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ZEE जानकारी: पुणे पुलिस की रिपोर्ट में दावा- गौतम नवलखा का था आतंकियों से रिश्ता

भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले की जांच कर रही पुणे पुलिस ने अपनी रिपोर्ट Bombay High Court में पेश की है . 

ZEE जानकारी: पुणे पुलिस की रिपोर्ट में दावा- गौतम नवलखा का था आतंकियों से रिश्ता

और आज हम बारूदी बुद्धिजीवियों और आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के बीच के रिश्तों को Decode करेंगे . भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले की जांच कर रही पुणे पुलिस ने अपनी रिपोर्ट Bombay High Court में पेश की है . 

रिपोर्ट में संकेत किया गया है कि पत्रकार और बुद्धिजीवी गौतम नवलखा के संबंध जम्मू और कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से हैं . ये दावा पुणे पुलिस ने एक चिट्ठी के आधार पर किया है जो शहरी नक्सलवाद के आरोपी Rona Wilson के Laptop से मिली है . पुणे पुलिस के मुताबिक इस चिट्ठी में गौतम नवलखा को GN और हिजबुल मुजाहिदीन को HM का नाम दिया गया है . 

गौतम नवलखा पर ये आरोप लगाया गया है कि वो जम्मू और कश्मीर में Active आतंकवादी संगठन और माओवादी आंतकवादियों को एक साथ लाना चाहता था . इसके लिए उसने कश्मीर घाटी के कई दौरे किए थे . साथ ही अलगाव-वादियों और हिजबुल के आतंकवादी से मुलाकात भी की थी .

इस चिट्ठी का एक अंश आज हमारे पास है . इसमें लिखा है कि साल 2000 में GN यानी गौतम नवलखा ने श्रीनगर में Islamic Students League के चेयरमैन शकील बख्शी से मुलाकात की थी . और बताया था कि माओवादी HM यानी हिजबुल मुजाहिदीन के साथ रिश्ते बनाना चाहते हैं . गौतम नवलखा ने शकील बख्शी से कहा कि वो हिजबुल मुजाहिदीन के नेताओं के साथ एक बैठक करवाए .

गौतम नवलखा ने श्रीनगर से लौटकर माओवादी आतंकवादियों से कहा कि उसे हिजबुल मुजाहिदीन के Chief शेख सलाहुद्दीन के द्वारा एक संदेश के साथ भेजा गया है . गौतम नवलखा ने कहा कि हिजबुल मुजाहिदीन भी माओवादियों के साथ संबंध स्थापित करना चाहता है . 

इसी चिट्ठी के आधार पर पुणे पुलिस ने ये दावा किया है कि गौतम नवलखा कश्मीर में Active आतंकवादी संगठन और माओवादियों को एक साथ लाना चाहता था . 

गौतम नवलखा की गिरफ्तारी भीमा कोरेगांव हिंसा के मामले की जांच के दौरान हुई थी . 31 दिसंबर 2017 को पुणे के शनिवारवाड़ा इलाके में यलगार परिषद नाम के एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था . इस कार्यक्रम में अनुसूचित जाति के नेता जिग्नेश मेवाणी और JNU से जुड़े छात्र नेता उमर खालिद भी शामिल हुए थे .

इसके बाद अगले ही दिन यानी एक जनवरी 2018 को पुणे में ही मौजूद भीमा कोरेगांव स्मृति स्थल पर हजारों की संख्या में लोग जमा हुए थे . बताया जाता है कि इसमें ज़्यादा संख्या अनुसूचित जाति के लोगों की थीं . इस दौरान यहां खूब हंगामा हुआ और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. इस मामले में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई थी . जिसकी जांच पुणे पुलिस को सौंपी गई.

पुणे पुलिस ने हिंसा के इस मामले में Rona Wilson, सुधीर धवले, शोमा सेन, महेश राउत और सुरेंद्र Gadling को गिरफ्तार किया था . 

इन सभी से पूछताछ के बाद 28 अगस्त 2018 को पुणे पुलिस ने दिल्ली से गौतम नवलखा को गिरफ्तार किया था . 

गिरफ्तारी का ये मामला पहले सुप्रीम कोर्ट पहुंचा . और अब निचली अदालत में चल रहा है . 

गौतम नवलखा ने अपने खिलाफ दर्ज FIR को खारिज करवाने के लिए Bombay High Court में याचिका दायर की थी . 

5 जुलाई को इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए Bombay High Court ने गौतम नवलखा की गिरफ्तारी पर 23 जुलाई तक रोक लगा दी थी . 

गौतम नवलखा की FIR खारिज होने के मामले में High Court कल सुनवाई कर सकता है . फिलहाल गौतम नवलखा को गिरफ्तारी से राहत मिली हुई है .

गौतम नवलखा के विचार, भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा है . ऐसे लोगों का आज़ाद रहना देश के लिए खतरनाक है . 

हमारे पास गौतम नवलखा के कुछ Videos हैं . जिसमें ये व्यक्ति कश्मीर में आज़ादी की मांग का समर्थन कर रहा है और आतंकवादियों के साथ खड़ा नज़र आ रहा है . 

गौतम नवलखा जैसे बुद्धिजीवी देश के विश्व विद्यालयों में अलगाव-वाद का ज़हर फैलाते हैं . 

आज हम आपको गौतम नवलखा के कुछ भाषण सुनाना चाहते हैं . अपने बयानों में वो पूरी तरह से अलगाववाद की भाषा बोल रहा है . हमने पहले भी आपको उसका ये बयान दिखाया था और आज आपको एक बार फिर गौतम नवलखा का ये बयान सुनना चाहिए . 

इस व्यक्ति की भाषा ऐसी है कि आप सुनेंगे तो आपको लगेगा कि ये भारत का नहीं, पाकिस्तान का नागरिक है . लोकतंत्र में असहमत होना और देश के खिलाफ काम करना दो अलग अलग बातें हैं . Zee News ने लगातार बुद्धिजीवियों को Expose किया है . पिछले वर्ष एक अक्टूबर को ही हमने ये बात प्रमुखता से उठाई थी कि गौतम नवलखा, माओवादियों, नक्सलियों और कश्मीरी कट्टरपंथियों के बीच एक Link की तरह काम कर रहा है .

पहले आतंकवादी बम धमाका करके लोगों में दहशत पैदा करते थे . लेकिन इस बार आतंकवादियों ने बिना धमाका किए हजारों लोगों की हत्या करने की साज़िश रची थी . 

इसी साल जनवरी में महाराष्ट्र ATS ने इस्लामिक स्टेट की विचारधारा और जाकिर नायक के विचारों से प्रभावित 9 युवकों को गिरफ्तार किया था . ATS ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि आरोपी मंदिर के प्रसाद में ज़हर मिलाकर हज़ारों लोगों को मारना चाहते थे .

चार्जशीट में लिखा है कि मुंबई के 400 साल पुराने श्री मुम्बरेश्वर मंदिर में हर साल विशाल भंडारा होता है . इस भंडारे में 10 से 15 हजार लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं . आरोपी प्रसाद में ही ज़हर मिलाकर हजारों लोगों का मारना चाहते थे .