Advertisement
trendingNow13039073

वीर सावरकर ने रखी थी 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' की नींव, प्रतिमा के अनावरण पर बोले अमित शाह

गृह मंत्री ने सावरकर को एक लेखक, योद्धा, जन्मजात देशभक्त और दूरदर्शी बताया. उन्होंने कहा कि बहुत कम ऐसे साहित्यकार होते हैं जो गद्य और पद्य दोनों में समान रूप से निपुण हों, और सावरकर उनमें से एक थे. 

वीर सावरकर ने रखी थी 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' की नींव, प्रतिमा के अनावरण पर बोले अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को महान स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने कहा कि वीर सावरकर ने 'सांस्कृतिक राष्ट्रवाद' की अवधारणा की नींव रखी. श्री विजयपुरम में सावरकर की कविताओं के संग्रह 'सागर प्राण तळमळा' के 115 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में वे संबोधित कर रहे थे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सावरकर की विचारधारा को देशभर में प्रचारित करने की जरूरत है और माता-पिता को इसे अपने बच्चों से साझा करना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार भी इसी विचारधारा से प्रेरित है.

गृह मंत्री ने सावरकर को एक लेखक, योद्धा, जन्मजात देशभक्त और दूरदर्शी बताया. उन्होंने कहा कि बहुत कम ऐसे साहित्यकार होते हैं जो गद्य और पद्य दोनों में समान रूप से निपुण हों, और सावरकर उनमें से एक थे. उन्होंने कहा, 'मैंने उनका साहित्य ध्यानपूर्वक पढ़ा है और आज भी यह तय नहीं कर पाता कि वे बेहतर कवि थे या लेखक, क्योंकि वे दोनों ही रूपों में अद्वितीय थे. बाद में वे महान भाषाविद भी बने. उन्होंने कई नए शब्दों का निर्माण कर भाषा को समृद्ध किया. ऐसे लगभग 600 से अधिक शब्द हैं, जो सावरकर ने दिए.'

ये प्रतिमा सावरकर जी के बलिदान और संकल्प का प्रतीक
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत द्वारा सावरकर की प्रतिमा अनावरण का ज़िक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह प्रतिमा वीर सावरकर के बलिदान, संकल्प और देशभक्ति का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों को सावरकर के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र की एकता-सुरक्षा के संकल्प से प्रेरित करेगी. गृहमंत्री शाह ने कहा कि स्वतंत्रता से पहले सेल्युलर जेल भेजे जाने वाले कैदियों को परिवार भुला देता था और कोई उम्मीद नहीं करता था कि वे कभी लौटेंगे. आज यही स्थान सावरकर के कारण पूरे देशवासियों के लिए तीर्थस्थल बन गया है.

Add Zee News as a Preferred Source

ये स्थान सुभाष चंद्र बोस की यादों से भी जुड़ा हुआ
उन्होंने बताया कि यह स्थान नेताजी सुभाष चंद्र बोस की यादों से भी जुड़ा है. आज़ाद हिंद फौज ने सबसे पहले अंडमान-निकोबार को मुक्त कराया था और सुभाष बाबू यहां दो दिन रुके थे. उन्होंने इन द्वीपों का नाम 'शहीद' और 'स्वराज' रखने का सुझाव दिया था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने लागू किया. गृह मंत्री ने कहा कि अंडमान-निकोबार की यह पवित्र भूमि वह स्थान है जहां भारत के हर प्रांत से आए स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने प्राण न्योछावर किए. उन्होंने कहा, 'इस पवित्र धरती पर संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत द्वारा सावरकर की प्रतिमा का अनावरण होना इसे और भी स्मरणीय बना देता है.'

यह भी पढ़ेंः मनरेगा का नाम बदल सकती है सरकार? आज कैबिनेट बैठक में लग सकती है मुहर

Breaking News in Hindi और Latest News in Hindi सबसे पहले मिलेगी आपको सिर्फ Zee News Hindi पर. Hindi News और India News in Hindi के लिए जुड़े रहें हमारे साथ.

About the Author
author img
Ravindra Singh

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनि...और पढ़ें

TAGS

Trending news