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ZEE जानकारी: इसरो ने कहा- चंद्रयान-2 को अपने अभियान पर 15 जुलाई को भेजा जाएगा

15 जुलाई, 2019 को चंद्रयान-2 अपने मिशन पर निकल पड़ेगा. इसकी Launching का समय होगा, सुबह 2 बजकर 51 मिनट पर. 

ZEE जानकारी: इसरो ने कहा- चंद्रयान-2 को अपने अभियान पर 15 जुलाई को भेजा जाएगा

इन दिनों ख़बरों की दुनिया में Negativity काफी तेज़ी से फैल रही है. और इसी वजह से कई बार अच्छी ख़बरें आप तक नहीं पहुंच पातीं. लेकिन आज हमारे पास आप सभी के लिए एक साथ दो-दो Good News हैं.  Indian Space Research Organisation यानी ISRO ने चंद्रयान-2 का पहला Trailer, Launch कर दिया है. और साथ ही 

साथ इसकी Launch की तारीख और समय का भी ऐलान कर दिया है. आज से ठीक 34 दिन बाद, 15 जुलाई, 2019 को चंद्रयान-2 अपने मिशन पर निकल पड़ेगा. इसकी Launching का समय होगा, सुबह 2 बजकर 51 मिनट पर. ये वो समय होगा, जब पूरा देश गहरी नींद में सो रहा होगा. लेकिन, ISRO जाग रहा होगा. 

अंतरिक्ष की दुनिया में भारत को बुलंदियों तक पहुंचाने वाले वैज्ञानिक जाग रहे होंगे.  ये एक बहुत बड़ा मौका होगा. और इसकी खुशी का अंदाज़ा आप अभी से लगा सकते हैं. आज ISRO के चेयरमैन Dr. K Sivan, मीडिया के सामने आए. 

और उन्होंने चंद्रयान-2 की Launch Date का ऐलान किया. इस दौरान उनके चेहरे पर गज़ब का आत्मविश्वास था. और उनकी बातों में ये भरोसा था, कि भारत का मिशन चंद्रयान-2 क़ामयाब होकर रहेगा.

आपने अक्सर सुना होगा कि जो कक्षा में प्रवेश करेगा, वही आखिरी इम्तिहान में पास होगा. भारत अंतरिक्ष की कक्षा में कई वर्ष पहले ही प्रवेश कर गया था. और अब भारत अंतरिक्ष की दुनिया का Topper बनता जा रहा है. 

वर्ष 1975 में बैलगाड़ी और साइकिल पर शुरू हुआ सफर. आज World Record बनाने तक पहुंच गया है. और दुनिया अब भारत के करिश्मे को प्रणाम कर रही है. भारत, वर्ष 2008 में चांद पर अपना चंद्रयान-1 और 2013 में मंगल ग्रह पर अपना मंगलयान भेज चुका है. भारत के अलावा, अमेरिका, Russia, जापान, चीन और यूरोप को अपने Moon Mission में क़ामयाबी मिली.

हालांकि, चांद पर कदम रखने वाले पहले Astronaut थे, अमेरिका के Neil Armstrong...
वो अपोलो 11 मिशन के तीन अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थे. और जुलाई 1969 में चंद्रमा पर उतरने वाले दो अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थे.

इसके अलावा, भारत ने वर्ष 2022 तक, अंतरिक्ष में गगनयान भेजने का संकल्प लिया है. इस मिशन के तहत तीन Astronauts को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. इस कामयाबी के बाद भारत, दुनिया का चौथा ऐसा देश बन जाएगा, जिसने अंतरिक्ष में अपना कोई नागरिक भेजा हो. इससे पहले अमेरिका, Russia और चीन अपने Astronauts अंतरिक्ष में भेज चुके हैं.

इसके लिए भारतीय वायुसेना अगले दो महीनों में 10 संभावित Astronauts का चयन करेगी. और इन 10 में से 3 Astronauts को भारत के पहले Human Space Flight Mission के लिए चुना जाएगा.

अगर आप ध्यान से देखेंगे, तो भारत की क़ामयाबी में आपको अंतरिक्ष की एक नयी व्यवस्था नज़र आएगी. अंतरिक्ष में भारत की कामयाबी ने चीन, अमेरिका और यूरोप के देशों का प्रभाव बहुत कम कर दिया है. और दुनिया अच्छी तरह समझ चुकी है, कि अर्थव्यवस्था ही नहीं, विज्ञान में भी 21वीं सदी भारत की है.