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Babita Pandey Missing Case/ हेमकांत नौटियाल (उत्तरकाशी): उत्तरकाशी जनपद के भटवाड़ी तहसील के अंतर्गत दयारा बुग्याल ट्रैक क्षेत्र में लापता हुई बबीता पांडे का 8वें दिन भी कोई सुराग नहीं मिला. लगातार अलग-अलग टीमों के द्वारा बबीता पांडे की खोजबीन जारी है और संभावित स्थानों पर रेस्क्यू टीम सर्च अभियान में जुटी हुई है. जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर बबीता पांडे की तलाश के लिए विभिन्न विभागों और एजेंसियों द्वारा बड़े स्तर पर व्यापक सर्च एवं रेस्क्यू अभियान संचालित किया जा रहा है.
बबीता पांडे की तलाश में उतरी NIM
रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए एक शनिवार को नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम को दयारा बुग्याल ट्रैक पर भेजा गया है. नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम ने दयारा बुग्याल ट्रैक क्षेत्र में खोजबीन शुरू कर दी है. प्रशासन द्वारा लापता हुई बबीता पांडे की खोज एवं बचाव कार्य में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, आईटीबीपी और आपदा प्रबंधन की क्यूआरटी टीम समेत अन्य संबंधित एजेंसियों के कार्मिक सक्रिय रूप से लगे हुए हैं.
क्या है ये पूरा मामला?
आपको बता दें, 29 मई को ग्राम चिल्किया रामनगर नैनीताल निवासी 24 वर्षीय बबीता पांडे अपने दो अन्य साथियों हरमनप्रीत सिंह और हरमन पाल के साथ दयारा बुग्याल घूमने आई थी. वह 29 मई की रात को दयारा बुग्याल के पड़ाव गोई से रहस्यमय ढंग से लापता हो गई. उसकी खोजबीन को शुरूआती दिनों में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, राजस्व, वन विभाग व एसओजी की टीम ने सर्च आपरेशन चलाया, लेकिन उसकी तलाश नहीं हो पाई.
नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम से उम्मीद
इसके बाद इस सर्च ऑपरेशन के लिए आईटीबीपी और सेना की भी मदद मांगी गई, लेकिन बबीता का अब तक कहीं कुछ पता नहीं चला है. हालांकि सीओ जनक सिंह पंवार के नेतृत्व में बबीता की तलाश में पुलिस और कुछ वन कर्मियों की टीम गोई में डेरा डाले हुए हैं. गोई झील में भी बबीता की तलाश की गई, लेकिन फिर भी सर्च ऑपरेशन चला रही टीम के हाथ खाली हैं. अब नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीम से परिजनों को बहुत उम्मीद है. बबीता की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्हें उम्मीद है कि बेटी जल्दी सही सुरक्षित उनके पास लौट आएगी.