी की जाएगी. जिलों के डीएम इन बच्चों की सम्पत्ति का संरक्षण भी करेंगे. इतना ही नहीं, अनाथ बच्चों के लिए नौकरियों में 5% क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है. सरकार इन बच्चों के कौशल विकास पर भी ध्यान देगी. सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास सरकार का ध्येय है. बच्चे की उम्र 21 साल पूरी होने तक ये सहायता जारी रहेगी.

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योजना के तहत 2347 बच्चे हुए चिन्हित

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 01 अगस्त 2021 तक जन्म से 21 वर्ष तक की आयु के कुल 2,347 बालक/बालिका इस योजना के तहत चिन्हित किए गए हैं. इनमें से कुल 1,062 बच्चों को योजना के पहले चरण में लाभान्वित किया गया है. इतना ही नहीं, योजना के संचालन हेतु MIS पोर्टल भी बनाया जा रहा है, जिसमें समस्त बच्चों का विवरण जनपदों द्वारा ऑनलाइन भरा जाएगा, और चिन्हित बच्चों को हर महीने 3 हजार रुपये दिए जाएंगे. ये राशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी.

हर संभव मदद कर रही उत्तराखंड सरकार

वहीं, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा, 'राज्य सरकार कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों की हर संभव मदद कर रही है. केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जनहित में बहुत सी योजनाएं शुरू की गई हैं. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 12th की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होने वाली बालिका निकेतन की कुमारी तारा एवं कुमारी स्मृति को सम्मानित भी किया. बालिका निकेतन की बालिकाओं ने मुख्यमंत्री एवं अतिथियों को स्वनिर्मित पेंटिंग भेंट की. इस कार्यक्रम में वर्चुअल माध्यम से विधान सभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सहदेव पुण्डीर, राम सिंह कैड़ा, दीवान सिंह बिष्ट सहित विशिष्टजन और अधिकारी उपस्थित थे.

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