पहगाम हमले के बाद आतंकवादियों के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर से आतंकी संगठनों ने अपने काम के तरीके में बदलाव किया है. दिल्ली ब्लास्ट के बाद देखने को मिला कि अब व्हाइट कॉलर टेरर नई चुनौती बन सकता है.
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White Collar Terror: ऑपेरशन सिंदूर से बौखलाए सीमा पार के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिन्द ने भारत मे सबसे बड़ा आतंकी हमला करने की साजिश रची. जिसके लिए उन्होंने वाइट कॉलर टेरर इको सिस्टम तैयार किया और ऐसे लोगों को इस आतंकी हमले के लिए तैयार किया जो बेहद पढ़े लिखे प्रोफेशनल हैं. जिनपर किसी को भी आसानी से शक नहीं होता. सूत्रों के मुताबिक ऐसे लोगों को भर्ती करने से पहले उनकी कई स्तर पर स्क्रीनिंग की गई और आखिर में इन लोगों को फाइनल किया गया.
सूत्रों के मुताबिक भारत में होने वाले इस हमले की तैयारी ऑपरेशन सिंदूर के कुछ महीने बाद से की जाने लगी लेकिन देश की सुरक्षा एजेंसियों को पहले से इस की खुफिया जानकारी मिल चुकी थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उन सब संदिग्धों के फोन और सोशल मीडिया अकाउंट समेत इंक्रप्टिड मैसेजिंग एप्प को इंटरसेप्शन पर लगा दिया था.
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पिछले कुछ महीनों से इनपर सुरक्षा एजेंसियों की नजर थी लेकिन पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार नहीं किया, बल्कि इंतजार किया जाने लगा कि इनके पास आतंकी हमले से जुड़ा विस्फोटक और हथियार पहुंचने का. ताकि इनके खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा सके. सुरक्षा एजेंसियों की नजर इन लोगों को मिलने वाली फंडिंग पर भी थी, जिसको सोशल वर्क और चैरिटी के नाम पर ले रहे थे और उसका ही इस्तेमाल विस्फोटक और लॉजिस्टिक सपोर्ट के लिए किया जा रहा था.
सूत्रों के मुताबिक जम्मू कश्मीर पुलिस ने जिन 2 डॉक्टरों समेत 7 लोगों को गिरफ्तार है, उनकी मैन टू मैन मार्किंग सुरक्षा एजेंसियों ने की हुई थी. पुलिस ने अपने जॉइंट ऑपेरशन में एक चीनी स्टार पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल , एक एके 56 राइफल, एक एके क्रिंकोव राइफल समेत भारी मात्रा में कारतूस भी बरामद किए है. इसके साथ ही देश को दहलाने के लिए 2900 किलोग्राम आईईडी बनाने की सामग्री भी बरामद की गई है. पुलिस ने इनकी निशानदेही पर ज्वलनशील पदार्थ, इलेक्ट्रॉनिक सर्किट, बैटरी, तार, रिमोट कंट्रोल, टाइमर और अन्य सामान बरामद किया है.
सुरक्षा एजेंसियां अब इनके मोबाइल और लैपटॉप के IP एड्रेस की ट्रेकिंग के जरिए और डिजिटल इन्वेस्टीगेशन से ये पता करने में जुटी है कि इनके हैंडलर कितने लोग हैं और क्या वो सब एक दूसरे से जुड़े है या भारत में आतंकी हमला करने के लिए अलग अलग मॉड्यूल काम कर रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में और भी कई गिरफ्तारियां हो सकती हैं.