सावधान! अगले साल होगी पानी की किल्लत, पानी के लिए बहुत तरसेंगे ये 21 शहर

नीति आयोग ने ये रिपोर्ट 2018 में निकाली थी लेकिन इस समय भी ये संकट टला नहीं है.

सावधान! अगले साल होगी पानी की किल्लत, पानी के लिए बहुत तरसेंगे ये 21 शहर
देश के 256 जिले इस समय पानी की बहुत कमी से जूझ रहे हैं.

नई दिल्ली: नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जलशक्ति मंत्रालय ने कहा कि 2020 में कुछ शहरों में पानी की भारी किल्लत होगी. इन शहरों की संख्या 21 है. ये हैं - दिल्ली, गांधीनगर, गुड़गांव, यमुनानगर, बैंगलोर, इंदौर, रतलाम, अमृतसर, लुधियाना, मोहाली, पटियाला, जालंधर, हैदराबाद, आगरा, गाजियाबाद, चेन्नई, वैल्लोर, अजमेर ,बीकानेर, जयपुर और जोधपुर.

नीति आयोग ने ये रिपोर्ट 2018 में निकाली थी लेकिन इस समय भी ये संकट टला नहीं है. देश के 256 जिले इस समय पानी की बहुत कमी से जूझ रहे हैं. प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता भी लगातार घट रही है. 2001 में किसी को अगर 1816 क्यूबिक मीटर पानी मिलता था तो 2011 में उसे केवल 1554 क्यूबिक मीटर मिला और 2021 में ये 1486 क्युबिक मीटर होगा. सबसे ज्यादा समस्या पीने के पानी की आने वाली है. 

देखें वीडियो:

हालांकि सरकार पानी की समस्या से निपटने के लिए अभियान चला रही है. जल जीवन मिशन के जरिए नलों के ज़रिए पानी घर तक पहुंचाने पर काम कर रही है. इसके अवाला रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जमीन के पानी को रीचार्ज करना, पानी बचत करने के लिए जागरूकता, पानी रीसाइक्लिंग करना, नदियों को जोड़ने ‌‌पर भी काम कर रही है. वहीं सरकार की नज़र समुद्र के पानी पर पड़ गई है, इसे पीने लायक बनाने पर काम कर रही है. बीते समय इजरायल ने भी भारत से अपनी नयी तकनीक भी शेयर की थी. डीसैलीनेशन रिवर्स औस्मोसिस टैक्नीक के जरिए समुद्र के पानी को पीने योग्य बनाया जा सकता है. समुद्र के पानी का TDS (Total Dissolved Solid) 35000 PPM होता है जबकि पीने का पानी 200-500 PPM होता है.