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Zee Jaankari: 2016 में प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के चलते 42 लाख लोगों की मौत

आप सोचिए कि अगर आज आपके फेफड़ों को हर रोज़ 10-15 सिगरेट के बराबर धुआं सोखना पड़ रहा है, तो आने वाले कुछ वर्षों में क्या हाल होगा . 

Zee Jaankari: 2016 में प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के चलते 42 लाख लोगों की मौत

आज हमने नई दिल्ली से लेकर New York तक प्रदूषण की समस्या को लेकर एक विश्लेषण किया है . New York में इन दिनों प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की समस्या को लेकर कई अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन भी हो रहे हैं. इसलिए आपको इस Global समस्या पर हमारा ये International DNA टेस्ट ज़रू देखना चाहिए .आप सोचिए कि अगर आज आपके फेफड़ों को हर रोज़ 10-15 सिगरेट के बराबर धुआं सोखना पड़ रहा है, तो आने वाले कुछ वर्षों में क्या हाल होगा . अब आपको दिल्ली के एक अस्पताल के बाहर की तस्वीर दिखाते हैं . यहां 3 नंवबर 2018 इंसानी फेफड़ों की एक Replica लगाई गई थी.

जब ये Replica लगाई थी तब इसका रंग सफेद था, लेकिन 5 दिन बाद ही दिल्ली के प्रदूषण ने इसे पूरी तरह से काला कर दिया . इसलिए हमें लगता है प्रदूषण से बचाने वाले Mask अब किसी को दिए जाने वाले सबसे अच्छा गिफ्ट बन गए हैं . अब अंदाज़ा लगाइए कि असली Lungs कि क्या हालत होती होगी, फेफड़े ही नहीं..

प्रदूषण की मार हमारे शरीर के सभी अंगों को बीमार कर रही है . लेकिन कोई इसके खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ना चाहता . हमारा मकसद आपको जागरुक करना है. और ये हमारी जिम्मेदारी भी है कि हम आपको बताएं कि वायु प्रदूषण कैसे आपकी जिंदगी के लिए जानलेवा है . कैसे अनजाने में हम ऐसी गंभीर बीमारियों के शिकार बन जाते हैं जिसे अपनी आंखों से देख तक नहीं सकते.

एक वीडियो के जरिए आप इसे आसानी से समझ सकते हैं. वायु प्रदूषण का असर हमारे चारों तरफ है . बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इससे गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं. हमें पता भी नहीं चलता और हमारा फेफड़ा, दिल और दिमाग वायु प्रदूषण का शिकार बन जाता है. वायु प्रदूषण के खतरनाक कण हमें दिखाई नहीं पड़ते . ये इतने छोटे होते हैं जैसे की अणु . ये जानलेवा कण हर सांस के साथ फेफड़े तक पहुंच जाते हैं. इनमें Arsenic (आर्सेनिक) Organic carbon (ऑर्गेनिक कार्बन) lead (लेड) Sulfates (सल्फेट) Nitrates...(नाइट्रेट्स) और Black carbon...(ब्लैक कार्बन) होते हैं.

ये कैंसर के प्रमुख कारक हैं. और सीधे blood के जरिए आपके पूरे शरीर में पहुंचता है. आपकी धमनियों को प्रभावित करता हैं. और आपका blood pressure बढ़ाता है. आपके दिल और दिमाग तक जाने वाली धमनियां धीरे-धीरे रुकने लगती है.और आपके शरीर पर इसका असर भी दिखता है. इनसे brain stroke, दिल का दौरा और कैंसर जैसी बीमारियां होती है. जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया के लिए कितना बड़ा खतरा है .... ये समझने के लिए आज आपको विश्व मौसम विज्ञान संगठन की रिपोर्ट के कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को जानना चाहिए .

इस संगठन की रिपोर्ट में कहा गया है कि पृथ्वी का तापमान तेजी से बढ़ रहा है. और पिछले 5 वर्ष सबसे ज्यादा गर्म रहे हैं . इन 5 वर्षों के दौरान वातावरण में Carbon Dioxide की मात्रा 20 प्रतिशत तक बढ़ गई है . तापमान बढ़ने की वजह से ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं. और समुद्र के जलस्तर में भी वृद्धि हो रही है .

World Health Organization की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2016 में प्रदूषण से होने वाली बीमारियों के चलते लगभग 42 लाख लोगों की मौत हुई थी . संयुक्त राष्ट्र की Climate Change Summit में भी दुनियाभर के नेताओं ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर गंभीरता से काम करने की बात की है .हमारी सहयोगी पलकी शर्मा उपाध्याय इस वक्त न्यूयॉर्क में मौजूद हैं . और वो इस समस्या पर भारत की तैयारियों का एक विश्लेषण कर रही हैं .