JNU में 'टुकड़े गैंग' को ZEE NEWS से डर क्यों? कैमरा-माइक से क्यों घबराया?

अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर JNU में क्या क्या नहीं हुआ लेकिन देश के एक यूनिवर्सिटी में मौजूद मुट्ठी भर छात्रों का गैंग अभिव्यक्ति की आज़ादी को किस कदर अपनी जागीर समझ रहा है. 

JNU में 'टुकड़े गैंग' को ZEE NEWS से डर क्यों? कैमरा-माइक से क्यों घबराया?
अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर JNU में क्या क्या नहीं हुआ...

नई दिल्ली: दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में पढ़ने का सपना देश के कई छात्र देखते हैं. यहां के छात्र पढ़ाई के साथ खुद को बौद्धिकता में भी सबसे ऊपर बताते हैं. अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर JNU से अब तक कई ऐसी बातें निकली हैं जिसे देश के लिए हजम करना बेहद मुश्किल हो गया था. ZEE NEWS ने ही JNU में मौजूद 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' (Tukde-Tukde gang) की पोल खोली थी. इन दिनों JNU, फीस बढ़ने और उसके खिलाफ होने वाले प्रदर्शनों की वजह से चर्चा में है. हमारी टीम जब इस प्रदर्शन को कवर करने पहुंची तो वहां मौजूद टुकड़े-टुकड़े गैंग में हड़कंप मच गया.  

खुद को स्कॉलर कहने वाले छात्र धक्का-मुक्की पर उतर आए और ZEE NEWS की महिला पत्रकारों के साथ भी बदसलूकी की. JNU में ZEE NEWS के खिलाफ नारे लगाए गए. ZEE NEWS के एडिटर इन चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ नारे लगाए गए. महिला पत्रकारों को अपशब्द कहे गए. रिपोर्टिंग छोड़ वापस जाने को कहा गया. ZEE NEWS के कैमरामैन से फुटेज डिलीट करने को कहा. कैमरामैन के साथ हाथापाई की गई. 

'फीस बढ़ने का विरोध करेंगे, पत्रकारों को घुसने नहीं देंगे' 
अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर JNU में क्या क्या नहीं हुआ लेकिन देश के एक यूनिवर्सिटी में मौजूद मुट्ठी भर छात्रों का गैंग अभिव्यक्ति की आज़ादी को किस कदर अपनी जागीर समझ रहा है, ये अभी तस्वीरों से साबित होने वाला है. JNU के छात्र इन दिनों फीस बढ़ाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. इस प्रदर्शन की कवरेज के लिए Zee News की दो टीमें भी वहां मौजूद थीं. इनमें ZEE NEWS संवाददाता पूजा मक्कड़ और कविता शर्मा शामिल थीं लेकिन Zee News के पत्रकारों को JNU परिसर में देखकर...प्रदर्शन कर रहे छात्र आपे से बाहर हो गए. ये लोग Zee News के पत्रकारों के साथ बहस करने लगे, हमारे कैमरों को धक्का देने लगे. ज़ी न्यूज़ के खिलाफ नारेबाज़ी करने लगे और अपशब्दों का इस्तेमाल करने लगे. 

खास बात ये है कि हमारी दोनों संवाददाता इन छात्रों से बार बार पूछती रहीं कि आप क्या कहना चाहते हैं, आप अपना पक्ष कैमरे पर रखिए लेकिन इन चंद छात्रों के पास कहने के लिए कुछ नहीं था. ये सिर्फ नारेबाजी और धमकियां देते रहे.  साफ है कि JNU के इन छात्रों को अफज़ल प्रेमी गैंग बनाने की तो आज़ादी चाहिए, पाकिस्तान के पक्ष में नारे लगाने की भी आज़ादी चाहिए, भारत के टुकड़े-टुकड़े वाले नारे भी इनके लिए अभिव्यक्ति की आज़ादी हैं , इन्हें पत्रकारों के साथ बदतमीज़ी करने की भी आज़ादी चाहिए लेकिन ये लोग मीडिया के उस हिस्से को कोई आज़ादी नहीं देना चाहते हैं जो इनका सच दिखाता है..    

फीस बढ़ाने का विरोध करने आए इन छात्रों को जब ZEE NEWS की टीम नजर आई तो इनके लिए ZEE NEWS का विरोध करना ही अहम मुद्दा बन गया. इसकी वजह है ZEE NEWS की वो रिपोर्टिंग जिसकी वजह JNU का स्याह सच देश के सामने आ गया था. Zee News ने फरवरी 2016 में आपको सबसे पहले दिखाया था..कि कैसे JNU में कुछ छात्र देश विरोधी नारेबाज़ी कर रहे थे और भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की बात कर रहे थे. JNU में मौजूद टुकड़े टुकड़े गैंग ने तभी से ZEE NEWS को टारगेट पर रखा है.  

ZEE NEWS की उसी रिपोर्टिंग की वजह से अब यहां के छात्रों को ZEE NEWS के कैमरे से डर लगता है. ये लोग जानते हैं कि ZEE NEWS की मौजूदगी में अगर टुकड़े टुकड़े गैंग से जरा सी लापरवाही हुई तो उनका सच एकबार फिर सामने आएगा. यही वजह है कि JNU में ZEE NEWS की मौजूदगी से ही हड़कंप मच जाता है. खुद को बौद्धिक कहने वाले छात्र गुंडों की तरह बर्बाव करने लगते हैं. JNU के कुछ छात्र Zee News की महिला पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की कर रहे थे और उन्हें कैंपस से बाहर निकल जाने के लिए कह रहे थे जबकि हमारे पास इस कवरेज के लिए JNU प्रशासन की इजाजत थी. 

देखें वीडियो: 

आप इस मानसिकता को बखूबी समझ सकते हैं. JNU के कुछ छात्र चाहते हैं कि JNU में पुलिस मीडिया या यूनिवर्सिटी का प्रशासन उनकी मर्जी से चले वो सबको इतना डरा कर रखें कि उनकी मर्जी के बिना वहां कोई पहुंच न सके. जेएनयू में 8 हजार से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं और शुक्रवार के प्रदर्शन में करीब दो सौ छात्र शामिल थे. यानी कुल छात्रों में से सिर्फ ढाई फीसदी छात्र हंगामा करने उतरे थे. ये ढाई फीसदी छात्र ही देश में जेएनयू का नाम खराब करने के गुनहगार हैं. 

(कविता शर्मा के साथ पूजा मक्कड़, ज़ी मीडिया, दिल्ली)