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अमेरिका में गैर कानूनी तरीके से घुसने वाले भारतीयों की घर वापसी का विश्लेषण

ये अपने आप में शायद पहला ऐसा मामला है जब Mexico से इतनी बड़ी संख्या में भारतीयों को वापस भेजा गया है. इनमें से ज्यादातर लोग पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं और इनकी उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच है.

अमेरिका में गैर कानूनी तरीके से घुसने वाले भारतीयों की घर वापसी का विश्लेषण

गाड़ियों पर जाति और धर्म के विज्ञापनों का विश्लेषण करने के बाद अब हम उन भारतीयों की घर वापसी का DNA टेस्ट करेंगे जो अमेरिका में गैर कानूनी तरीके से घुसने की कोशिश कर रहे थे. भारतीय संस्कृति में वसुधैव कुटुंबकम के भाव को बहुत महत्व दिया जाता है. यानी भारत के लोग पूरे विश्व को अपना परिवार मानते हैं. भारत में मेहमानों को भी भगवान का दर्जा दिया जाता है. लेकिन जब कोई व्यक्ति जबरदस्ती आपके घर में घुसता है तो आप उसे भगवान नहीं बल्कि घुसपैठिया कहते हैं और आप उसे घर से बाहर निकालने की हर संभव कोशिश करते हैं. आज Mexico ने ऐसे 311 भारतीयों को वापस भेजा है जो Mexico के बॉर्डर से अमेरिका में घुसने की कोशिश कर रहे थे.

इन 311 भारतीयों में 310 पुरुष और एक महिला है. ये अपने आप में शायद पहला ऐसा मामला है जब Mexico से इतनी बड़ी संख्या में भारतीयों को वापस भेजा गया है. इनमें से ज्यादातर लोग पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं और इनकी उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच है. अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से घुसने वाले भारतीयों की संख्या लगातार बढ़ रही है. पिछले साल 8 हज़ार 897 भारतीयों को अमेरिका में बिना ज़रूरी कागज़ात के घुसने के आरोप में अमेरिका की Border Petrol पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था. आपको जानकर हैरानी होगी कि 11 साल पहले यानी वर्ष 2008 में अमेरिका में इस तरह से घुसने वाले भारतीयों की संख्या सिर्फ 77 थी.

अमेरिका ने प्रवासियों को लेकर अपने नियम सख्त कर दिए हैं और अब वीज़ा लेकर अमेरिका में बसना पहले के मुकाबले बहुत मुश्किल हो चुका है. इसलिए कई लोग अमेरिका में दाखिल होने के लिए इस गैरकानूनी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. अमेरिका में घुसने की ये कोशिश बहुत जानलेवा होती है और इसमें कई तरह के खतरे छिपे होते हैं. आज हमने ये समझने की कोशिश की है कि दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश से लोग अपनी जान पर खेलकर अमेरिका या दूसरे विकसित देशों में क्यों जाना चाहते हैं और अपने इस सपने को पूरा करने के लिए ये लोग क्या कीमत चुकाते हैं. इसके लिए आज हमने भारत से Mexico तक के इस पूरे Route पर एक रिसर्च किया. Mexico से भारत वापस भेजे गए लोगों से बात की और अमेरिका के Immigration Experts से भी हमने ये पूछा कि लोग जान का खतरा उठाकर भी अमेरिका में दाखिल क्यों होना चाहते हैं.

Mexico से वापस लौटे भारतीयों ने हमें बताया कि Agents के कहने पर उन्होंने अपनी ज़मीन और जेवरात बेचकर पैसे इकट्ठे किए. Agents ने इन लोगों से 15 से लेकर 25 लाख रुपये तक लिए और ये वादा किया कि इन्हें सही सलामत अमेरिका पहुंचा दिया जाएगा. लेकिन जब ये लोग भारत से बाहर निकले तो कुछ और सच्चाई सामने आई. अमेरिका ने अपने देश में गैर कानूनी प्रवासियों की घुसपैठ रोकने के लिए सख्त कानून बनाए हैं और Mexico जैसे देशों पर दबाव डाला है. Mexico पर डाले गए दबाव का ही असर है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रवासियों को उनके देश वापस भेजा जा रहा है. लेकिन हमारे देश में कुछ लोग घुसपैठ रोकने की कोशिशों का ही विरोध करने लगते हैं. भारत में दूसरे देशों से आए करीब 2 करोड़ लोग गैरकानूनी ढंग से रह रहे हैं.

सरकार इन लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है और देश के कई राज्यों में NRC यानी National Register of Citizens लागू करने पर विचार किया जा रहा है. लेकिन भारत के कई बुद्धिजीवी, विपक्षी पार्टियों के नेता, डिजाइनर पत्रकार और अंग्रेज़ी बोलने वाले सेलिब्रिटिज़ इसका विरोध कर रहे हैं. क्योंकि इन लोगों को लगता है ये अलोकतांत्रिक है. जबकि अमेरिका जैसे देश अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए किसी भी हद जाने के लिए तैयार हैं.

गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने वाले लोगों को अपने सफर के दौरान कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है और कई लोगों की रास्ते में मौत भी हो जाती है. लेकिन ये सब होता कैसे है आज आपको ये भी समझना चाहिए. International Organisation for Migration के मुताबिक Agents इन लोगों से लाखों रुपये लेकर इन्हें किसी दक्षिण अमेरिकी देश भेज देते हैं और फिर वहां से समुद्र, जंगलों और पहाड़ों से होते हुए ये लोग Mexico और अमेरिका के Border पर पहुंचते हैं. इस पूरी यात्रा को समझाने के लिए हमने एक Map तैयार किया है.

सबसे पहले Agents इन लोगों को देश के अलग-अलग शहरों से दिल्ली लेकर आते हैं और फिर यहां से इन्हें विमान के ज़रिए Ecuador जैसे किसी दक्षिण अमेरिकी देश भेज दिया जाता है. यहां के ज्यादातर देश विदेशी नागरिकों को Visa On Arrival की सुविधा देते हैं. फिर Ecuador से इन्हें सड़क के रास्ते कोलंबिया लाया जाता है. और फिर पनामा के रास्ते ये लोग जंगलों से होते हुए Mexico पहुंचते हैं. इस सफर में इन्हें 1 से 3 महीने तक का समय लग जाता है. इस यात्रा के दौरान इन लोगों को छोटी छोटी नाव में छिपा दिया जाता है. कई लोग समुद्र सफर के दौरान ही मर जाते हैं. इसके बाद इन लोगों को गाड़ियों में भरकर जंगलों तक लाया जाता है. जहां से इनका 15 दिन का पैदल सफर शुरु होता है. इस यात्रा के दौरान इन्हें कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है. सांप, भालू के हमलों के अलावा भूख और प्यास भी कई बार जानलेवा साबित होती है. जो लोग Mexico Border तक पहुंच पाते हैं उन्हें डरा धमकाकर ड्रग्स की तस्करी के लिए मजबूर किया जाता है. यानी इन अमेरिका में घुसने से पहले इन लोगों को ड्रग्स भी थमा दी जाती है.

गैरकानूनी प्रवासियों को Border पार कराने के लिए Agents स्थानीय बच्चों का सहारा लेते हैं. ये बच्चे Border की Petroling कर रहे अधिकारियों का ध्यान भटकाते हैं और इस बीच लोगों को बड़े बड़े समूहों में बॉर्डर पार करा दिया जाता है. अमेरिका और Mexico के बीच 3 हज़ार 155 किलोमीटर लंबा Border है. ये गैरकानूनी प्रवासी Mexico से अमेरिका के जिन राज्यों में प्रवेश करते हैं उनमें California, Arizona, New Mexico और Texas शामिल हैं. जबकि Mexico के जिन इलाकों से लोगों को Border पार कराया जाता है उनमें Baja (बाहा) California, Sonora, Chihuahua,(चिवावा) और Nuevo Leon, (नेवो लियोन) जैसे राज्य शामिल हैं. अमेरिका और Mexico के बॉर्डर पर फिलहाल एक ऊंची दीवार बनाई जा रही है. ताकि इस घुसपैठ को रोका जा सके. लेकिन फिलहाल इस Border पर 1100 किलोमीटर का हिस्सा ऐसा है जहां बड़े-बड़े Gaps हैं और इन लोगों इन्हीं रास्तों से अमेरिका की सीमा में भेजा जाता है.

लोगों को गैरकानूनी तरीके से अमेरिका भेजने वाले Agents का Network भारत से लेकर, इक्वाडोर,कोलंबिया, होंडुरास, कोस्टारिका, निकारागुआ और मैक्सिको तक फैला है. भारत से जाने वाले लोगों को ये Agents बड़े बड़े सपने दिखाते हैं. लेकिन सच्चाई ये है कि इस यात्रा के दौरान इन लोगों को ना तो ठीक से खाना मिलता है ना पानी और ना ही दवाइयां कई लोग रास्ते में ही मारे जाते हैं और उनके घर वालों को इसकी खबर तक नहीं मिलती. ये लोग खतरनाक जानवरों, ड्रग माफियाओं और अपराधियों से अपनी जान बचाकर किसी तरह Mexico और अमेरिका के बॉर्डर तक पहुंचते हैं. लेकिन वहां पहुंचकर भी इनकी परेशानियां खत्म नहीं होतीं. आज हमने भारत से 15 हज़ार किलोमीटर दूर पहुंचकर मौत और जेल का सामना करने वाले इन भारतीयों की तकलीफों का एक वीडियो विश्लेषण किया है. ये विश्लेषण आपको भी ये सोचने पर मजबूर कर देगा कि आखिर 190 लाख करोड़ रुपये की अर्थव्यवस्था वाले देश के हज़ारों लोग क्यों ये जोखिम उठाते हैं.