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पश्चिम बंगाल: पैसा वापस करने का बढ़ा दबाव तो निगम पार्षद ने पी लिया जहर और ...

मेखलीगंज वार्ड नंबर चार के हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत मोंटू मंडल ने स्‍थानीय लोगों से रुपए लिए थे. स्‍थानीय लोगों द्वारा रुपए वापस मांगने पर उन्‍होंने खुदकुशी का प्रयास किया है.  

पश्चिम बंगाल: पैसा वापस करने का बढ़ा दबाव तो निगम पार्षद ने पी लिया जहर और ...
पार्षद के बेटे ने स्‍थानीय लोगों पर अपने पिता के साथ मारपीट का आरोप लगाया है.

कोलकाता: कट मनी का पैसा वापस लौटाने के दबाव के चलते मेखलीगंज नगर निगम के पार्षद मोंटू मंडल ने जहर पीकर खुदकुशी का प्रयास किया है. मामला पश्चिम बंगाल के कूच बिहार इलाके का है. पार्षद मोंटू मंडल को समीप के अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है. जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है. वहीं, इस घटना के बाद से इलाके में तनाव है. 

स्‍थानीय पुलिस के सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के नेता और मेखलीगंज नगर निगम के पार्षद मोंटू मंडल पर स्‍थानीय लोग कट मनी के जरिए हासिल किए गए रुपयों को वापस करने का दबाव बना रहे थे.  इसी कड़ी में, बुधवार शाम, कुछ लोग अपना पैसा वापस लेने के लिए मोंटू मंडल के घर पहुंच गए. जहां लोगों के सामने असंतोष जाहिर करने के बाद मोंटू मंडल घर के भीतर चले गए और उन्‍होंने जहर पी लिया. 

सूत्रों के अनुसार, जहर पीने के बाद मोंटू मंडल एक बार फिर घर से बाहर निकले और लोगों की भीड़ के बीच बेहोश होकर गिर पड़े. इसके बाद, मौके पर मौजूद लोगों ने मोंटू मंडल को गंभीर हालत में जलपाईगुड़ी के जिला अस्‍पताल में भर्ती कराया. वहीं, मोंटू मंडल के बेटे सुमन मंडल ने आरोप लगाया है कि जो लोग कट मनी का पैसा मांगने आए थे, उन लोग ने न केवल उनके साथ मारपीट की, बल्कि जबरन उन्‍हें अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगे. 

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सुमन मंडल ने आरोप लगाया है कि लोगों की इस उग्र रवैये से परेशान होकर उनके पिता मोंटू मंडल ने जहर खाकर खुदकुशी करने का प्रयास किया. वहीं, बीजेपी ने मोंटू मंडल के बेटे सुमन मंडल के आरोपो से इंकार किया है. मेखलीगंज मंडल में बीजेपी के पदाधिकारी आशकार रहमा ने बताया है कि मेखलीगंज वार्ड नंबर चार के हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत मोंटू मंडल ने कट मनी लिया था. 

उन्‍होंने बताया कि कुछ दिनों बाद लोगों ने मोंटू मंडल से अपने रुपए वापस मांगना शुरू कर दिए. जिसके बाद, मोंटू मंडल ने रुपए वापस करने के बाद स्‍टांप पेपर में लिखकर दी. स्‍टांप पेपर पर लिखकर दिया गया समय जब पूरा हो गया तो लोग अपने रुपए लेने के लिए मोंटू मंडल के घर पहुंच गए. इस दौरान, न ही किसी ने मोंटू मंडल पर किसी तरह का दबाव बनाया, न उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की.