ZEE जानकारी: पाकिस्तान को भारत के टीवी शो से महसूस हो रहा है खतरा

पाकिस्तान के चीफ जस्टिस मियां साक़िब निसार ने कहा है, कि पाकिस्तानी चैनल्स पर भारत के TV Shows नहीं चलेंगे. क्योंकि हिन्दुस्तानी Content से पाकिस्तान की तहज़ीब, बर्बाद हो सकती है.

ZEE जानकारी: पाकिस्तान को भारत के टीवी शो से महसूस हो रहा है खतरा

अब आपको पाकिस्तान लेकर चलते हैं.  क्योंकि, जिस देश की सभ्यता और संस्कृति की रग-रग में आतंकवाद का निवास हो चुका है. अब उसी देश को अपने देश में दिखाए जाने वाले भारतीय चैनल्स के Content से ख़तरा महसूस होने लगा है. पाकिस्तान के चीफ जस्टिस मियां साक़िब निसार ने कल धमकी भरे अंदाज़ में कहा है, कि पाकिस्तानी चैनल्स पर भारत के TV Shows नहीं चलेंगे. क्योंकि हिन्दुस्तानी Content से पाकिस्तान की तहज़ीब, बर्बाद हो सकती है. इससे पाकिस्तान की संस्कृति को बहुत नुकसान हो रहा है.

पाकिस्तान के चीफ जस्टिस, Pakistan Electronic Media Regulatory Authority की याचिका पर सुनवाई कर रहे थे. इस Authority की तरफ से ये दलील दी गई, पाकिस्तान में एक चैनल पर 65 प्रतिशत विदेशी Content है. और कई बार ये 80 फीसदी से भी ज्यादा हो जाता है. इसके बाद, पाकिस्तान के चीफ जस्टिस ने कहा, कि वो पाकिस्तानी चैनल्स पर भारतीय Content को दिखाने की इजाज़त नहीं देंगे

इससे पहले अक्टूबर 2016 में, Pakistan Electronic Media Regulatory Authority ने स्थानीय TV Channels और FM Radio Channels पर भारतीय Content के प्रसारण पर रोक लगा दी थी.

लेकिन 2017 में लाहौर हाई कोर्ट ने इस बैन को ख़त्म कर दिया था. इसके बाद पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अक्टूबर 2018 में लाहौर हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया और भारतीय Content के प्रसारण पर दोबारा रोक लगा दी. अब पाकिस्तान के कुछ लोग इस प्रतिबंध को हटवाना चाहते हैं. लेकिन वहां के चीफ जस्टिस को भारतीय Content से नफ़रत है.

वैसे ये कोई नई बात नहीं है. अगस्त 2016 में इमरान ख़ान की पार्टी.. PTI ने पाकिस्तान में हिंदी में डब किए गए Cartoons डोरेमॉन और छोटा भीम पर रोक लगाने की मांग की थी. और इसके पीछे ये दलील दी गई थी, कि भारतीय कार्टून्स पाकिस्तान पर सांस्कृतिक हमला कर रहे हैं. क्योंकि ये कार्टून कैरेक्टर हिंदी बोलते हैं, जिससे पाकिस्तान के बच्चे भी हिंदी भाषा के शब्द सीख रहे हैं.

वहां की आम बोलचाल में हिंदी के शब्द बढ़ रहे हैं और इससे पाकिस्तान की संस्कृति को खतरा है.  यहां सवाल ये भी है कि पाकिस्तान की मूल संस्कृति क्या है ? पाकिस्तान तो बंटवारे के बाद बना था.. ऐसे में उसकी मूल संस्कृति का प्रश्न कहां से आ गया ? सच ये है कि भारतीय उप-महाद्वीप की संस्कृति ही... पाकिस्तान की संस्कृति है. और इससे पाकिस्तान को ख़तरा नहीं है

ज़ी न्यूज़ को पाकिस्तान के लोग किसी ना किसी तरीके से देख ही लेते हैं और इसकी चुभन कई बार आतंकवादियों के चेहरे और उनकी बातों पर साफ़ दिखाई देती है. 

पाकिस्तान की समस्या ये है, कि वो भारत की पूरी संस्कृति को ही अपने लिए खतरा मानता है.

आपको शायद ये बात पता ना हो, कि पाकिस्तान के DNA में नफ़रत का ज़हर भरने वाले जनरल ज़िया उल हक़, खुद भारतीय फिल्मों के बहुत बड़े फैन थे. वर्ष 1971 में पाकिस्तान में भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. लेकिन 1981 में जनरल ज़िया उल हक ने 'नूर-जहां' फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग की इजाज़त दी थी. लेकिन जैसे-जैसे वक्त बीतता गया, पाकिस्तानी समाज पर कट्टरवादी सोच हावी होने लगी.

पाकिस्तानी मीडिया और पाकिस्तानी सरकार आज भी भारतीय संस्कृति के खिलाफ उसी नीति का पालन कर रही है. लेकिन पाकिस्तान के बड़े-बड़े Actors और Singers को क़ामयाब बनाने के पीछे इसी हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री का बहुत बड़ा योगदान है. आप ये भी कह सकते हैं, कि उन सभी की रोज़ी-रोटी का एकमात्र ज़रिया भारत और यहां का Content ही था.

फवाद खान जैसे Actor एक फिल्म के लिए 2 करोड़ रुपये लेते हैं. आतिफ असलम जैसे गायक एक गीत के लिए 10 लाख रुपये लेते हैं. स्टेज शो के लिए 35 लाख रुपये चार्ज करते हैं. अली ज़फर एक फिल्म में एक्टिंग के लिए 3 करोड़ रुपये लेते हैं. राहत फतेह अली खान भी एक गाने के लिए क़रीब 15 लाख रुपये चार्ज करते हैं. यानी पाकिस्तान से आए कलाकारों को बॉलीवुड में खूब पैसा भी मिला और सम्मान भी मिला. लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान के चीफ जस्टिस को लगता है, कि भारत का Content, पाकिस्तान को बर्बाद कर रहा है. 

पाकिस्तान को चलाने वाले लोग ये बात नहीं समझते कि वो किसी बंकर में छुपकर हमारी वैचारिक मिसाइलों के हमले से नहीं बच सकते. और ब्लैकआउट कर देने से भी हमारी वैचारिक मिसाइलों की दिशा नहीं बदलेगी. ज़ी न्यूज़ पाकिस्तान के आतंकवादियों और भ्रष्ट राजनेताओं पर वैचारिक मिसाइलें छोड़ता रहेगा और पाकिस्तान की आम जनता.. छुप छुपकर ज़ी न्यूज़ और अपनी पसंद के अन्य भारतीय चैनल देखती रहेगी.

 

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