VVIP हेलीकॉप्टर सौदा: दीपक तलवार की जमानत पर हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

ईडी का आरोप है कि तलवार ने विदेशी निजी एयरलाइंस का पक्ष लेने के बिचौलिये का काम किया और इस कारण भारत की कंपनी को भारी नुकसान झेलना पड़ा. इसके बदले उसकी कंपनी को 23 अप्रैल 2008 से 6 फरवरी 2009 के बीच विदेशी एयरलाइंस कंपनियों से 6.05 करोड़ डॉलर (करीब 4.33 अरब रुपये) मिले थे.

VVIP हेलीकॉप्टर सौदा: दीपक तलवार की जमानत पर हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला
कॉरपोरेट लॉबिस्ट दीपक तलवार

नई दिल्ली: अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआइपी हेलीकॉप्टर सौदे (VVIP helicopter deal) में कॉरपोरेट लॉबिस्ट दीपक तलवार की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा लिया है. दरअसल, दीपक तलवार को दुबई में इसी साल 30 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था. ईडी का आरोप है कि तलवार ने विदेशी निजी एयरलाइंस का पक्ष लेने के बिचौलिये का काम किया और इस कारण भारत की कंपनी को भारी नुकसान झेलना पड़ा. इसके बदले उसकी कंपनी को 23 अप्रैल 2008 से 6 फरवरी 2009 के बीच विदेशी एयरलाइंस कंपनियों से 6.05 करोड़ डॉलर (करीब 4.33 अरब रुपये) मिले थे.

दीपक तलवार पर मनी लॉन्ड्रिंग के भी आरोप हैं. उस पर एनजीओ के जरिए 90 करोड़ रुपए से ज्यादा के फंड का दुरुपयोग करने के आरोप हैं. जांच शुरू होने के बाद ही तलवार दुबई फरार हो गए थे.उसके खिलाफ भारत में 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति को छुपाने के मामले की भी जांच चल रही है.

यास्मीन कपूर गिरफ्तार, रतल पुरी ईडी रिमांड में
उधर, सीबीआई ने एविएशन स्कैम मामले में यास्मीन कपूर को गिरफ़्तार कर लिया है. यास्मीन जुलाई में गिरफ्तार किए गए दीपक तलकर की क़रीबी है. तलवार कॉर्पोरेट लॉबिस्ट है. यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा विनियम अधिनियम के तहत की गई है. इस वर्ष फ़रवरी में यास्मीन को अदालत ने गिरफ़्तारी से राहत प्रदान की गई थी. वहीं दिल्ली की एक अदालत ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले में रतल पुरी को छह दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) की हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया है.

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इसी स्कैम को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल से ईडी 3 दिनों तक पूछताछ कर चुकी है. एविएशन स्कैम में जो भी डील हुए हैं, वो सभी यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए. दीपक तलवार ने एविएशन कंपनियों, अधिकारियों और नेताओं के साथ मिल कर उन्हें फायदा पहुँचाने के लिए साज़िश रची थी और लॉबिंग की थी.

कुछ विदेशी एयरलाइन्स के लिए मनमाफिक ट्रैफिक रूल्स तय किए गए थे, जिससे एयर इंडिया को ख़ासा नुकसान हुआ था. मई में अदालत ने यास्मीन कपूर से इस स्कैम के सम्बन्ध में जवाब माँगा था. ईडी ने अदालत में यास्मीन कपूर को सभी आरोपितों के कारनामों के ख़ुलासे के लिए एक अहम लिंक बताया था. स्कैम के दौरान यास्मीन को भी काफ़ी फायदे हुए और उसकी संपत्ति में भी बहुत वृद्धि हुई.