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तकरीबन तीन साल पहले LOC के नजदीक राजौरी और पुंछ में लगातार आतंकवादियों की मौजूदगी दर्ज की गई थी...फिर डोडा, किश्तवाड़, रामबन और रियासी में...टेरर अटैक और एनकाउंटर हुए...और आगे जाकर आतंकियों की मौजूदगी कठुआ, सांबा, उधमपुर तक देखी गई... जानकारों के मुताबिक...आतंकी गुटों की इस बदली रणनीति की दो बड़ी वजह हैं...जिसमें पहली है कश्मीर में मजबूत काउंटर टेरर सिस्टम...जो घुसपैठ रोकने और आतंकियों के खात्मे में कामयाब रही है...और दूसरी वजह है जम्मू में LOC के नजदीक वो भौगोलिक परिस्थितियां...जो घुसपैठ के लिए जगह देती हैं.