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ZEE जानकारी: पाकिस्तान ने किया भारतीय एयर स्पेस में घुसने का दुस्साहस

आज सबसे पहले युद्ध के संदर्भ में चीन के Founding Father, Mao Zedong द्वारा कही गई एक बात का ज़िक्र करेंगे.

ZEE जानकारी: पाकिस्तान ने किया भारतीय एयर स्पेस में घुसने का दुस्साहस

आज सबसे पहले युद्ध के संदर्भ में चीन के Founding Father, Mao Zedong द्वारा कही गई एक बात का ज़िक्र करेंगे.

वो कहते थे, किसी युद्ध को समाप्त करने के लिए युद्ध लड़ना ही एकमात्र तरीका है. अगर आप बंदूक से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो ये बहुत ज़रुरी हो जाता है, कि आप भी बंदूक उठाएं. अगर आप बंदूक नहीं उठाएंगे तो इससे आपके दुश्मन को फायदा होगा

आज हमने इस कथन का ज़िक्र इसलिए किया, क्योंकि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ अघोषित युद्ध की शुरुआत कर दी है. कल भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर बम गिराए थे. जिसका नतीजा ये हुआ, कि पाकिस्तान बौखला गया. 

और इस हमले के लगभग 30 घंटे के बाद, आज सुबह क़रीब 10 बजे पाकिस्तानी वायुसेना के तीन Fighter Jets ने Indian Air-Space में घुसने का दुस्साहस किया. इन तीनों Fighter Jets ने नौशेरा, पुंछ और राजौरी में भारतीय वायुसीमा का उल्लंघन किया. वो यहीं तक सीमित रहते और वापस चले जाते, तो अच्छा होता. लेकिन इसके बाद उन्होंने जो कुछ भी किया, उसे अघोषित युद्ध ही कहा जाएगा. पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने भारत की सीमा में घुसकर 6 अलग-अलग ठिकानों पर बम गिराए. हालांकि, जिन इलाकों में बम गिराए गए, वहां पर जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. पाकिस्तान ये दावा कर रहा है, कि उसने भारत की सीमा में घुसकर हमारे सैन्य ठिकानों और आबादी को निशाना नहीं बनाया. लेकिन सच्चाई कुछ और ही है. क्योंकि, पाकिस्तानी Fighter Jets का इरादा, भारत के बड़े, Military Installation या Ammunition Depot को तबाह करना था. 

और इसके लिए पाकिस्तान के तीनों लड़ाकू विमानों ने राजौरी के Nadian गांव में सेना के हथियारों के डिपो पर हमला किया.

उन्होंने राजौरी ज़िले के Laam और Jhangar में भारतीय सेना की Battalions के हेडक्वार्टर पर भी हमला किया. 

लेकिन भारतीय सेना और वायुसेना की जवाबी कार्रवाई में तीनों पाकिस्तानी Fighter Jets को Indian Air-Space से भागना पड़ा. 

भारत की तरफ से ये कार्रवाई दो तरीकों से की गई.

ज़मीन पर तैनात भारत के Ground Troops ने Air Defence Guns से पाकिस्तानी Jets पर हमला किया. 

जबकि, आसमान में भारत के MiG 21 Bison, Fighter Aircrafts ने पाकिस्तानी Fighter Jets को खदेड़ दिया. 

इस हवाई हमले में भारतीय वायुसेना ने तीन में से एक पाकिस्तानी लड़ाकू विमान को मार गिराया. ज़मीन पर तैनात भारतीय जवानों ने विमान के मलबे को पाकिस्तान के इलाके में नीचे गिरते हुए भी देखा. और प्रत्यक्षदर्शियों ने पाकिस्तानी Pilot को पैराशूट की मदद से नीचे उतरते हुए भी देखा. 

हालांकि, इस जवाबी कार्रवाई में भारत को एक MiG 21 विमान का नुकसान सहना पड़ा. दुख की बात ये है, कि इस कार्रवाई में शामिल एक Pilot को पाकिस्तान ने अपने कब्ज़े में ले लिया है. 

अभी आपने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता को ये कहते हुए सुना, कि पाकिस्तानी Fighter Jets को खदेड़ने वाले MiG 21 का एक Pilot लापता है. और आज सुबह से ही पाकिस्तान, भारतीय वायुसेना के एक Pilot के Video को आधार बनाकर Propaganda कर रहा है. और Social Media के माध्यम से भड़काऊ Videos भी Post कर रहा है. हालांकि, पाकिस्तान ने बेहद चालाकी से ये साबित करने की कोशिश की है, कि वो Geneva Convention का ईमानदारी से पालन करने वाला देश है. पाकिस्तान ने ना सिर्फ ये दावा किया, कि उसने भारतीय Pilot के साथ बहुत अच्छा व्यवहार किया है. बल्कि Geneva Convention का पूरा पालन करते हुए उसकी तस्वीर भी Media में जारी नहीं की है. लेकिन दूसरी तरफ उसने अपने कब्ज़े में आए Pilot के एक नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग Videos अपने Media और Social Media के ज़रिए फैला दिए हैं. 

पाकिस्तान की इस ओछी हरकत पर आज विदेश मंत्रालय ने भी कड़ी आपत्ति जताई है. विदेश मंत्रालय ने भारत में पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को तलब करके, इस हरकत की निन्दा की है. 

भारतीय वायुसेना के बहादुर और घायल Pilot की तस्वीरें सार्वजनिक करने की हरकत को भारत ने असभ्य बताया है. 
पाकिस्तान के हाई कमिश्नर को साफ शब्दों में कह दिया गया है, कि Pilot के साथ अमानवीय सलूक करके, पाकिस्तान ने तमाम अंतर्राष्ट्रीय कानून और Geneva Convention का उल्लंघन किया है. पाकिस्तान को चेतावनी दे दी गई है, कि उसके कब्ज़े में मौजूद भारतीय Pilot को खरोंच तक नहीं आनी चाहिए. साथ ही भारत ने ये भी उम्मीद जताई है, कि पाकिस्तान उस Pilot को सुरक्षित और बहुत जल्द वापस भेज देगा. 

इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान को पुलवामा आतंकवादी हमले में जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका से संबंधित एक Dossier भी सौंपा गया है. इस Dossier में पाकिस्तान में मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी Camps और उनमें मौजूद आतंकवादियों के बारे में जानकारियां भी सौंपी गई. 

यहां आपको ये भी पता होना चाहिए, कि Armed Conflict यानी युद्ध की स्थिति में किसी देश के सैनिक को लेकर Geneva Conventions के नियम क्या कहते हैं ?

12 अगस्त 1949 को Geneva Conventions के अनुसार जो नियम बनाए गए थे, उनके मुताबिक, दो देशों के बीच टकराव की स्थिति में स्थानीय लोग, जो ऐसे किसी संघर्ष का हिस्सा नहीं हैं, उनके साथ अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए.

नियमों के मुताबिक ऐसी किसी भी स्थिति में आम नागरिकों पर किसी भी प्रकार का अत्याचार नहीं होना चाहिए.

एक नियम ये भी कहता है, कि युद्ध की स्थिति में अगर किसी भी देश का सैनिक पकड़ा जाता है, तो उसके साथ अमानवीय व्यवहार नहीं होना चाहिए. किसी भी युद्धबंदी के शरीर के साथ अमानवीय हरकत नहीं की जा सकती.

नियम ये भी कहता है, कि सैनिकों के शरीर को क्षत-विक्षत करना, उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना, युद्ध के नियमों के ख़िलाफ है. और पाकिस्तान इन सभी नियमों का उल्लंघन एक बार नहीं कई बार कर चुका है.

अगर किसी ज़ख्मी सैनिक की हत्या की जाती है और उसके शरीर के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है, तो इसे Geneva Conventions के तहत बनाए गए नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.

और अगर कोई देश इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो दूसरा देश उसके ख़िलाफ International Court Of Justice में अपील कर सकता है.

पाकिस्तान ने वैसे तो वर्ष 1951 में ही Geneva Conventions पर हस्ताक्षर कर दिए थे. लेकिन नियमों को ना मानना उसकी पुरानी आदत है. भारत और पाकिस्तान में एक बहुत बड़ा फर्क ये भी है, कि भारत मर्यादाओं का पालन करने वाला देश है. जबकि पाकिस्तान की सोच में आतंकवाद का ज़हर भरा हुआ है. फिलहाल स्थिति ये है कि पाकिस्तान मर्यादाओं की सारी सीमाएं तोड़कर युद्ध के लिए बेचैन हो गया है. ऐसे में पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देना भी ज़रूरी है.

बात चाहे सैनिकों की हो...सरकारों की हो...पत्रकारों की हो....या फिर आम नागरिकों की हो...सभ्य समाज में शिष्टाचार का होना ज़रुरी है. लेकिन, पाकिस्तान की नज़र में 'शिष्टाचार' की कोई अहमियत नहीं है.

पाकिस्तान को नैतिकता का पाठ पढ़ाने के लिए आज हम भारत के Field Marshal Sam Manekshaw के एक बयान की मदद लेंगे. अभी आप 16 दिसम्बर 1971 की वो तस्वीरें देख रहे हैं, जब पाकिस्तान के 93 हज़ार सैनिकों ने भारतीय सेना के सामने सरेंडर किया था. आपमें से बहुत कम लोग ऐसे होंगे, जिन्हें इस बात की जानकारी होगी, कि पाकिस्तान के इन 93 हज़ार सैनिकों के साथ भारत ने कैसा बर्ताव किया था? आज हमने ज़ी न्यूज़ की लाइब्रेरी से 1971 के युद्ध में तत्कालीन सेनाध्यक्ष रहे फील्ड मार्शल सैम Manekshaw के Interview का एक हिस्सा निकाला है. ये Interview ख़ास तौर पर पाकिस्तान की सरकार, वहां की सेना और वहां के पत्रकारों के लिए है. अगर वो इस वक्त Zee News देख रहे हैं...तो पाकिस्तानी के युद्धबंदियों को लेकर स्वर्गीय सैम Manekshaw द्वारा कही गई बातें....उनके विचारों को शुद्ध कर सकती हैं.
<<Hold & Roll Sam Manekshaw Byte>>

बांग्लादेश की आज़ादी के संघर्ष में मददगार मित्र वाहिनी यानि भारतीय सेना ने हथियार डालने वाले 93 हज़ार पाकिस्तानी सैनिकों को जेनेवा संधि के मुताबिक इज्ज़त और आराम से रखा. युद्धबंदियों के कैंप में मशहूर भारतीय फिल्में दिखाई गईं, उन्हें उनके घर खबर करने की सुविधा दी गई, यहां तक कि उनका इलाज भी करवाया गया. इतना ही नहीं, कारगिल युद्ध के बाद भी भारतीय सेना ने सैनिक मर्यादा कभी नहीं भुलाई. कारगिल में पकड़े गए हर पाकिस्तानी सैनिक को जेनेवा संधि के मुताबिक रखा गया और उन्हें वापस भेजा गया. मारे गए पाकिस्तानी सैनिकों के शवों को पूरे सैनिक सम्मान के साथ या तो दफनाया गया या पाकिस्तान को सौंपा गया. लेकिन भारतीय युद्धबंदियों में से कई तो ऐसे थे, जिनका आज तक कोई अता-पता नहीं है. इसीलिए, हमने कहा, कि पाकिस्तान से शिष्टाचार की उम्मीद करने से कुछ नहीं होगा. भारत को पाकिस्तान पर दबाव डालना होगा और उस पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी.

अब ये समझिए, कि हम पाकिस्तान द्वारा Indian Air Space के उल्लंघन को सीधे-सीधे युद्ध की संज्ञा क्यों दे रहे हैं ? इसके लिए आपको पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए बयान की कुछ मुख्य बातें पता होनी चाहिए.

पाकिस्तान का दावा है, कि उसकी वायुसेना ने पाकिस्तान की सीमा में रहते हुए, Line of Control के उस पार हवाई हमले किए. 
जबकि सच्चाई ये है, कि पाकिस्तान के Fighter Jets, क़रीब 3 किलोमीटर अंदर तक भारत की सीमा में घुसे.

पाकिस्तान के मुताबिक उसने बदले की कार्रवाई नहीं की है. जबकि, सच ये है, कि उसका मकसद ही बालाकोट हमले का बदला लेना था. 

पाकिस्तान ये भी कह रहा है, कि उसके द्वारा आज किया गया हवाई हमला, गैर-सैन्य ठिकानों और गैर आबादी वाले इलाकों में हुआ. लेकिन, सच ये है, कि पाकिस्तान ने भारतीय सेना के हेडक्वार्टर्स और Military Installations पर हमला करने की कोशिश की.

पाकिस्तान ने अपने बयान में आत्मरक्षा की दुहाई भी दी है. और कहा है, कि वो किसी भी प्रकार के युद्ध के लिए तैयार है. लेकिन हमारा मानना ये है, कि आज पाकिस्तान ने एक प्रकार से अघोषित युद्ध का ऐलान कर दिया है. भारत की सीमा के अंदर ना तो कोई आतंकवादी कैम्प है. और ना ही हमारे देश में आतंकवादियों के कैंप हैं. ऐसे में भारतीय वायुसीमा का उल्लंघन करके और हमारे सैन्य ठिकानों पर हमला करके पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया है. 

UN Charter का आर्टिकल 2 कहता है, कि United Nations के सभी सदस्य देश किसी भी दूसरे देश की सामरिक और राजनैतिक स्वतंत्रता के खिलाफ सैन्य शक्ति का इस्तेमाल नहीं कर सकते. यानी किसी दूसरे देश की सीमा के भीतर घुसकर हमला करना UN Charter का उल्लंघन है. Experts का मानना है, कि पाकिस्तान ने आज जो हमला किया है, वो इसी श्रेणी में आता है. 

इसके अलावा United Nations चार्टर के आर्टिकल 51 के मुताबिक, United Nations के सदस्य देशों के पास अपनी आत्मरक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई करने का अधिकार है. 

अगर United Nations के किसी सदस्य देश पर कोई Armed Attack...यानी सैन्य हमला होता है, तो उस देश को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार है. इस मामले में भी ऐसा ही हुआ है. 

क्योंकि, 26 फरवरी को भारत ने पाकिस्तान पर हमला नहीं किया था. बल्कि वहां मौजूद आतंकवादी संगठन के कैम्प को निशाना बनाया था. 

ये कार्रवाई Non-Military थी. जिसमें किसी सैन्य ठिकाने या आबादी पर हमला नहीं किया गया. 

जबकि दूसरी तरफ पाकिस्तान द्वारा आज की गई कार्रवाई सीधे-सीधे भारत की संप्रभुता पर किया गया हमला था.