Delhi Blast Updates Till Now: दिल्ली में हुए बम धमाके के 48 घंटे बीत चुके हैं लेकिन दहशत और अनिश्चितता का साया अब भी बना हुआ है. आतंकियों और उनके आकाओं को दबोचने के लिए एजेंसियां लगातार जांच में लगी हैं. जांच एजेंसियों के निशाने पर देश के विभिन्न इलाकों में सक्रिय 'डॉक्टर डेथ' हैं.
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Latest News of Delhi Blast in Hindi: राजधानी दिल्ली में हुए ब्लास्ट को 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन शहर के ऊपर अब भी खौफ और अनिश्चितता का साया बना हुआ है. धमाके के बाद जांच एजेंसियां लगातार कड़ी से कड़ी जोड़ने में जुटी हुई हैं. शुरुआती जांच में यह साफ हो गया है कि यह कोई आम वारदात नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी, जिसे बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जांच के दौरान कुछ ऐसे नाम सामने आए हैं, जिन्हें एजेंसियां ‘डॉक्टर डेथ’ के नाम से पहचान रही हैं. यानी डॉक्टरी पेशे से जुड़े ऐसे प्रशिक्षित आतंकी जो विस्फोटक बनाने और छिपाने में विशेषज्ञ हैं.जम्मू कश्मीर पुलिस ने कश्मीर से एक और डॉक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया. उस डॉक्टर का नाम जहूर बताया जा रहा है.
मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश
जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, अब तक तीन से चार संदिग्ध ‘डॉक्टर डेथ’ जैसे प्रशिक्षित हैंडलर रडार पर हैं. इनमें से दो के फरीदाबाद और दिल्ली से कनेक्शन बताए जा रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स के आधार पर एजेंसियां दिल्ली ब्लास्ट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं. एक लाल रंग की ईको स्पोर्ट कार में घूमते संदिग्ध आतंकी की तस्वीरें सामने आने के बाद दिल्ली-एनसीआर की सड़कों पर सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है. यह वही कार बताई जा रही है, जिसे ब्लास्ट से कुछ देर पहले चांदनी चौक इलाके के पास देखा गया था.
एजेंसियों ने इस ब्लास्ट के पीछे फरीदाबाद जैश मॉड्यूल के हाथ होने की आशंका जताई है. जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस ने इस कड़ी को पकड़ने के लिए आज फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में संयुक्त छापेमारी की. फिलहाल यूनिवर्सिटी के कुछ छात्रों और शिक्षकों से पूछताछ चल रही है, जिन पर संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने का शक है.
रहस्यमय ‘डॉक्टर डेथ’ की हो रही तलाश
सूत्रों का कहना है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ विस्फोटक RDX और PETN का मिश्रण हो सकता है. जो किसी प्रशिक्षित विशेषज्ञ के बिना तैयार नहीं किया जा सकता. यही कारण है कि जांचकर्ता अब इन रहस्यमय ‘डॉक्टर डेथ’ जैसे तकनीकी आतंकियों पर फोकस कर रहे हैं, जो रिमोट-ऑपरेटेड बम बनाने में माहिर हैं.
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) ने मिलकर एक संयुक्त जांच टीम बनाई है. यह टीम अब तक 20 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाल चुकी है और दिल्ली-एनसीआर में 12 जगहों पर छापेमारी कर चुकी है. दिल्ली पुलिस ने संदिग्ध कार का रजिस्ट्रेशन नंबर ट्रेस कर लिया है, जो फर्जी पाया गया. इसने शक और गहरा कर दिया है कि यह नेटवर्क दिल्ली में पहले से सक्रिय था. जांच में यह भी सामने आया है कि संदिग्धों ने पिछले दो हफ्तों में कई बार लोकेशन बदली और कुछ ने फर्जी आईडी पर होटल बुक किए थे.
कहीं बड़े हमले का ट्रायल तो नहीं?
एजेंसियों के पास एक और महत्वपूर्ण सुराग यह है कि धमाके से पहले साइबर सिग्नल्स में असामान्य डेटा ट्रैफिक दर्ज हुआ था, जो पाकिस्तान और खाड़ी देशों से लिंक्ड सर्वर से जुड़ा हो सकता है. NSA अजीत डोभाल की निगरानी में इन डाटा ट्रेल्स की तकनीकी जांच जारी है. वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर कैबिनेट कमेटी की आपात बैठक बुलाई है, जिसमें दिल्ली ब्लास्ट और आतंकी नेटवर्क की जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी.
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह हमला किसी बड़े “ड्राई रन” यानी टेस्ट अटैक का हिस्सा भी हो सकता है ताकि बड़े लक्ष्य पर वार करने से पहले सिस्टम की प्रतिक्रिया देखी जा सके. इस आशंका ने पूरे दिल्ली-एनसीआर को हाई अलर्ट पर ला दिया है. सभी मेट्रो स्टेशन, रेलवे टर्मिनल, मॉल और ऐतिहासिक स्थलों पर चौकसी बढ़ा दी गई है.
PAK के खिलाफ कार्रवाई की हो रही तैयारी
अब तक किसी संगठन ने इस धमाके की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन एजेंसियों को संदेह है कि इसमें जैश-ए-मोहम्मद या लश्कर-ए-तैयबा जैसे पाकिस्तान समर्थित संगठनों का हाथ हो सकता है. सरकार इस दिशा में ठोस राजनयिक कार्रवाई की तैयारी में है. विदेश मंत्रालय पाकिस्तान को आतंक के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर घेरने की योजना बना रहा है, जबकि गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने का निर्देश जारी किया है.
जांच के 48 घंटे बाद एजेंसियां कई अहम कड़ियों तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन अभी मास्टरमाइंड का चेहरा बेनकाब नहीं हुआ है. ‘डॉक्टर डेथ’ जैसे आतंकी वैज्ञानिकों की तलाश अब जांच का सबसे अहम हिस्सा बन चुकी है. सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस गुत्थी का पर्दाफाश होगा और दिल्ली ब्लास्ट के पीछे छिपी साजिश की हर परत खुल जाएगी.