मोहन भागवत बोले-70 साल में पहली बार दुनिया को लग रहा है भारत थोड़ा-थोड़ा उठ रहा, पढ़ें 10 बातें

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम में कहा कि हमें आजाद हुए 70 साल हो गए हैं, लेकिन पहली बार दुनिया को लग रहा है कि भारत थोड़ा-थोड़ा उठ रहा है. 

मोहन भागवत बोले-70 साल में पहली बार दुनिया को लग रहा है भारत थोड़ा-थोड़ा उठ रहा, पढ़ें 10 बातें
संघ प्रमुख मोहन भागवत (तस्वीर साभार: ANI)

नागपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम में कहा कि 'हमें आजाद हुए 70 साल हो गए हैं, लेकिन पहली बार दुनिया को लग रहा है कि भारत थोड़ा-थोड़ा उठ रहा है. कश्मीर में देश विरोधी ताकतों की आर्थिक कमर टूट गई है. सरकार ने कश्मीर में पुलिस और सेना को पूरी छूट दी है. हमारी किसी से दुश्मनी नहीं है. पहले की सरकारों ने जम्मू और लद्दाख के साथ सौतेला व्यवहार किया'.

मोहन भागवत के भाषण की 10 बड़ी बातें

1. कश्मीरी पंडित अपने ही देश में विस्थापित हो गए हैं. वहां के हालात में सुधार के लिए अगर कानून में बदलाव करना पड़े तो हमें यह कदम भी उठाना चाहिए. कश्मीर समस्या का समाधान जल्द हो सकता है. पाकिस्तान की वजह से जम्मू-कश्मीर में रहने वाले लोग परेशान हैं.
2. बांग्लादेश से आए लोगों की समस्या हल भी नहीं हो पाई है कि म्यांमार से भगाए गए रोहिंग्या अब एक नई समस्या बनकर आ गए हैं. रोहिंग्या मुसलमानों का आतंकियों से संबंध है. इन्हें देश में शरण देने से सुरक्षा संकट पैदा होगा. रोहिंग्या पर केंद्र सरकार का रुख सही है.
3. केरल और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रविरोधी और जिहादी ताकतें सिर उठा रही हैं. वोटबैंक के लिए राज्य सरकारें इन्हें रोकने में उदासीन हैं. या कभी-कभी तो इनका रवैया ऐसा होता है जैसे वे इनकी मदद कर रहे हों.
4. सीमा की समस्या कम नहीं है, सब प्रकार की तस्करी, विशेषकर गौ तस्करी, बांग्लादेश की सीमा पर चलती है.
5. पड़ोसी देशों के बीच हमारी पहचान नेता के रूप में बन रही है.
6. सीमा पर चुनौती देने वालों को हमने जवाब दिया है. डोकलाम में हमने अपने गौरव की रक्षा की है. सीमा पर खुराफात करने वालों को हमने सीमा पर जवाब दिया है.
7. ऐसा लग रहा है कि देश के विकास की गति थोड़ी मंद पड़ी है, लेकिन ऐसा लगता है कि इसमें सुधार होगा.
8. भारत को आजाद हुए 70 साल हो गए हैं, लेकिन पहली बार दुनिया को लग रहा है कि भारत थोड़ा-थोड़ा आगे बढ़ रहा है. अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की साख और पहचान बनी है.
9. हमें अंग्रेजी मानसिकता को दिमाग से हटाना है. समाज का अपना भूमि से जुड़ाव जरूरी है. पहले राष्ट्र एक राजा अनेक थे. राष्ट्र प्रगति करती है तो दुनिया उससे जुड़ती है.
10. मुंबई रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों के साथ मेरी गहरी संवेदना है.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर मुख्यालय में धूमधाम के साथ विजयादशमी मनाया गया. शनिवार तड़के आरएसएस कार्यकर्ता प्रभातफेरी पर निकले. विजयादशमी को आरएसएस स्थापना दिवस के रूप में मनाती है.  कार्यक्रम में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, संघ प्रमुख मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी शामिल हुए. विजयादशमी उत्सव समारोह में दलित धार्मिक नेता बाबा निर्मल दास मुख्य अतिथि रहे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिये विजयादशमी उत्सव समारोह महत्वपूर्ण माना जाता है और इसकी 1925 में स्थापना के बाद से ही स्वयंसेवक इस अवसर पर जुटते हैं.

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर मुख्यालय में आयोजित विजयादशमी कार्यक्रम में लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस. (तस्वीर साभार: ANI)

वर्ष 1925 में केशव बलिराम हेडगेवार ने विजयादशमी के दिन ही आरएसएस की स्थापना की थी. दशहरे पर आरएसएस हर साल शस्त्र पूजा का भी आयोजन करती है.

आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने कहा, 'जालंधर स्थित श्री गुरू रविदास साधु संप्रदाय समाज के प्रमुख बाबा निर्मल दास विजयादशमी उत्सव के अवसर पर मुख्य अतिथि हैं'.

मालूम हो कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इसी साल अप्रैल में बोहरा समुदाय के नेता सैयदाना मुफद्दल से मुंबई में मुलाकात की थी. सैयदाना इससे पहले नरेंद्र मोदी सरकार के मेक इन इंडिया और स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ कर चुके हैं.