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चिता पर मेरे साथ मैरिज सर्टिफिकेट भी... बिस्तर पर थीं नानी और नाना ने ये वादा लिया, रुला देगी प्रेम कहानी

यह कहानी सच्चे प्रेम की है. इस लोक और परलोक दोनों की. जीवन के अंतिम पहर में नाना को अहसास हो गया कि अब समय आ चुका है. पत्नी भी बिस्तर पर थीं. परिवार से उन्होंने एक वादा कराया. 2 बाद निधन हो गया. नानी बोलीं कि मुझे उनके पास ले चलो. उन्होंने नाना के पार्थिव शरीर को छुआ और जो कहा वो आंसू ला देगा. 

चिता पर मेरे साथ मैरिज सर्टिफिकेट भी... बिस्तर पर थीं नानी और नाना ने ये वादा लिया, रुला देगी प्रेम कहानी

जब वो समय आए, तो मेरा अंतिम संस्कार करते समय मैरिज सर्टिफिकेट हाथ में रख देना. भूलना नहीं...अपनी बेटी को बुलाकर धीरे से नाना जी ने यह वादा करवाया था. उन्होंने इतनी स्पष्टता से कहा कि मां भी डर गई. दो दिन बाद ही नाना जी को हार्ट अटैक आया और वह दुनिया छोड़ गए. आगे जो हुआ उसने उन हजारों लोगों को भीतर से रुला दिया है जो अब इस सच्ची प्रेम कहानी को सोशल मीडिया पर पढ़ रहे हैं. जी हां, आकांक्षा साडेकर ने अपने नाना के बारे में जो लिखा है वह आपको रुला देगा. उन्होंने नाना और नानी की एक तस्वीर भी शेयर की है. 

उनके नाना जी के निधन के ठीक 21 दिन बाद नानी ने शरीर त्याग दिया. आकांक्षा ने लिखा है, 'जिस दोपहर नाना जी का निधन हुआ, मेरी मां (उनकी बेटी) फौरन बिस्तर पर पड़ी मेरी नानी को बताने गईं. वह (नानी) रोईं नहीं. घबराई भी नहीं.' उन्होंने धीरे से बस इतना कहा, 'मुझे एक बार उनके पास ले चलो.' घरवाले नानी को नाना जी के पार्थिव शरीर के पास ले गए. नानी ने उनकी ओर देखा, उनका हाथ छुआ और फुसफुसाते हुए कहा, 'मुझे माफ करना. मैं जल्द ही तुमसे मिलूंगी, मेरे प्यारे...'

मैं भी उनके पास चली जाऊंगी

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उसी दोपहर नानी ने मेरी मां से कहा, 'लिखकर रख लो, मैं भी 21 दिनों में उनके पास चली जाऊंगी.' इतनी स्पष्टता से उन्होंने कहा कि रोंगटे खड़े हो गए. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हुआ भी वैसा ही. 21वें दिन, रात 11:55 बजे उन्होंने मेरी बाहों में अपनी आखिरी सांस ली. 

उन्होंने इंतजार किया. उनके लिए. उस वादे के लिए. 

लवबर्ड सिंड्रोम क्या होता है?

डॉक्टर इस तरह के प्रेम को लवबर्ड सिंड्रोम कहते हैं. ऐसा तब होता है जब दो लोग इतनी गहराई से एक दूसरे से जुड़े होते हैं कि वे एक दूसरे से अलग रहना बर्दाश्त नहीं कर पाते हैं. नाना और नानी के साथ यही हुआ. नाना को पता था कि उनके बिना नानी भी नहीं रह पाएंगी शायद इसीलिए उन्होंने परिवार से कह दिया था कि उनकी शादी का सर्टिफिकेट उनकी चिता के साथ रख दें. यह शायद पत्नी को मुक्त करने का एक संकेत रहा हो. उनकी शादी को 60 साल पूरे हो गए थे. 

आकांक्षा कहती हैं कि मैंने पहले भी देखा-सुना था लेकिन जब यह मेरे अपने परिवार में हुआ, तो मैंने इसे समझने की कोशिश करना बंद कर दिया. क्योंकि कभी-कभी प्यार ही टाइमिंग तय करता है. दवाइयों से परे. तर्क से परे. हमसे परे. आखिर में उन्होंने लिखा है कि कुछ अलविदा वाकई घर वापसी होती है. अगर आपका कोई प्रिय अब इस दुनिया में नहीं है, तो आप क्या चाहेंगे कि आप उन्हें एक बार और बता सकें?

सोशल मीडिया पर यह पोस्ट पढ़कर लोग भावुक हो गए. लोग अपनों के बारे में लिख रहे हैं.  

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Anurag Mishra

अनुराग मिश्र ज़ी न्यूज डिजिटल में एसोसिएट न्यूज एडिटर हैं. वह दिसंबर 2023 में ज़ी न्यूज से जुड़े. देश और दुनिया की राजनीतिक खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं. 18 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर ...और पढ़ें

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