Covaxin को वैश्विक मंजूरी के लिए करना होगा इंतजार, अब इस तारीख को फैसला
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Covaxin को वैश्विक मंजूरी के लिए करना होगा इंतजार, अब इस तारीख को फैसला

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अब तक अपनी ईयूएल में केवल छह कोरोना वैक्सीन को शामिल किया है, जिसमें ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन शामिल है, जिसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड के रूप में निर्मित किया है.

Covaxin को वैश्विक मंजूरी के लिए करना होगा इंतजार, अब इस तारीख को फैसला

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भारत बायोटेक के कोवैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी देने में अभी वक्त लगा सकता है. WHO के आधिकारिक बयान के मुताबिक आज कोवैक्सीन पर हुई वैज्ञानिकों के एक्सपर्ट ग्रुप की बैठक में वैक्सीन निर्माता कंपनी भारत बायोटेक से वैक्सीन के डाटा पर अतिरिक्त सफाई मांगने पर सहमति बनी है. अब इसके बाद भारत बायोटेक से वैज्ञानिकों ने डाटा पर ज्यादा जानकारी मांगी है. 

भारत बायोटेक अगले हफ्ते तक डाटा पर अपनी सफाई जमा करेगी जिसके बाद 3 नवंबर को फिर से WHO के वैज्ञानिकों के एक्सपर्ट ग्रुप की बैठक होगी. इससे पहले डब्ल्यूएचओ की प्रवक्ता मार्गरेट हैरिस ने यूएन प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा और अगर कमेटी संतुष्ट है, तो हम अगले 24 घंटों के भीतर सिफारिश की उम्मीद करेंगे. हालांकि अब ये इंतजार और लंबा हो सकता है.

बायोटेक ने किया था अप्लाई

हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने 19 अप्रैल को कोवैक्सीन की इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (ईयूएल) के लिए डब्ल्यूएचओ को आवेदन किया था. डब्ल्यूएचओ ने पहले कहा था कि यह ईयूएल को यह निर्धारित करने के लिए जोखिम और लाभ का आकलन करेगा कि निर्मित टीका गुणवत्ता-आश्वासन, सुरक्षित और प्रभावी है या नहीं.

कंपनी ने 27 सितंबर को डब्ल्यूएचओ के अनुरोध पर अतिरिक्त जानकारी भी सौंपी थी. पिछले हफ्ते, डब्ल्यूएचओ के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि वैक्सीन के पूरी तरह से मूल्यांकन की प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है, लेकिन सही सलाह देना जरूरी है.

डब्ल्यूएचओ स्वास्थ्य आपात स्थिति कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डॉ. माइक रयान ने कहा था, "विश्व स्वास्थ्य संगठन बहुत क्लियर है. हम चाहते हैं कि सभी देश उन वैक्सीन को पहचानें, जिन्हें डब्ल्यूएचओ एडवाइजरी प्रोसेस की ओर से इमरजेंसी यूज लिस्टिंग (ईयूएल) दी गई है. लेकिन यह भी बहुत अहम है कि डब्ल्यूएचओ, जब वह इस तरह की सिफारिश करता है, इसे विश्व स्तर पर बना रहे हैं."

क्यों जरूरी है वैश्विक मंजूरी?

डब्ल्यूएचओ की मंजूरी उन लाखों भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्होंने विदेश यात्रा के लिए कोवैक्सीन ली है. डब्ल्यूएचओ की मंजूरी के बिना दो-खुराक वाले कोवैक्सीन को दुनियाभर के देशों की ओर से एक वैलिड वैक्सीन के रूप में स्वीकार किए जाने की संभावना नहीं है.

ये भी पढ़ें: Covaxin को वैश्विक मंजूरी मिलने में क्यों हो रही देरी? WHO ने दी सफाई

डब्ल्यूएचओ ने अब तक अपनी ईयूएल में केवल छह कोरोना वैक्सीन को शामिल किया है, जिसमें ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका वैक्सीन शामिल है, जिसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड के रूप में निर्मित किया है.

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