close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ZEE जानकारी: कश्मीर में बादाम की सप्लाई और आतंकवाद में क्या कनेक्शन है?

पाकिस्तान भारत में बादाम भेज रहा है और यही बादाम अब कश्मीर में आतंकवाद फैला रहे हैं. ये कोई आम बादाम नहीं हैं...ये कैलिफोर्निया के बादाम हैं.

ZEE जानकारी: कश्मीर में बादाम की सप्लाई और आतंकवाद में क्या कनेक्शन है?

अगर कोई सवाल पूछे कि पाकिस्तान कश्मीर में आतंकवाद कैसे फैला रहा है, तो जवाब होगा कि वो आतंकवादियों को ट्रेनिंग दे रहा है. नौजवानों का brainwash कर रहा है, घाटी में Ak-47 जैसे हथियारों की सप्लाई कर रहा है. लेकिन सच ये है कि पाकिस्तान भारत में बादाम भेज रहा है और यही बादाम अब कश्मीर में आतंकवाद फैला रहे हैं. ये कोई आम बादाम नहीं हैं...ये कैलिफोर्निया के बादाम हैं.

कैलिफोर्निया के बादाम ही वो सबसे बड़ी वजह हैं जिसे लेकर भारत ने नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान के साथ कारोबार को रोक दिया है. ये हवाला कारोबार का बादाम वाला रैकेट है जिसकी नब्ज़ NIA ने पकड़ी है.

NIA की जांच में पता चला है कि पाकिस्तान की तरफ़ से जम्मू-कश्मीर में सस्ते दामों पर बादाम सप्लाई किये जा रहे थे, और फिर, इससे भारी मुनाफ़ा कमाकर, एक बड़ी रक़म कश्मीर के आतंकवादियों और अलगाववादियों तक पहुंचाई जा रही थी, ताकि वहां आतंकवाद के साथ कट्टरपंथी वहाबी विचारधारा को फैलाया जा सके.
NIA की जांच में पता चला है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी, व्यापारी बनकर कैलिफोर्निया के बादाम जम्मू-कश्मीर में भेजते हैं. 

ये लोग एक हज़ार 200 रुपये प्रति किलो में बिकने वाला बादाम भारत को 200 रुपये किलो के दाम पर बेचते हैं. कश्मीर के व्यापारी इस बादाम को बाज़ार में एक हज़ार रुपये या उससे ज़्यादा के मुनाफ़े पर बेच देते हैं. इसके बाद बचने वाले 800 रुपये के मुनाफ़े का बड़ा हिस्सा आतंकवादी संगठनों और अलगाववादियों को पहुंचा दिया जाता है. ये पाकिस्तान के रास्ते भारत में होने वाले Terror Trade की वो ABCD है, जो लंबे वक़्त से NIA के रडार पर थी.

यहां आपको बता दें कि नियंत्रण रेखा पर भारत और पाकिस्तान के बीच BARTER सिस्टम के तहत व्यापार किया जाता है...जिसमें कश्मीर के उरी में अमन सेतु और पुंछ में चकन-द-बाग़ पोस्ट पर दोनों देशों के व्यापारी अपने सामान को बेचते या ख़रीदते हैं. यहां LoC पर Trade Facilitation Centre बने हैं. दोनों देशों के ट्रक यहां सामान लेकर आते हैं. ऊपर से देखने पर ये सबकुछ सामान्य दिखाई देता है..लेकिन खुफिया एजेंसियों के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं, कि कैसे व्यापार की आड़ में बाहर का पैसा कश्मीर पहुंच रहा है और यही पैसा कश्मीर में आतंकवाद फैलाने में इस्तेमाल किया जा रहा है.

प्रवर्तन निदेशालय ने ऐसे ही एक मामले में LoC traders association के अध्यक्ष ज़हूर अहमद वटाली को गिरफ़्तार किया था. उसके ख़िलाफ़ चार्जशीट भी दायर हो चुकी है. अभी वो तिहाड़ जेल में है.

जांच में पाया गया था कि ज़हूर वटाली इस तरह के कारोबार से हवाला का पैसा कश्मीर में आतंकवादियों और अलगाववादियों को पहुंचा रहा था. हाल में उसकी दो संपत्तियों को सीज़ किया गया था.

भारत ने पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान से Most Favoured Nation का दर्जा वापस ले लिया था. LoC पर व्यापार को फिलहाल बंद करना...पाकिस्तान के ख़िलाफ़ दूसरी बड़ी कार्रवाई है. अब यहां व्यापार दोबारा शुरू करने के लिये सख़्त निगरानी के साथ नये उपाय तलाशे जा रहे हैं.

कैलिफोर्निया का बादाम, आकार में कश्मीरी बादाम से बड़ा होता है, इसमें विटामिन ई, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटैशियम की मात्रा ज़्यादा होती है. लेकिन कश्मीर में कैलिफोर्निया वाला बादाम सप्लाई करके पाकिस्तान यहां के लोगों की नहीं... बल्कि आतंकवाद की सेहत बना रहा है.

जांच में जो बातें सामने आईं हैं उनके मुताबिक़ वर्ष 2008 से अब तक सलामाबाद और उरी के बीच 21 हज़ार करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है. वहीं चकन दा बाग़ और पुंछ के बीच दूसरी Trade post पर 6 हज़ार 700 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ है. 

जुलाई 2016 में हमनें आपको DNA में कश्मीर से Ground Reporting दिखाई थी...इसमें हमने बताया था कि कैसे घाटी में कट्टर इस्लामिक वहाबी विचारधारा की सप्लाई की जा रही है. रिपोर्ट में हमनें बताया था कि पाकिस्तान से हवाला के ज़रिए हर साल करोड़ों रुपये कश्मीर भेजे जाते हैं. ये रक़म सिर्फ पाकिस्तान से ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब और ब्रिटेन से भी आती है. हमारी रिपोर्ट दिखाए जाने के बाद NIA ने, अगस्त 2016 में इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज की थी.

अपनी रिपोर्टिंग के दौरान हमें पता चला कि वहाबी विचारधारा कश्मीर में दहशतगर्दी का नया रास्ता बन गई है. एक ज़माने में कश्मीर के लोग सूफीवाद के मुरीद हुआ करते थे, लेकिन अब माहौल में वहाबी ज़हर घोलकर सूफ़ीवाद को खत्म किया जा रहा है. ये सब पाकिस्तान के पैसों से हो रहा है. 
कश्मीर में कट्टरपंथी वहाबी सोच की फसल उगाने के लिए मस्जिदों और मदरसों का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश बहुत पहले से की जा रही है. 

एक अनुमान के मुताबिक़ पिछले 20 वर्षों में कश्मीर घाटी में कम से कम 17 हज़ार करोड़ रुपये अवैध तरीके से भेजे गये हैं.

ये एक नई तरह का प्लान है..जिसमें पैसे के दम पर घाटी में बड़े पैमाने पर ज़मीन खरीदी जा रही हैं और ज़मीन पर कब्ज़ा करके धर्मस्थलों पर नियंत्रण करने की कोशिश हो रही है.

जम्मू-कश्मीर में बादाम वाले व्यापार के ज़रिये आतंकवाद को Promote किया जा रहा है. इस Terror Trade की जड़ें पाकिस्तान से लेकर सऊदी अरब और ब्रिटेन तक फैली हुई हैं. ये पैसा अलगाववादियों तक पहुंचता है...और फिर ये पैसा पत्थरबाज़ों और आतंकवादियों की जेब में डाल दिया जाता है.

पाकिस्तान से सस्ते दामों पर कैलिफोर्निया का बादाम ज़रूर आता है...लेकिन इसे कश्मीर में पाकिस्तान की Investment के तौर पर देखना चाहिये... जिसके ज़रिये वो भारत में आतंकवाद के बाज़ार को गर्म रखना चाहता है.

पाकिस्तान LoC पर आतंकवाद वाला व्यापार कर रहा है. लेकिन उसकी घरेलू आर्थिक स्थिति इतनी ख़राब हो चुकी है कि आज इमरान ख़ान ने नया वित्त मंत्री नियुक्त किया है. असद उमर की जगह अब्दुल हफ़ीज़ शेख़ अब पाकिस्तान का वित्त मंत्रालय देखेंगे.

इसके अलावा इमरान ख़ान ने एजाज़ अहमद शाह को गृह मंत्री बनाया है.
एजाज़ अहमद शाह का नाम ओसामा बिन लादेन की मदद करने के मामले में सामने आ चुका है.
वो पाकिस्तान के IB चीफ रह चुके हैं और वर्ष 2007 में उनके कार्यकाल में ही पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या हुई थी. पाकिस्तान ने उनको ऑस्ट्रेलिया में अपना उच्चायुक्त नियुक्त किया था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने उनके नाम पर मंज़ूरी नहीं दी थी. 
यानी पाकिस्तान के अंदर कोई सुधार नहीं है. वो अपने एजेंडे पर काम कर रहा है.