पश्चिम बंगाल में कौन जीतेगा? एग्जिट पोल्स की चर्चा खत्म, अब आज फैसले का दिन आ गया है. काउंटिंग शुरू होने के बाद दोपहर तक साफ हो जाएगा कि ममता के किले को ढहाने में क्या भाजपा कामयाब हो पाएगी? हालांकि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने अपनी भविष्यवाणी जरूर कर दी है.
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आज वैसे तो चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव के नतीजे आ रहे हैं, लेकिन देशभर की नजरें बंगाल पर टिकी हैं. काउंटिंग शुरू होने से पहले ही कांग्रेस के दिग्गज नेता ने ममता बनर्जी के जीतने की भविष्यवाणी कर दी है. हालांकि, एक लाइन उन्होंने और जोड़ दी. थरूर ने कहा कि वहां सबकी नजरें हैं. लोगों के मन में कुछ भी हो सकता है. सोच है लोगों की, लेकिन वहां केरल की तरह चीजें नहीं हैं. सारे एग्जिट पोल में बहुत सारा कन्फ्यूजन पैदा हो चुका है.
उन्होंने कहा कि एक एग्जिट पोल ने स्पष्ट रूप से कहा है जनता के सामने कि भारत में अगर आप देखते हैं कि एग्जिट पोल में पूछा जाता है कि आपने किसको वोट दिया? करीब 10 प्रतिशत लोग जवाब नहीं देना चाहते हैं. थरूर ने आगे कहा कि बंगाल में 60 प्रतिशत लोग जवाब नहीं देना चाहते हैं. इस हाल में एग्जिट पोल्स की क्या वैल्यू है, आप समझ सकते हैं. जब उनसे आगे सवाल किया गया कि आपको क्या लगता है तो उन्होंने बेबाक कह दिया कि मेरा मानना यह है कि ममता जी ही जीतेंगी लेकिन शायद पिछली बार की तरह बड़ी मेजॉरिटी नहीं होगी.
#WATCH | Thiruvananthapuram, Keralam: On West Bengal Assembly Elections, Congress MP Shashi Tharoor says, "All the exit polls there have created a lot of confusion. My sense is that Mamata Banerjee will win. But she probably won't have such a large majority like last time." pic.twitter.com/DbdxVYCZp4
— ANI (@ANI) May 3, 2026
थरूर ने कहा कि लोगों से बात करके आप कुछ समझ सकते हैं, वो एक चीज है लेकिन काउंटिंग के बाद जो कुछ आएगा, वो अलग बात है. इसी तरह केरल के बारे में मेरे ख्याल से सारे लोगों की राय है, सभी तरह की एनालिसिस यही कहती है कि यूडीएफ (कांग्रेस का गठबंधन) की विजय होने वाली है.
हां, काउंटिंग शुरू होने से पहले ही थरूर तिरुवनंतपुरम पहुंच गए हैं. जब उनसे पूछा गया कि क्या कोई सांसद केरल का मुख्यमंत्री बन सकता है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि देखिए, मैं ऐसा कुछ नहीं बोल रहा जैसा आप पूछना चाहते हैं. जवाब बिल्कुल साफ है. कांग्रेस पार्टी में स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है. नतीजे आने के बाद जीते हुए विधायक मिलते हैं और अपनी राय पार्टी हाईकमान को भेजी जाती है और वह फैसला लेते हैं. वे किसी रूल या नियम में बाध्य नहीं हैं.