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Zee Jaankari: चीन की हवाई क्रांति वाले चमत्कार का विश्लेषण

चीन की राजधानी बीजिंग में एक विशाल एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया है... इसका नाम है... Beijing Daxing(डैशिंग) International Airport.... देखने में किसी Starfish की तरह दिखने वाले एयरपोर्ट में... दुनिया का सबसे बड़ा टर्मिनल है .

Zee Jaankari: चीन की हवाई क्रांति वाले चमत्कार का विश्लेषण

चीन की राजधानी बीजिंग में एक विशाल एयरपोर्ट बनकर तैयार हो गया है... इसका नाम है... Beijing Daxing(डैशिंग) International Airport.... देखने में किसी Starfish की तरह दिखने वाले एयरपोर्ट में... दुनिया का सबसे बड़ा टर्मिनल है . एयरपोर्ट टर्मिनल Building का Size... 7 लाख Square Metre है... यानी ये बिल्डिंग Football के करीब 100 मैदानों के बराबर है. यहां 4 रनवे हैं जिसपर एक घंटे में 300 विमान उड़ान भर सकते हैं या उतर सकते हैं . ये जानने के बाद... अब आपके मन में सवाल होगा कि, चीन ने इतना बड़ा हवाईअड्डा क्यों बनाया? और ये दुनिया के बाकी Airports से कितना अलग है?

चीन में बड़ा एयरपोर्ट बनाने की वजह है... हवाई सफर में आई नई क्रांति... 21वीं सदी में वक्त की कीमत सबसे ज्यादा है... अगर आपने समय की बचत कर ली तो ये पैसा कमाने के बराबर है . सड़क या रेल मार्ग के मुकाबले हवाई सफर में समय की बचत होती है... और ये ज्यादा सुरक्षित भी है . एक उदाहरण से इसे समझिए... राजधानी ट्रेन से दिल्ली और मुंबई के बीच 14 सौ किलोमीटर का सफर तय करने में... 16 घंटे का वक्त लगता है, जबकि हवाई सफर में सिर्फ 2 घंटे 15 मिनट लगते हैं. यानी चीन ने समय बचाकर अपने देश को धनवान बनाने के लिए...

विशाल एयरपोर्ट बनाने का चमत्कार किया है . किसी भी एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों का अच्छा खासा वक्त Security Check में ही खर्च होता है. लेकिन Daxing एयरपोर्ट में 260 यात्रियों की सुरक्षा जांच सिर्फ 60 मिनट में पूरी हो जाएगी. जबकि पारंपरिक सुरक्षा जांच में इसमें 84 मिनटों का वक्त लगता है. एयरपोर्ट विशाल है... इसलिए यात्रियों की मदद के लिए यहां Robots भी मौजूद होंगे जो भटके हुए मुसाफिरों को रास्ता दिखाएंगे .

यहां पार्किंग सिस्टम का संचालन भी Robots करेंगे . Daxing(डैशिंग) एयरपोर्ट पर यात्रियों की पहचान Facial Recognition तकनीक से होगी. यानी इस एयरपोर्ट पर यात्रा करने वक्त आपको बोर्डिंग पास साथ लेकर चलने की जरूरत नहीं होगी . एयरपोर्ट बड़ा है... इसलिए बनाने का खर्च भी...

भारी भरकम है. 78 हज़ार करोड़ रुपए के बजट से सिर्फ 5 वर्षों में ये एयरपोर्ट तैयार किया गया है. विशाल एयरपोर्ट होने के बावजूद... Star जैसे डिजाइन की वजह से यात्री... सिर्फ 8 मिनटों में एयरपोर्ट के मुख्य द्वार से अपने विमान तक पहुंच जाएंगे . दावा है कि वर्ष 2040 तक सालाना इस एयरपोर्ट से 10 करोड़ यात्री होकर गुजरेंगे .

Daxing(डैशिंग) एयरपोर्ट अपने आप में एक छोटे शहर के बराबर है. यहां 2 लाख लोग काम करेंगे . Daxing(डैशिंग) एयरपोर्ट का डिजाइन ब्रिटिश Architect Zaha Hadid ने तैयार किया था... लेकिन एयरपोर्ट के पूरी तरह तैयार होने से पहले वर्ष 2016 में उनका निधन हो गया था .

इस एयरपोर्ट का डिजाइन चीन के एक पौराणिक पक्षी(Feng Huang)) से प्रेरित है, जिसे वहां लोग बहुत पवित्र मानते हैं . 25 सितंबर को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने Daxing एयरपोर्ट का उद्घाटन किया है . चीन का मीडिया इस एयरपोर्ट को अपने देश के लिए विकास का नया इंजन बता रहा है. ये ऐसा एयरपोर्ट है जो वर्ष 2040 में भी चीन की जरूरतों को पूरा कर पाएगा .

वर्ष 1990 में चीन में सिर्फ 1 करोड़ 66 लाख लोग हवाई यात्रा करते थे. अब वर्ष 2019 में ये बढ़कर 61 करोड़ 20 लाख हो गया है. इसका मतलब समझिए... पिछले 30 वर्षों में चीन में हवाई यात्री 3600 प्रतिशत बढ़ गए हैं . इसी तरह वर्ष 1990 में भारत में 1 करोड़ लोग Air Travel करते थे जो वर्ष 2019 में बढ़कर 16 करोड़ 40 लाख हो गया है. और करीब 3 दशकों में हमारे देश में हवाई यात्रियों की संख्या 1500 प्रतिशत बढ़ी है .