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Zee Jaankari: विजयादशमी पर हिंदुस्तान की 'सबसे बड़ी शस्त्र पूजा' का विश्लेषण

राष्ट्रवाद के बाद. अब राष्ट्र की शक्ति की बात करते हैं. अब से करीब 24 घंटे बाद भारत को अपना पहला रफाल Fighter Plane... फ्रांस में मिलेगा . कल भारतीय वायुसेना का स्थापना दिवस भी है . और इस मौके पर भारत को परमाणु हमले की क्षमता रखने वाले... रफाल की हवाई ताकत मिलेगी . 

Zee Jaankari: विजयादशमी पर हिंदुस्तान की 'सबसे बड़ी शस्त्र पूजा' का विश्लेषण

राष्ट्रवाद के बाद...अब राष्ट्र की शक्ति की बात करते हैं. अब से करीब 24 घंटे बाद भारत को अपना पहला रफाल Fighter Plane... फ्रांस में मिलेगा . कल भारतीय वायुसेना का स्थापना दिवस भी है . और इस मौके पर भारत को परमाणु हमले की क्षमता रखने वाले... रफाल की हवाई ताकत मिलेगी . 8 अक्टूबर यानी कल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को... पहला रफाल विमान सौंपा जाएगा. ये भारतीय वायुसेना को ताकतवर बनाने वाली Fighter मशीन है... यानी देश के 135 करोड़ लोगों के लिए ये गर्व करने का समय है . रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज दो दिनों की फ्रांस यात्रा के लिए रवाना हो चुके हैं.

कल सुबह, रक्षा मंत्री... फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron से मिलेंगे . इसके बाद रक्षा मंत्री.. भारत को मिलने वाले पहले रफाल विमान की शस्त्र पूजा करेंगे... क्योंकि संयोग से कल विजयादशमी भी है . हमारे देश में विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा की परंपरा है. प्राचीन काल में राजा अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए शस्त्र पूजा करते थे. शत्रुओं से लड़ने के लिए शस्त्रों का चुनाव भी.

इसी दिन किया जाता था . और यही परंपरा आज भी जारी है . रफाल विमान की शस्त्र पूजा करने के बाद रक्षा मंत्री इसमें उड़ान भी भरेंगे . राजनाथ सिंह रफाल में उड़ान भरने वाले पहले भारतीय रक्षा मंत्री बनेंगे . इससे पहले उन्होंने ... तेजस Fighter Plane में उड़ान भरकर वायुसेना का मनोबल बढ़ाया था . कल DNA में आपको फ्रांस में रफाल विमान की शस्त्र पूजा.

और रफाल पर रक्षा मंत्री की पहली उड़ान का पूरा वीडियो विश्लेषण दिखाएंगे... इस राष्ट्रवादी विश्लेषण के लिए आप अपना समय आज से ही सुरक्षित कर लीजिए . फ्रांस से मिलनेवाले 36 रफाल विमानों को भारत की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया गया है. रफाल एक मल्टी रोल Combat जेट है, जो दुनिया के आधुनिक Fighter विमानों में एक है.

इतना आधुनिक विमान पाकिस्तान और चीन के पास भी नहीं है... छोटे आकार और सटीक निशाने की वजह से, रफाल Fighter Jet, को युद्धभूमि का Killer भी कहा जाता है . दूसरे लड़ाकू विमानों की तुलना में लंबाई और चौड़ाई कम होने के साथ... ये वजन में काफी हल्का है . आज आपको रफाल के दो ऐसे खतरनाक हथियारों के बारे में बताएंगे.

जो लड़ाई में भारत की जीत तय कर सकते हैं . भारत को मिलने वाले रफाल की पहली और बड़ी खासियत होगी, Meteor(मीटियोर) मिसाइल . ये हवाई युद्ध में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली... दुनिया की बेहतरीन मिसाइलों में एक है . ये 5 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ते हुए... 100 किलोमीटर दूर हवा में मौजूद दुश्मन के विमान को मिनटों में ध्वस्त कर सकती है . जबकि पाकिस्तान के पास इससे कम रेंज वाली Missiles हैं . आपको याद होगा इसी वर्ष 27 फरवरी को विंग कमांडर अभिनंदन ने पाकिस्तान के F16 जेट को मार गिराया था . इस कोशिश में अभिनंदन के विमान ने Line Of Control पार किया था और उसपर हमला हो गया था . लेकिन रफाल Combat जेट भारत की सीमा में रहते हुए भी, पाकिस्तान की सीमा के अंदर तक हमला कर सकते हैं. यानी मीटियोर मिसाइल से लैस..

रफाल के आते ही एशिया के आसमान में भारतीय वायुसेना का दबदबा और बढ़ जाएगा . रफाल विमान की दूसरी बड़ी खूबी है, अचूक निशाना लगानेवाली SCALP(स्कैल्प) मिसाइल . ये हवा से ज़मीन पर मार करने वाली क्रूज़ मिसाइल है और इसकी रेंज 300 किलोमीटर तक है . रफाल से लॉन्च किए जाने के बाद स्कैल्प अपना लक्ष्य खुद ढूंढ लेती है .

और जमीन के नीचे बनाए गए बंकर भी इसके घातक वार से बच नहीं सकते हैं . इसी वर्ष 26 फरवरी को बालाकोट में आतंकी कैंप पर हमले के लिए भारत के विमानों ने दुश्मन के इलाके में उड़ान भरी थी . लेकिन अब लंबी दूरी तक प्रहार करने की स्कैल्प मिसाइल से... भारतीय सीमा के अंदर से ही... हमारे लड़ाकू विमान बालाकोट जैसे ठिकानों पर हमला कर पाएंगे .

कुल मिलाकर दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइलें रफाल पर तैनात होंगी... मतलब साफ है रफाल अकेला नहीं आ रहा... ये भारत के दुश्मनों को तबाह करने का पूरा बंदोबस्त करके आ रहा है. और यही पाकिस्तान और चीन की सबसे बड़ी टेंशन है. युद्ध आज हो या कई वर्षों के बाद, भारत अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं रखना चाहता है. आपके मन में ये सवाल उठ रहा होगा..

. कि आखिर रफाल लड़ाकू विमान की खरीद भारत के लिए इतनी जरूरी क्यों थी ? और रफाल लड़ाकू विमान कैसे भारतीय वायुसेना को एशिया की सबसे ताकतवर वायुसेना बना सकता है ? आज हमारे पास आपके इन सभी सवालों का जवाब है. भारतीय वायुसेना के पास इस समय लड़ाकू विमानों की जबरदस्त कमी है.

इंडियन एयरफोर्स के पास अभी सिर्फ 30 Fighter Squadrons हैं... जबकि चीन और पाकिस्तान से मुकाबला करने के लिए कम से कम 42 Fighter Squadrons होना जरूरी है. भारतीय वायुसेना की एक Squadron में 18 विमान होते हैं. लेकिन पूरी कोशिश के बाद भी आशंका है कि वर्ष 2032 तक सिर्फ 33 Fighter Squadrons ही तैयार हो पाएंगे. भारत के पास ज़्यादातर मिग-21 विमान हैं, जो 50 वर्ष से ज्यादा पुराने हैं .

पहला मिग विमान 1960 के दशक में खरीदा गया था. जगुआर विमान भी वर्ष 1970 के दशक के आखिर में खरीदे गए थे. सबसे नया लड़ाकू विमान सुखोई है, जो वर्ष 1996 में खरीदा गया था. लेकिन सुखोई भी अब एक जेनरेशन पीछे का लड़ाकू विमान हो चुका है. भारत वर्ष 2002 से लड़ाकू विमान खरीदने की कोशिश कर रहा था. भारतीय वायुसेना को काफी लंबे समय से मल्टी रोल लड़ाकू विमानों की ज़रूरत है.

इसके लिए वर्ष 2012 में 6 कंपनियों में से रफ़ाल को चुना गया था. लेकिन रफ़ाल सौदे को लेकर वर्ष 2016 तक तकनीकी पेंच फंसा था. यहां तकनीकी पेंच का मतलब है डिलीवरी, सर्विस, भारत में उत्पादन से जुड़ी शर्तें, Technology Transfer और साझा उत्पादान जैसी सौदे से जुड़ी तमाम अहम बातें वर्ष 2016 में वायुसेना की जरूरतों को देखते हुए फ्रांस से 36 रफाल विमान जल्द खरीदने की डील हुई थी.

भारत और फ्रांस के बीच 4 वर्षों तक चली बातचीत के बाद 59 हज़ार करोड़ रुपए की डील हुई थी. और सभी हथियारों से लैस एक रफाल विमान की कीमत करीब 1600 करोड़ रुपए है . वर्ष 2016 में रफाल की डील हुई थी और 3 वर्षों के बाद भारत को पहला रफाल मिलने की बात तय हुई थी.

लेकिन अगर समय रहते इस डील पर दस्तखत हो जाते यानी इसमें 4 वर्षों की देरी नहीं होती तो हो सकता है... कि अबतक सारे रफाल भारत को मिल गए होते . इस देरी की वजह से भारत को कल पहला रफाल विमान मिलेगा और वर्ष 2022 तक सभी 36 विमान मिल जाएंगे . भारतीय वायु सेना के लिये लड़ाकू विमानों की ज़रूरत नब्बे के दशक के आख़िर में महसूस हुई थी... और फिर भारत ने MMRCA टेंडर की शुरुआत की थी ... MMRCA यानी Medium Multi Role Combat Aircraft...

तब भारत की नज़र में थे दुनिया के 6 बेहतरीन लड़ाकू विमान
अमेरिका का F 16
अमेरिका का ही F 18 लड़ाकू विमान
स्वीडन का ग्रीपेन फाइटर विमान
रूस का MiG 35 कॉम्बैट जेट
फ्रांस का रफाल लड़ाकू विमान
और यूरोपियन कंसोर्टियम का यूरोफ़ाइटर टाइफ़ून
इन 6 विमानों के बीच वर्षों तक चली रेस के बाद भारतीय वायु सेना ने चुना फ्रांस का रफाल फाइटर प्लेन..भारतीय वायु सेना ने जब सभी विमानों को बारीकी से परखा...तो रफाल के सामने बाक़ी 5 लड़ाकू विमान फेल हो गए. व्यावसायिक और तकनीकी रूप से अव्वल साबित हुए रफाल की उड़ान और इसके हथियार दोनों ही सबसे बेहतर हैं.

रफाल विमान में भारत की जरूरतों के मुताबिक बदलाव किए गए हैं. और कुछ मामलों में ये फ्रांस की वायुसेना के रफाल से भी बेहतर है . रफाल की इन्हीं ख़ूबियों से भारत अब हवाई सुपरपावर बन सकता है... और अपने दुश्मनों को करारा जवाब दे सकता है . अब आप कल के DNA का इंतजार कीजिए. जिसमें आपको फ्रांस में रफाल की शस्त्र पूजा दिखाएंगे . ये इंडियन एयरफोर्स के भविष्य से जुड़ी खबर है जिसे आप Miss नहीं करना चाहेंगे.