Kailash Parvat: आपने माउंट एवरेस्ट को फतह करते हुए कई पर्वतारोहियों को सुना होगा. हालांकि बहुत कम लोगों को पता होगा कि कैलाश पर्वत की ऊंचाई माउंट एवरेस्ट से कम है इसके बावजूद भी आज तक यहां पर कोई नहीं चढ़ पाया है. जानिए इसके पीछे की क्या वजह है.
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Kailash Parvat: दुनियाभर में ऐसी कई पहाड़ियां हैं जिसे फतह करने की लोग कोशिश करते हैं. इसी में से एक है माउंट एवरेस्ट, माउंट पर चढ़कर बहुत सारे पर्वतारोही इतिहास बनाते हैं, उनका नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज किया जाता है. हालांकि बहुत कम लोगों को पता होगा कि कैलाश पर्वत की ऊंचाई माउंट एवरेस्ट से कम है, इसके बावजूद भी आजतक कोई कैलाश पर्वत पर नहीं चढ़ पाया है. कैलाश पर्वत दुनिया की सबसे रहस्यमयी और पवित्र चोटियों में से एक है.
कितनी है ऊंचाई
यह भारत, चीन और नेपाल की सीमाओं से लगा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कैलाश पर्वत की ऊंचाई 6,638 मीटर है. हालांकि हैरानी की बात ये है कि कोई भी इंसान आज तक यहां पर नहीं पहुंच पाया है. कैलाश पर्वत की आकृति हमेशा से रहस्य का विषय रही है, ये पिरामिड के आकार की है. इस पर्वत को धरती का केंद्र भी कहा जाता है. यहां से पूरी सृष्टि की ऊर्जा फैलती है.
बदलता है मौसम
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कैलाश पर्वत का मौसम पल-पल में बदलता रहता है. यहां पलभर में बर्फीले तूफान आ जाते हैं, ऐसे में पर्वतारोहियों का सफर जानलेवा साबित हो सकता है. जिसकी वजह से लोग इसकी चढ़ाई करने से बचते हैं.
धार्मिक वजह
कैलाश पर्वत को हिंदू धर्म में काफी पवित्र माना गया है. कहा जाता है कि यहां पर भगवान शिव ध्यान और समाधि में लीन रहते हैं. ऐसे में कैलाश पर्वत पर चढ़ना धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन माना जाता है. जिसकी वजह से श्रद्धालु इस पर्वत की केवल परिक्रमा करते हैं और चढ़ाई करने से बचते हैं.
आने लगता है चक्कर
इसे लेकर कुछ पर्वतारोहियों का दावा है कि यहां पर चढ़ते ही अलग ऊर्जा का एहसास होता है. इसकी वजह से सिर घूमने लगता है और शरीर थका हुआ महसूस होने लगता है. साथ ही साथ यहां समय की गति तेज है और इसकी वजह से लोगों के बाल और नाखून दोनों बढ़ने लगते हैं.