UNGA: युवा राजनयिक विदिशा मैत्रा ने दिए ऐसे-ऐसे तर्क, पाकिस्तान हो गया बेबस

भारत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान के कश्मीर पर दिए नफरत भरे भाषण के बाद पलटवार करते हुए करारा जवाब दिया है

UNGA: युवा राजनयिक विदिशा मैत्रा ने दिए ऐसे-ऐसे तर्क, पाकिस्तान हो गया बेबस
संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा ने भारत का पक्ष रखते हुए पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री को उनके पूरे नाम इमरान खान 'नियाजी' से संबोधित किया.(फोटो: ANI)

संयुक्त राष्ट्र: भारत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) के कश्मीर पर दिए नफरत भरे भाषण के बाद पलटवार करते हुए करारा जवाब दिया है. भारत ने कहा कि इमरान के भाषण में अपरिपक्वता नजर आई है और पाकिस्तान ने जहां आतंकवाद को बढ़ावा दिया है और अपना निचला स्तर दिखाते हुए नफरत भरा भाषण दिया है, वहीं भारत जम्मू-कश्मीर में मुख्यधारा के विकास के साथ आगे बढ़ रहा है. इमरान के नफरत भरे संबोधन के खिलाफ कड़ा रुख दर्शाते हुए विदेश मंत्रालय की प्रथम सचिव विदिशा मैत्रा (Vidisha Maitra) ने उनके भाषण पर भारत के जवाब देने के अधिकार का प्रयोग करते हुए कहा, "शायद ही कभी महासभा ने इस मंच पर अपनी बात रखने के अवसर का इस तरह से दुरुपयोग होते देखा है, बल्कि अवसर का दुष्प्रयोग होते देखा है."

विदिशा ने कहा कि भारत पर हमला करने के लिए उन्होंने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया जैसे 'तबाही' 'खून-खराबा' 'नस्लीय श्रेष्ठता', 'बंदूक उठाना' और 'अंत तक लड़ना', एक मध्ययुगीन मानसिकता को दर्शाता है न कि 21वीं सदी के दृष्टिकोण को.

विदेश मंत्रालय की प्रथम सचिव  ने कहा, "एक पुराने और अस्थायी प्रावधान - अनुच्छेद 370 को हटाए जाने पर जो भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर के विकास और एकीकरण में बाधा था, उस पर पाकिस्तान की नफरत भरी प्रतिक्रिया इस तथ्य की उपज है कि जो लोग लड़ाई में यकीन करते हैं वे कभी भी शांति की किरण का स्वागत नहीं करते."

नफरत फैलाने वाला भाषण दे रहा पाकिस्तान
उन्होंने कहा, "पाकिस्तान जब आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और नफरत फैलाने वाला भाषण दे रहा है, ऐसे समय में भारत जम्मू-कश्मीर में मुख्यधारा के विकास के साथ आगे बढ़ रहा है."

विदिशा मैत्रा ने आगे कहा, "भारत के लोगों को अपनी ओर से बोलने के लिए किसी और की जरूरत नहीं है खासकर उन लोगों की बिल्कुल जरूरत नहीं है जिन्होंने नफरत की विचारधारा पर आतंक का उद्योग खड़ा किया है."

भारत ने UN में PAK PM का लिया पूरा नाम- इमरान खान 'नियाजी', इससे उनको क्‍यों है चिढ़?
विदिशा मैत्रा ने भारत का पक्ष रखते हुए पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री को उनके पूरे नाम इमरान खान 'नियाजी' से संबोधित किया. दरअसल इमरान आमतौर पर अपने सरनेम का इस्‍तेमाल नहीं करते. इसके पीछे एक बड़ी वजह ये है कि 1971 की लड़ाई में पूर्वी पाकिस्‍तान (मौजूदा बांग्‍लादेश) के तत्‍कालीन लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी ने अपनी फौज के साथ भारतीय सेना के समक्ष आत्‍मसमर्पण किया था. उसके बाद से कई मशहूर पाकिस्‍तानी हस्तियों ने इस सरनेम से परहेज करना शुरू कर दिया. नियाजी एक पख्‍तून ट्राइब है. इसकी जड़ें पूर्वी अफगानिस्‍तान से मानी जाती हैं. पाकिस्‍तान में नियाजी ट्राइब काफी पहले उत्‍तरी-पश्चिमी पंजाब के मियांवाली में आकर बस गई थी.

(इनपुट-एजेंसी से भी)