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ZEE जानकारी: भारतीय वायु सेना की बढ़ेगी ताकत, मिलने जा रहा है शक्तिशाली हेलीकॉप्टर

दरअसल Indian Air Force को इसी महीने अमेरिका से लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे मिलने वाले हैं. इस हेलीकॉप्टर को Flying Tank भी कहा जाता है.

ZEE जानकारी: भारतीय वायु सेना की बढ़ेगी ताकत, मिलने जा रहा है शक्तिशाली हेलीकॉप्टर

इस महीने भारतीय वायु सेना को वो टैंक मिलेगा...जो देश के दुश्मनों का मनोबल पूरी तरह ध्वस्त कर देगा. अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर वायु सेना, टैंक का क्या करेगी क्योंकि टैंक का इस्तेमाल तो आर्मी करती है.

दरअसल Indian Air Force को इसी महीने अमेरिका से लड़ाकू हेलीकॉप्टर अपाचे मिलने वाले हैं. इस हेलीकॉप्टर को Flying Tank भी कहा जाता है. अमेरिकी सेना इनका इस्तेमाल वर्ष 1986 से कर रही है. इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान के युद्ध में ये हेलीकॉप्टर बड़ी भूमिका निभा चुका है. और अब इसका आधुनिक वर्ज़न AH-64E भारतीय वायु सेना का हिस्सा बनने जा रहा है. अगस्त में देश के सबसे संवेदनशील पठानकोट एयरबेस पर अपाचे हेलीकॉप्टर की पहली Squadron तैनात कर दी जाएगी.

सितंबर 2015 में भारत ने अमेरिका के साथ 22 अपाचे हेलीकॉप्टर ख़रीदने के लिये डील की थी. ये डील क़रीब 10 हज़ार करोड़ रुपये में हुई थी. और अब 4 साल के अंदर ही ये हेलीकॉप्टर भारतीय वायु सेना को मिल रहा है. 

शुरुआत में 3 से 4 अपाचे हेलीकॉप्टर ग़ाज़ियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंचेंगे और फिर अगले वर्ष 2020 तक सभी 22 अपाचे वायु सेना में शामिल हो जाएंगे. पंजाब के पठानकोट के अलावा असम के जोरहाट में इसकी दूसरी Squadron तैनात की जाएगी.

पठानकोट में लड़ाकू हेलीकॉप्टर की तैनाती बहुत ज़रूरी है. ये शहर हर युद्ध में पाकिस्तान के Target पर रहा है. Map पर पठानकोट ठीक भारत की गर्दन के पास स्थित है. और अगर यहां दुश्मन ने हमला किया, तो जम्मू-कश्मीर से बाक़ी देश का संपर्क ख़तरे में पड़ जाएगा. ((अब पठानकोट एयरबेस को और मज़बूत बनाने के लिये यहां अपाचे हेलीकॉप्टर तैनात किये जा रहे हैं.)) 

अभी पठानकोट में रूस से तीन दशक पहले ख़रीदे गये Attack Helicopter Mi-35 (एमआई-35) तैनात हैं.
अपाचे हेलीकॉप्टर में दो पायलट होते हैं. इनमें एक पायलट हेलीकॉप्टर को उड़ाता है...और दूसरा दुश्मनों पर हमला करता है.
अपाचे क़रीब 280 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से उड़ता है. इसका सबसे घातक हथियार एंटी-टैंक मिसाइल Hell-fire है...जो 8 किलोमीटर की दूरी तक टैंक पर वार कर सकती है. 

वर्ष 2015 में अमेरिका के साथ 15 शिनूक Helicopters का भी सौदा किया गया था. 

इनकी डिलीवरी इस वर्ष फरवरी से शुरू हो चुकी है. पहले 4 शिनूक हेलीकॉप्टर चंडीगढ़ एयरबेस पर तैनात किये गये हैं. ये 2 Rotors वाला Transport हेलीकॉप्टर है...जो 9000 किलो तक वज़न उठा सकता है. ये हेलीकॉप्टर भारी मशीन और तोप के साथ-साथ कारगिल जैसे पहाड़ी इलाकों में हथियारों से लैस गाड़ियों को पहुंचा सकता है. आज आपको शिनूक के भारत आगमन का एक वीडियो दिखाते हैं. शिनूक हेलीकॉप्टर फरवरी में समुद्र के रास्ते भारत पहुंचे थे.