सत्र नहीं चल पाने संबंधी मीडिया की आशंकायें गलत साबित हुईं : नायडू

राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू ने मानसून सत्र की कार्यवाही के दौरान पिछले सत्र की तुलना में हुए कामकाज पर संतोष व्यक्त किया.

सत्र नहीं चल पाने संबंधी मीडिया की आशंकायें गलत साबित हुईं : नायडू
फाइल फोटो

नई दिल्ली: राज्यसभा के सभापति एम वैंकेया नायडू ने मानसून सत्र की कार्यवाही के दौरान पिछले सत्र की तुलना में हुए कामकाज पर संतोष व्यक्त करते हुए शुक्रवार को कहा कि वर्तमान सत्र के कामयाब नहीं होने संबंधी मीडिया की आशंका गलत साबित हुई. नायडू ने शुक्रवार को सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले मानसून सत्र की कुल 18 सूचीबद्ध बैठकों में हुए विधायी कार्य का ब्यौरा देते हुए कहा कि 18 जुलाई को शुरु हुए सत्र के दौरान कुल 17 बैठकें हुई.

यह सत्र 74 फीसदी अधिक उत्पादक रहा- नायडू
उन्होंने कहा ‘‘पिछले दो सत्र में गतिरोध को देखते हुए मीडिया में मानसून सत्र की कार्यवाही भी बाधित रहने की आशंका जताई थी लेकिन मुझे खुशी है कि मीडिया गलत साबित हुआ.’’ उन्होंने इसके लिए सदस्यों को बधाई भी दी. नायडू ने बताया कि समय की उपलब्धता के लिहाज से यह सत्र कामकाज के मामले में 74 प्रतिशत से अधिक उत्पादक रहा. यह पिछले बजट सत्र की तुलना में तीन गुना ज्यादा उत्पादक रहा. इसे उल्लेखनीय उपलब्धि बताते हुए नायडू ने इसका श्रेय सभी सदस्यों को दिया.

उच्च सदन में 14 विधेयक हुए पारित
नायडू ने कहा कि इस सत्र में उच्च सदन से पांच लंबित विधेयकों सहित 14 विधेयक पारित किए गए जबकि पिछले दो सत्रों में दस विधेयक पारित हो सके थे. स्पष्ट है कि पिछले दो सत्रों की तुलना में यह सत्र 140 प्रतिशत अधिक फलदायी रहा. नायडू ने इसमें नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजद, सत्तापक्ष और अन्य दलों के नेताओं के सहयोग की सराहना की. उन्होंने मीडिया के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित करते हुये उच्च सदन के कामकाज की और अधिक कवरेज दिए जाने की अपेक्षा व्यक्त की. उन्होंने कहा ‘‘मैं पूरी तरह से खुश नहीं हूं क्योंकि मीडिया से उच्च सदन की और अधिक कवरेज किये जाने की अपेक्षा की जाती है.’’

(इनपुट भाषा से)