Delhi Blast: लाल किले के पास हुए कार धमाके से कुछ घंटे पहले पुलिस ने फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था. इस मॉड्यूल में कई डॉक्टरों के शामिल होने के कारण इसे व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल कहा गया है. जांच में पता चला है कि इस मॉड्यूल के पीछे असली दिमाग मौलवी इरफान अहमद का था. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली धमाकों में अब इस मौलवी की भूमिका की भी जांच की जा रही है.
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Maulvi Irfan Ahmad: लाल किले के पास हुए कार धमाके से कुछ घंटे पहले हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था. इस मॉड्यूल में कई डॉक्टरों के शामिल होने के कारण इसे व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल कहा गया है. दिल्ली बम विस्फोट की जांच में अब यह खुलासा हुआ है कि इस मॉड्यूल के पीछे असली दिमाग मौलवी इरफान अहमद का था जो जम्मू-कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है.
मौलवी डॉक्टरों को बनाता था कट्टरपंथी
खुफिया सूत्रों के अनुसार, मौलवी इरफान ने फरीदाबाद मॉड्यूल के डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को कट्टरपंथी बनाया था. वह पहले श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल स्टाफ़ था और छात्रों से लगातार संपर्क में था. इसके अलावा, वह नौगाम मस्जिद का इमाम भी रह चुका है. सूत्रों के अनुसार, मौलवी इरफान जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से प्रेरित था और छात्रों को इसके वीडियो दिखाता था वह टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से JeM का प्रचार करता था. फरीदाबाद मॉड्यूल की जांच की शुरुआत 27 अक्टूबर को श्रीनगर के नौगाम में JeM के समर्थन वाले पोस्टर मिलने के बाद हुई. प्रारंभिक पूछताछ से पुलिस को मौलवी इरफान अहमद तक पहुंच मिली. इसके बाद डॉ. मुजम्मिल शकील और डॉ. मोहम्मद उमर जैसे सदस्य गिरफ्तार किए गए. जांच में सामने आया है कि डॉ. शाहीन सईद, उत्तर प्रदेश निवासी, मॉड्यूल की फाइनेंसर और सहयोगी के रूप में सक्रिय थी. सुरक्षा एजेंसियां मौलवी इरफान के संपर्कों और मॉड्यूल के तारों की पड़ताल कर रही हैं, जो सीधे दिल्ली धमाके से जुड़े हैं.
बता दें, आज इससे पहले खुफिया एजेंसियों ने बताया कि लाल किले के पास हुए कार विस्फोट के सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि संदिग्ध उमर मोहम्मद विस्फोट से पहले लगभग 3 घंटे तक पार्किंग में अपनी कार में ही बैठा रहा था और इस दौरान वह एक बार भी कार से बाहर नहीं निकला था. जांच अधिकारियों के मुताबिक, उमर मोहम्मद दोपहर 3 बजकर 19 मिनट पर पार्किंग में पहुंचा था. इसके बाद से लेकर विस्फोट तक उसे कार से बाहर आते हुए कहीं भी नहीं देखा गया. पुलिस और एनआईए अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह कार में बैठकर क्या कर रहा था