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ZEE जानकारी: लोकसभा में हो रहा है ज्यादा काम, आधी रात तक हो रही है चर्चा

17वीं लोकसभा के बजट सत्र में पहले के मुकाबले ज़्यादा काम हो रहा है 

ZEE जानकारी: लोकसभा में हो रहा है ज्यादा काम, आधी रात तक हो रही है चर्चा

वक्त की बर्बादी सबसे खतरनाक होती है . लेकिन, जहां समय बर्बाद नहीं होता है, वहां काम की रफ्तार बहुत तेज होती है . आपको ये जानकर बहुत खुशी होगी कि देश संसद में अब पहले से ज्यादा काम हो रहा है . आपके सांसद अब आपकी समस्याओं पर पहले से ज़्यादा ध्यान दे रहे हैं . और जनता से जुड़े मुद्दों पर अब पहले से ज्यादा चर्चा हो रही है . 

17वीं लोकसभा के बजट सत्र में पहले के मुकाबले ज़्यादा काम हो रहा है .हम संसद के कामकाज में हुए इस अभूतपूर्व सुधार का Special DNA टेस्ट करेंगे . 
Research Agency PRS के मुताबिक 17वीं लोकसभा के मौजूदा सत्र में 20 वर्षों में सबसे ज्यादा काम करने का Record बना है .

17 जून 2019 से 16 जुलाई 2019 के बीच लोकसभा में करीब 151 घंटे काम हुआ है . 

इन्हीं तारीखों के बीच में राज्यसभा में करीब 99 घंटे काम हुआ है . 

अगर हम ये मानें कि संसद में 100 प्रतिशत काम है . तो 16वीं लोकसभा में करीब 84 प्रतिशत काम हुआ था . लेकिन 17वीं लोकसभा के मौजूदा सत्र में 128 प्रतिशत काम हुआ है . लोकसभा में अब मध्य रात्रि में भी चर्चा हो रही है . इस सत्र में दो बार लोकसभा में रात 12 बजे तक चर्चा होती रही . 

इसी हफ्ते मंगलवार को... कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुदानों पर चर्चा के लिए स्पीकर ने 132 सांसदों को बोलने का मौका दिया . ये बहुत अच्छा संकेत है कि किसानों के मुद्दों पर लोकसभा में रात 12 बजे तक चर्चा होती रही . पिछले हफ्ते 11 जुलाई को रेल मंत्रालय के अनुदानों पर भी रात 12 बजे तक चर्चा हुई . 

लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला... रात 12 बजे के बाद भी चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए तैयार थे . लेकिन तारीख बदल जाने की वजह से लोकसभा की कार्यवाही में तकनीकी परेशानी आती, इसलिए चर्चा को रोक दिया गया . इस अभूतपूर्व बदलाव विपक्ष के सांसद भी संतुष्ट नज़र आ रहे हैं . आम तौर पर सरकार और विपक्ष में मतभेद होता है लेकिन इस मुद्दे पर दोनों पक्षों में कोई मतभेद नहीं है . 

संसद का नियम है कि मंत्रियों के द्वारा विधेयक पेश किए जाने के बाद सांसद चर्चा और बहस करते हैं . इसके बाद संबंधित विभाग के मंत्री सवालों का जवाब देते हैं . लेकिन पहली बार मंत्रियों के जवाब के बाद भी सांसदों को स्पष्टीकरण मांगने का मौका दिया जा रहा है . इससे पहले सांसदों को ये मौका विशेष दिनों में ही मिलता था . बजट सत्र में परिवहन मंत्रालय की अनुदान मांगों पर नितिन गडकरी के जवाब के बाद भी 5 सांसदों को स्पष्टीकरण मांगने का मौका दिया गया . 

पहले सबसे ज्यादा हंगामा प्रश्नकाल और शून्य काल में होता था . लेकिन अब प्रश्न काल और शून्य काल में भी पहले के मुकाबले ज़्यादा काम हो रहा है . 

लोकसभा हर दिन... प्रश्न काल के लिए 20 सवाल तय करती है . पहले, प्रश्न काल के एक घंटे में 20 सवालों की List में से 5 से 6 सवाल ही पूरे हो पाते थे . लेकिन अब हर दिन करीब 10 सवालों के जवाब दिए जा रहे हैं . 

शून्य काल में भी अब सांसदों को चर्चा का ज़्यादा मौका मिल रहा है . कई बार शून्य काल का वक्त एक घंटे से बढ़कर डेढ़ घंटे कर दिया जाता है . पिछले हफ्ते बुधवार को शून्य काल में स्पीकर ओम बिरला ने 84 सांसदों को बोलने का मौका दिया . ये लोकसभा के इतिहास में एक Record है . 

संसद का कीमती समय बचाने के लिए स्पीकर ओम बिरला ने एक और पहल की है . आपने देखा होगा... संसद में जब भी कोई सांसद बोलने के लिए खड़ा होता है . वो सबसे पहले लोकसभा के स्पीकर का धन्यवाद देता है . ओम बिरला ने अब स्पीकर को धन्यवाद देने की परंपरा को खत्म करने की अपील की है ताकि समय की बचत हो . 

स्पीकर ने सभी सांसदों को सलाह दी है कि वो सवाल पूछने के तरीके में बदलाव करें . सांसद, कम समय में सीधा सवाल पूछें और मंत्री भी To the Point जवाब दें .

इतिहास में पहली बार 17वीं लोकसभा के बजट सत्र में नए सांसदों को सबसे ज्यादा बोलने का मौका मिला है . लोकसभा में 259 नए सांसद चुने गए हैं . इनमें से 169 सांसद, अब तक लोकसभा में बोल चुके हैं . इस बार लोकसभा में कुल 78 महिला सांसद हैं . इनमें से 43 महिला सांसद, पहली बार चुनाव जीत कर संसद में पहुंची हैं . 43 नई महिला सांसदों में से 39 लोकसभा को संबोधित कर चुकी हैं .

नए स्पीकर ओम बिरला, संसद में अनुशासन को लेकर काफी सख्त हैं . वो बैठे-बैठे टीका टिप्पणी करने वाले सांसदों को लगातार चेतावनी दे रहे हैं . इस वजह से लोकसभा में शोर पहले के मुकाबले कम हुआ है . 

ओम बिरला अंग्रेज़ों के ज़माने से चली आ रही परंपराओं को भी खत्म कर रहे हैं . लोकसभा की कार्यवाही में पहली बार... पूरी तरह हिंदी का प्रयोग शुरू हुआ है . पहले Bill Pass करने के दौरान Yes और No का प्रयोग होता था .लेकिन अब ओम बिरला, इसके लिए हां और नहीं का इस्तेमाल कर रहे हैं . 

स्पीकर ने अपने काम काज से पूरे देश को प्रभावित किया है . आज हमने उनकी विशेष कार्यशैली पर एक वीडियो बनाया है जो आपको काफी पसंद आएगा .