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ZEE जानकारी: नई मोदी कैबिनेट ने पहले दिन लिए बड़े फैसले?

नई मोदी कैबिनेट की आज पहली बैठक हुई और आज प्रधानमंत्री ने जय जवान और जय किसान वाला संदेश दिया है. मोदी कैबिनेट ने आज दो बड़े फ़ैसले लिये हैं. 

ZEE जानकारी: नई मोदी कैबिनेट ने पहले दिन लिए बड़े फैसले?

नई मोदी कैबिनेट की आज पहली बैठक हुई और आज प्रधानमंत्री ने जय जवान और जय किसान वाला संदेश दिया है. मोदी कैबिनेट ने आज दो बड़े फ़ैसले लिये हैं. 

सबसे बड़ा फ़ैसला किसानों को लेकर है. मोदी सरकार अब हर किसान को 6 हज़ार रुपये देगी. इससे पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना सिर्फ़ 5 एकड़ ज़मीन वाले किसानों के लिये ही थी..और उन्हीं को 6 हज़ार रुपये दिये जा रहे थे. लेकिन अब ये योजना देश के सभी किसानों के लिये लागू कर दी गई है.

इसका फ़ायदा देश के 15 करोड़ किसान परिवारों को मिलेगा. पहले इस योजना का फ़ायदा सिर्फ़ 12 करोड़ किसान परिवारों को मिल रहा था. सरकार इस योजना के तहत सभी किसानों के बैंक खातों में सालाना 6 हज़ार रुपये डालती है. ये रक़म तीन किस्तों में दी जाती है.

एक और अच्छा फ़ैसला जवानों के परिवारों के लिये लिया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने शहीद जवानों के बच्चों को दिए जाने वाली Scholarship को बढ़ा दिया है.

Prime Minister Scholarship Scheme, National Defence Fund के तहत है. आज कैबिनेट की बैठक में इसमें कई बदलाव किये गये हैं.
शहीदों जवानों के बेटों को हर महीने दो हज़ार रुपये Scholarship मिलती है...जिसे बढ़ाकर ढाई हज़ार रुपये कर दिया गया है जबकि बेटियों की Scholarship दो हज़ार 250 रुपये से बढ़ाकर तीन हज़ार रुपये कर दी गई है.

अब ये Scholarship आतंकी या नक्सली हमलों में शहीद होने वाले राज्य पुलिस के जवानों के बच्चों को भी दी जाएगी. उन्हें 500 रुपये Scholarship दी जाएगी. प्रधानमंत्री ने इस फ़ैसले के बाद Tweet भी किया. उन्होंने लिखा कि

हमारी सरकार का पहला फैसला उनको समर्पित है, जो भारत की रक्षा करते हैं. National Defence Fund के तहत PM Scholarship Scheme में बड़े बदलावों को मंजूरी दी गई है, जिसमें आतंकी या माओवादी हमलों में शहीद पुलिसवालों के बच्चों की Scholarship बढ़ाना भी शामिल है.

प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने से पहले भी नरेंद्र मोदी इंडिया गेट के पास बने National War Memorial गये थे. और अब नई सरकार में भी उन्होंने सेना और जवानों से जुड़ा फ़ैसला लिया है. 

वर्ष 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे...तब उन्होंने सबसे पहला दस्तख़त गोरखपुर रेल हादसे के बाद दिये गये सरकारी मुआवज़े पर किया था. इस हादसे में 40 लोगों की मौत हो गई थी...जबकि 150 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे .

आज प्रधानमंत्री मोदी जब अपने दफ़्तर गये...तो आम दिनों से ये दिन अलग था. वो दोबारा प्रधानमंत्री बनकर PMO में आये तो उनका स्वागत हुआ. प्रधानमंत्री ने अपने कमरे में दाख़िल होने के बाद सबसे पहले वहां रखी महात्मा गांधी और सरदार पटेल की मूर्ति को फूल चढ़ाये. इस तरह उन्होंने पूरे देश को ये संदेश दिया है कि मोदी सरकार का दूसरा कार्यकाल किन आदर्शों पर रहेगा. गांधी दुनिया में शांति का संदेश देते हैं...जबकि सरदार पटेल को देश की एकता और अखंडता के लिये जाना जाता है.

लोकसभा चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी 25 मई को गुजरात दौरे पर गये थे...तब वो नर्मदा ज़िले में बनाई गई सरदार पटेल की सबसे ऊंची मूर्ति पर गये और वहां उन्हें श्रद्धांजलि दी.

और कल यानी 30 मई को शपथ लेने से पहले प्रधानमंत्री मोदी दिल्ली में राजघाट गये थे. और वहां जाकर उन्होंने महात्मा गांधी की समाधि पर फूल चढ़ाये थे

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले ही दिन दो-दो बुरी ख़बरें आई हैं. आप कह सकते हैं कि सरकार की दूसरी पारी की शुरुआत मिली-जुली रही. एक तरफ़ तो प्रधानमंत्री ने देश के जवानों और किसानों के लिए बड़े फ़ैसले लिए. वहीं, इन बुरी ख़बरों ने सरकार के ओपेनिंग शॉट का मज़ा किरकिरा कऱ दिया.

अब आप को बताते हैं वो बुरी ख़बर क्या है. देश में बेरोज़गारी की दर 2017-2018 के वित्तीय वर्ष में 6.1 प्रतिशत हो गई. ये आधिकारिक आंकड़े आज जारी किए गए है. इन आंकड़ों के हिसाब से 2017-2018 में बेरोज़गारी की दर पिछले 45 वर्ष में सबसे ज़्यादा थी. आज ये आंकड़े National Sample Survey Office ने जारी किए. शहरी युवाओं के बीच बेरोज़गारी की दर 7.8 प्रतिशत है. जबकि ग्रामीण इलाक़ों में बेरोज़गारी की दर 5.3 प्रतिशत थी.

राष्ट्रीय स्तर पर युवा पुरुषों के बीच बेरोज़गारी दर 6.2 प्रतिशत और महिलाओं की बेरोज़गारी की दर 5.7 प्रतिशत थी.

देश में बेरोज़गारी से जुड़े ये आंकड़े चुनाव से पहले इस साल जनवरी महीने में लीक हो गए थे. तब नीति आयोग ने कहा था कि ये फ़ाइनल data नहीं है. लेकिन अब आधिकारिक आंकड़े जारी होने से साफ़ हो गया है कि इस समय देश में बेरोज़गारी की दर पिछले 45 वर्ष में सबसे ज़्यादा है. आज आई दूसरी ख़बर भी अर्थव्यवस्था से ही जुड़ी है.

देश के आर्थिक विकास की दर भी पिछले साल के मुक़ाबले घट गई. 2018-2019 के वित्त वर्ष की आख़िरी तिमाही यानी जनवरी से मार्च महीने में विकास दर केवल 5.8 प्रतिशत थी. जबकि इसी 2017-2018 में इसी दौरान अर्थव्यवस्था 8.1 प्रतिशत की दर से बढ़ रही थी. 

2018-2019 के वित्त वर्ष में देश की विकास दर 6.8 प्रतिशत रही है. जबकि 2017-2018 में देश की Economy 7.2 प्रतिशत की दर से बढ़ रही थी. यानी पिछले वित्तीय वर्ष के मुक़ाबले इस साल विकास दर में 0.4 प्रतिशत की कमी आई है. 

ये आंकड़े Central Statistical Organization ने जारी किए हैं. जो सरकार के लिए परेशान करने वाले हैं. हम उम्मीद करते हैं कि नई सरकार इन चुनौतियों का हल निकाल लेगी और देश को प्रगति की नई ऊंचाई पर ले जाएगी.