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ZEE जानकारी: पीएम नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे का विश्लेषण

प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron की मुलाकात...पेरिस से 50 किलोमीटर दूर एक ऐतिहासिक इमारत में हुई .

ZEE जानकारी: पीएम नरेंद्र मोदी के फ्रांस दौरे का विश्लेषण

आज देश के कई हिस्सों में जन्माष्टमी मनाई जा रही है . जन्माष्टमि के दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था . भगवान कृष्ण कूटनीति के विश्वगुरु थे . अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति किसी महाभारत से कम नहीं है . इसलिए जो देश इसमें महारत हासिल कर लेते हैं...पूरी दुनिया उन्हें सलाम करती है. किसी भी देश का भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि उसके दोस्तों की संख्या घट रही है या बढ़ रही है . इसलिए भारत को विश्वगुरु बनना है तो उसे श्रीकृष्ण के बताए रास्तों पर चलना होगा .

कल प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron की मुलाकात...पेरिस से 50 किलोमीटर दूर एक ऐतिहासिक इमारत में हुई . इस ऐतिहासिक इमारत का नाम है ''शैतो डि शैंतले'' (Ch'teau de Chantilly) . ये इमारत वर्ष 1789 में हुई फ्रांस की क्रांति की गवाह रही है . लेकिन इस बार ये दो देशों की कूटनीतिक क्रांति की गवाह बनी .

दुनिया में कमज़ोर देशों के लिए अपना अस्तित्व बनाए रखना बहुत मुश्किल है...इसलिए ताकतवर होना ही एकमात्र विकल्प है. दुनिया, मज़बूत और शक्तिशाली देशों का साथ देती है.. और उन्हीं का सम्मान करती है. ये अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति की Power Equation है.. जिसे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanual Macron अच्छी तरह समझते हैं . इन दोनों नेताओं ने तस्वीरों के ज़रिए पूरी दुनिया को अपनी ताकत का एहसास दिलाया है .

भारत और फ्रांस के बीच कूटनीतिक रिश्ते को आप दुनिया का सबसे मज़बूत INFRA भी कह सकते हैं . INFRA का अर्थ होता है किसी ढांचे की नींव या आधार . लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी ने INFRA को नया नाम दिया . यहां IN का मतलब इंडिया और FRA का मतलब फ्रांस है . भारत और फ्रांस के इस रिश्ते की नींव बहुत मजबूत हो चुकी है और अब इस पर दोस्ती की नई इमारत खड़ी की जा रही है.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात की . मोदी से मुलाकात करने वालों में.. पेरिस में रहने वाले बोहरा मुस्लिम समाज के कुछ लोग भी थे . इन लोगों ने कैसे गुजराती में प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया..पहले आप ये देखिए . 

प्रधानमंत्री मोदी ने कल रात फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanual Macron के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बातचीत की . इस मुलाकात का समय 1 घंटे तय किया गया था . लेकिन दोनों देशों के नेताओं ने इस Protocol को तोड़ दिया और हर मुद्दे पर दिल खोलकर बात की . इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने एक Joint Statment भी दी . इस संयुक्त बयान से जो पांच बड़ी बातें निकलकर सामने आई है...अब वो आपको बताते हैं.

Joint Statment में फ्रांस ने साफ किया..कि वो कश्मीर के मुद्दे पर भारत के साथ है . फ्रांस ने ये भी माना कि कश्मीर, भारत और पाकिस्तान के बीच द्वीपक्षीय मामला है और इसमें किसी तीसरे देश को दखल देने की ज़रूरत नहीं है .

फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanual Macron ने ये भी कहा कि वो इस मुद्दे पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान से भी बात करेंगे और उन्हें कश्मीर के मुद्दे को शांति से सुलझाने की सलाह देंगे .

फ्रांस का ये भी मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की भागीदारी बढ़नी चाहिए और भारत को दुनिया के हर महत्वपूर्ण मंच पर जगह मिलनी चाहिए .

इसके अलावा दोनों देशों के बीच Rafel लड़ाकू विमान सौदे को लेकर भी बात हुई . भारत को पहला Rafale जेट.. अगले महीने मिलने वाला है .

भारत और फ्रांस हिंद महासागर में रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं.

साथ ही भारत और फ्रांस जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भी मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. 

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का World Order तेज़ी से बदल रहा है. और भारत और फ्रांस इस नए World Order के सबसे महत्वपूर्ण किरदार हैं. आप ये भी कह सकते हैं कि फ्रांस पश्चिम में भारत का Best Friend बन चुका है .

फ्रांस ने हाल ही में कश्मीर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में भारत का साथ दिया था . फ्रांस ने आतंकवादी मसूद अज़हर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा Black list करवाने में भी भारत की मदद की थी . Financial Action Task Force में पाकिस्तान पर दबाव बनाने में भी फ्रांस का अहम रोल था .

फ्रांस के राष्ट्रपति बनने के बाद.. Emmanual Macron और नरेंद्र मोदी के बीच पहली मुलाकात 3 जून 2017 को हुई थी . तब Macron ने पेरिस के Presidential Palace में मोदी का स्वागत किया था .

इसके बाद 9 मार्च 2018 को Emmanual Macron भारत आए, और प्रधानमंत्री मोदी ने प्रोटोकॉल तोड़कर..एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया .

इस बार प्रधानमंत्री मोदी Emmanual Macron के बुलावे पर फ्रांस पहुंचे . Macron ने उन्हें G7 Summit में Special Invitee की तरह शामिल होने का न्योता भेजा था .

आपको बता दें कि G7 दुनिया के सबसे शक्तिशाली सात देशों का समूह है . इनमें फ्रांस के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, इटली, जर्मनी और कनाडा जैसे देश शामिल हैं . लेकिन इस बार भारत भी दुनिया के सबसे ताकतवर देशों के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगा . प्रधानमंत्री मोदी ने आज पेरिस में UNESCO के Headquarters में भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित किया .

इस दौरान मोदी ने फुटबॉल के खेल से जुड़े कई शब्दों का भी इस्तेमाल किया . आपको बता दें कि फुटबॉल फ्रांस में बहुत मशहूर है . प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार लगातार Goal की तरफ बढ़ रही है . फुटबॉल में ज्यादा गोल करने वाली टीम ही विजेता बनती है .

मोदी ने ये भी कहा कि उनकी सरकार ने समाज की कई कुरीतियों को Red Card दिखा दिया है . इसके अलावा उन्होंने...भारत में France की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की लोकप्रियता का भी जिक्र किया .

वर्ष 1974 में जब भारत ने पहली बार परमाणु परीक्षण किया था . तब दुनिया के ज्यादातर देश भारत के खिलाफ हो गए थे...लेकिन फ्रांस ने भारत का साथ दिया था 

वर्ष 1998 में दूसरे परमाणु परीक्षण के बाद..भारत के साथ Strategic Partnership करने वाला फ्रांस पहला देश था .

फ्रांस के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति.. भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में 5 बार मुख्य अतिथि बनकर आ चुके हैं . ये सिलसला 1976 में शुरू हुआ था और आखिरी बार फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति.. फ्रांस्वा ओलांद 2016 में गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि बने थे .

भारत और फ्रांस के बीच करीब 90 हज़ार करोड़ रुपये का द्वीपक्षीय व्यापार होता है .

फ्रांस की टॉप 40 कंपनियों में से 39 भारत में काम कर रही हैं . भारत में सबसे ज्यादा निवेश करने वाले देशों में फ्रांस 10वें नंबर पर है .

अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति का पहला नियम ये कहता है...कि अपने दोस्त को ये भरोसा दिलाया जाए...कि ये दोस्ती दिखावे वाली नहीं है. भारत और फ्रांस के बीच के रिश्तों को आप मन के धागे से जुड़ा हुआ रिश्ता भी कह सकते हैं . इसलिए आज हमने फ्रांस और भारत की इस ऐतिहासिक दोस्ती का दिलचस्प विश्लेषण तैयार किया है .

फ्रांस के दौरे का पहला चरण पूरा करने के बाद मोदी UAE और बहरीन की यात्रा के लिए रवाना हो गए . प्रधानमंत्री मोदी की अरब देशों की यात्रा को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है . क्योंकि कश्मीर पर बदले हालात के बीच इन देशों के साथ भारत की दोस्ती काफी अहम है . मोदी आज रात करीब सवा ग्यारह बजे UAE पहुंचेंगे . वहां प्रधानमंत्री मोदी को UAE का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान Order of Zayed भी दिया जाएगा . UAE कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद...भारत के पक्ष में आ गया था . जिससे पाकिस्तान मुस्लिम देशों के बीच अलग थलग पड़ गया है .

भारत और UAE के बीच द्वीपक्षीय व्यापार 3 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा का है. और UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा Trade Partner है . यानी प्रधानमंत्री मोदी का ये दौरा कूतनीति और आर्थिक नज़रिए से बहुत अहम है. 

प्रधानमंत्री मोदी ने आज पेरिस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए फ्रांस के Mont Blanc में एक स्मारक का उद्घाटन भी किया . ये स्मारक 1950 और 1966 में दो अलग अलग विमान दुर्घटनाओं में मारे गए भारतीयों की याद में बनाया गया है .

ये दोनों विमान एयर इंडिया के थे . दोनों दुर्घटनाएं...Mont Blanc mountain के पास हुई थी . ये पर्वत श्रृंखला...फ्रांस और इटली के बीच है...और इसका कुछ हिस्सा Switzerland में भी है .

इन विमान हादसों में सभी यात्रियों की मौत हो गई थी . 1966 में हुए Plane Crash में भारत के परमाणु कार्यक्रम के जनक डॉक्टर होमी जहांगीर भाभा का भी निधन हो गया था .

1950 में हुए विमान हादसे में 48 लोग मारे गए थे . जबकि 1966 की दुर्घटना में विमान में सवार सभी 117 लोगों की मौत हो गई थी .

1950 में जो हवाई जहाज़ क्रैश हुआ था उसका नाम Malabar Princess था, जबकि 1966 में हादसे का शिकार होने वाले हवाई जहाज़ का नाम कंचनजंगा था .

3 नवंबर 1950 को हुई दुर्घटना पर फ्रांस के लेखक Henri Troyat ने एक Novel भी लिखा था . जिसका नाम था The Mourning Cloud यानी विलाप करता हुआ बादल.

वर्ष 1956 में इस दुर्घटना पर एक फिल्म भी बनाई गई थी . 1966 में हुए विमान हादसे के लिए पालयट और Radar Controller के बीच हई एक Communication Error को जिम्मेदार माना जाता है .