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Zee Jaankari: कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का विश्लेषण

भारत सरकार जो पैसे कमाती है उसमें Corporation Tax की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. यानी सरकार ने अपनी ही कमाई के एक बड़े स्त्रोत में कटौती की है. लेकिन लंबे वक्त में इससे जो फायदा अर्थव्यवस्था को होगा. वो भारत की आर्थिक तरक्की में मील का पत्थर साबित हो सकता है.

Zee Jaankari: कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का विश्लेषण

अब हम देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर का विश्लेषण करेंगे. आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को लेकर कुछ बड़े ऐलान किए हैं. ज्यादातर घोषणाएं देश के Coroprate Sector से जुड़ी हैं. लेकिन इन घोषणाओं का असर आम आदमी के जीवन पर भी पड़ेगा, इसलिए आज हम आपके लिए Income Tax कानून में किए गए इन बदलावों का सरल भाषा में विश्लेषण करेंगे.

सरकार ने आज कंपनियों पर लगने वाले कॉरपोरेट टैक्स में 10 से 11 प्रतिशत की कटौती कर दी है. ये कटौती 1 अप्रैल 2019 से लागू मानी जाएगी. पहले 400 करोड़ रुपये से ज्यादा के TurnOver वाली कंपनियों को करीब 30 से 35 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता था. लेकिन अब इसे घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया गया है. इसमें Surcharge जोड़ने के बाद कंपनियों को करीब 25 प्रतिशत टैक्स देना होगा. इसी तरह 400 करोड़ रुपये से कम टर्न ओवर वाली कंपनियों को पहले सरचार्ज मिलाकर 25 से 28 प्रतिशत तक टैक्स चुकाना होता था. लेकिन अब ये घटकर 15 से 17 प्रतिशत रह गया है.

पहले कंपनियों को टैक्स की एक निश्चित राशि Minimum Alternate Tax के तौर पर चुकानी पड़ती थी जिसे अब 18.5 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है. ये Tax पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के कार्यकाल में लागू किया गया था. और तब से कंपनियां इसका विरोध कर रही थीं और इसे घटाने की मांग की जा रही थी. Income Tax कानून में किए गए नए बदलावों के मुताबिक जो नई भारतीय कंपनियां 1 अक्टूबर से पहले पंजीकरण करा लेंगी और वर्ष 2023 से पहले उत्पादन शुरु कर देंगी उन्हें 15 प्रतिशत की दर से Income Tax चुकाना होगा.

इसके अलावा शेयरों की बिक्री और खरीद पर लगाए गए नए Security Transaction Tax में किए गए बदलाव को भी वापस ले लिया गया है. इससे शेयर बाज़ार को काफी राहत मिली है और इसी का नतीजा है कि आज शेयर बाज़ार में पिछले 10 वर्षों के दौरान एक दिन में सबसे बड़ी तेज़ी देखी गई. आज शेयर बाज़ार में करीब दो हज़ार अंकों की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई. प्राइवेट कंपनियों को पहले अपने Profit का 2 प्रतिशत हिस्सा सामाजिक कार्यों पर खर्च करना पड़ता था. लेकिन अब ये कंपनियां इस पैसे से Research और Development के काम भी कर पाएंगी.

अब आपको ये समझना चाहिए कि इन घोषणाओं का असर देश की अर्थव्यवस्था पर क्या होगा. कंपनियों को टैक्स में जो छूट दी गई है. उससे सरकार को करीब 1 लाख 45 हज़ार करोड़ रुपये का नुकसान होगा. लेकिन इससे कंपनियों के पास ज्यादा Liquidity आ जाएगी. इस पैसे का इस्तेमाल कंपनियां निवेश के लिए कर पाएंगी. इससे रोज़गार बढ़ेगा और देश की अर्थव्यवस्था को फायदा पहुंचेगा. लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इससे सरकार का राजस्व घाटा बढ़ सकता है. हालांकि देश में निवेश और नौकरियां बढ़ने से अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होगा और आर्थिक तरक्की के नए दरवाजे खुलेंगे.

वित्त मंत्रालय ने ये घोषणाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे से पहले की है. प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका में कई बड़ी कंपनियों के CEOs से भी मुलाकात करेंगे. और घटे हुए Coroprate Taxes की वजह से इन कंपनियों के लिए भारत में निवेश करना आसान हो जाएगा. दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की बात की जाए तो आज से पहले भारत में Coroprate Tax सबसे ज्यादा था. लेकिन अब ये घटकर सिर्फ 25 प्रतिशत रह गया है. कनाडा में ये 26.5 प्रतिशत है. अमेरिका में 27 प्रतिशत, जर्मनी में 31, फ्रांस में 30 और चीन में 25 प्रतिशत है. अब भारत उन देशों में शामिल हो गया है जहां ये 25 प्रतिशत या उससे कम है.

भारत सरकार जो पैसे कमाती है उसमें Corporation Tax की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है. यानी सरकार ने अपनी ही कमाई के एक बड़े स्त्रोत में कटौती की है. लेकिन लंबे वक्त में इससे जो फायदा अर्थव्यवस्था को होगा. वो भारत की आर्थिक तरक्की में मील का पत्थर साबित हो सकता है.