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तूतीकोरिन वेदांता संयंत्र मामले में एनजीटी करेगा फैसला : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से कहा कि वह इस पर आखिरी फैसला करे. 

तूतीकोरिन वेदांता संयंत्र मामले में एनजीटी करेगा  फैसला : सुप्रीम कोर्ट
(फाइल फोटो)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने खनन कंपनी वेदांता को तूतीकोरिन में इसके बंद कर दिए गए स्टरलाइट कॉपर संयंत्र के अंदर प्रशासनिक इकाई तक उसे जाने देने की इजाजत देने के राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेश के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की याचिका पर सुनवाई करने से शुक्रवार को इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से कहा कि वह इस पर आखिरी फैसला करे. 

न्यायमूर्ति आरएफ नरीमन और न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा की पीठ ने कहा कि अधिकरण गुण दोष के आधार और राज्य सरकार द्वारा उठाए जाने वाले विचारनीयता के मुद्दे पर विषय की सुनवाई करेगा.

पीठ ने कहा कि वह स्पष्ट कर देना चाहती है कि अधिकरण गुणदोष के आधार पर विषय की सुनवाई करना जारी रखेगा और विषय की विचारणीयता पर भी फैसला करेगा. राज्य सरकार के लिए यह विकल्प खुला है कि वह विचारणीयता पर अपना पक्ष रखे, जिसके बाद अधिकरण अपना फैसला देगा. 

गौरतलब है कि हरित अधिकरण ने नौ अगस्त को वेदांता को उसके स्टरलाइट कॉपर संयंत्र के अंदर स्थित उसकी प्रशासनिक इकाई में प्रवेश करने की इजाजत दी थी.एनजीटी ने यह इजाजत देते हुए कहा था कि प्रशासनिक खंड में प्रवेश की इजाजत देने से कोई पर्यावरणीय नुकसान नहीं होगा. 

सुनवाई के दौरान शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता सीए सुंदरम ने वेदांता की ओर से पेश होते हुए पीठ से कहा कि राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत के समक्ष तथ्यों को छिपाया. उन्होंने कहा,‘बगैर किसी नोटिस के, मुझे (वेदांता को) बंद कर दिया गया. औद्योगिक परिसर में 67 उद्योग हैं. उनमें से 14 नुकसान पहुंचाने वाले संयंत्र हैं.’

सुंदरम ने कहा कि यह विषय एनजीटी के समक्ष 20 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश वकील ने वेदांता द्वारा एनजीटी के समक्ष दायर की गई याचिका के विचारणीयता के मुद्दे को उठाया. 

गौरतलब है कि कुछ महीने पहले प्रदर्शन और पुलिस गोलीबारी के बाद संयंत्र को बंद कर दिया गया था. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी में 22 मई को 13 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे. 

(इनपुट - भाषा)