ZEE जानकारी: मिसाइल के खिलाफ इजराइल के 'सुरक्षा कवच' का विश्लेषण

48 घंटों में फिलीस्तीन ने एक के बाद एक 220 Rockets फायर किए हैं. इन Rocket हमलों में इजरायल के कई लोग घायल हो गए हैं.

ZEE जानकारी: मिसाइल के खिलाफ इजराइल के 'सुरक्षा कवच' का विश्लेषण

अब आज की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर के विश्लेषण के लिए आपको इजरायल लेकर चलते हैं. जहां पिछले 48 घंटों में फिलीस्तीन ने एक के बाद एक 220 Rockets फायर किए हैं. इन Rocket हमलों में इजरायल के कई लोग घायल हो गए हैं. अब सवाल है कि इजरायल और फिलीस्तीन के बीच इस लड़ाई की शुरुआत कैसे हुई? मंगलवार को इजरायल की सेना ने आतंकवादी संगठन 'Islamic Jihad' के कमांडर को हवाई हमला करके मार दिया था. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के मुताबिक.  ये आतंकी कमांडर इजरायल पर नए हमले का Plan बना रहा था. आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और इजरायल की चुनौतियां करीब करीब एक जैसी ही हैं. आपको ये भी बताएंगे कि इजरायल कैसे इन हमलों का मुकाबला कर रहा है और भारत उससे क्या सीख सकता है?

पिछले 48 घंटों में जो हालात बन रहे हैं. उसे इजरायल और Gaza के बीच 2014 के युद्ध के बाद का सबसे बुरा दौर कहा जा रहा है. वर्ष 1991 में हुए Gulf War के बाद पहली बार इजरायल के कई इलाकों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है. इन हमलों के डर से 10 लाख बच्चे अपने घरों में बंद हैं. इन 48 घंटों के बीच जो तस्वीरें इजरायल से आई हैं, वो किसी को भी विचलित कर सकती हैं.

Gaza से फायर किया गया एक रॉकेट इजरायल के प्रमुख शहर Tel Aviv के Highway पर गिरा. जब ये Rocket गिरा उस वक्त Highway पर चल रही दो गाड़ियां बाल बाल बच गईं... अगर ये रॉकेट कुछ फीट आगे गिरा होता तो इन गाड़ियों का बचना नामुमकिन होता . लेकिन 'Islamic Jihad' आतंकी संगठन ज्यादा दिनों तक ऐसे हमले नहीं कर पाएगा. क्योंकि इजरायल की सेना ने इस समस्या को जड़ से खत्म करने का अभियान शुरु कर दिया है.

लेकिन इजरायल के लिए उसके हर नागरिक की जान बहुत क़ीमती है. और अपने नागरिकों पर हमला करने वालों को इजरायल कभी माफ नहीं करता है. इजरायल पर अबतक 220 Rockets फायर किए गए हैं. और इसमें से 90 प्रतिशत हमलों को उसने आसमान में खत्म कर दिया . यानी करीब 200 Rockets इजरायल की जमीन तक नहीं पहुंच पाए हैं. फिलिस्तीन में आतंकवादियों का गढ़ कहे जाने वाले Gaza से Fire किए गए Rockets को, इज़रायल ने Iron Dome Air Defense System की मदद से नष्ट किया है. लेकिन कई Rockets ऐसे थे, जो उन इलाकों में जाकर गिरे, जहां आम नागरिक रहते थे. और उन्हीं इलाकों में, इजरायल के कई नागरिक घायल हुए हैं. ऐसी स्थिति में इजरायल के पास सिर्फ दो विकल्प थे. या तो वो चुप बैठ जाता. या फिर आतंकवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता. उसने दूसरा रास्ता चुना. और आतंकवादियों पर Air Strikes करके 220 Rockets का हिसाब चुकता कर दिया.

बदले की कार्रवाई करते हुए Israel Defense Forces ने 'Islamic Jihad' आतंकी संगठन के Rocket Launch Sites बर्बाद किए. 'Islamic Jihad' फिलिस्तीन का एक आतंकी संगठन है. जिसकी स्थापनी वर्ष 1981 में हुई थी. इस आतंकी संगठन को सीरिया भी समर्थन देता है. ऐसी इमारतों पर हमला किया गया, जहां आतंकवादी लंबी दूरी तक मार करनेवाली मिसाइलें बना रहे थे. इन्हीं मिसाइलों और Rockets की मदद से आतंकवादी पिछले 27 घंटों में ...औसतन 7 मिनट में एक हमला कर रहे थे. इस बदले की कार्रवाई में आतंकवाद के खिलाफ इजरायल की युद्ध लड़ने की प्रतिबद्धता दिखाई देती है. यही वजह है कि इस लड़ाई में इजरायल... अपने दुश्मन आतंकवादियों से दो कदम आगे रहता है. आतंकवादी जब भी इज़रायल पर हमला करते हैं. तो वहां Red Alert जारी हो जाता है. इस दौरान Siren की तेज़ आवाज़ें सुनाई देती हैं. ताकि लोग सुरक्षित ठिकानों पर चले जाएं. आपको इजरायल का एक और वीडियो दिखाते हैं जिसमें Iron Dome Air Defense System की मदद से एक हमला नाकाम कर दिया गया है.

अब ये समझिए कि इजरायल का Iron Dome System क्या है ?
Iron Dome का शाब्दिक अर्थ होता है लोहे का गुंबद और इसकी मदद से इजरायल अपने नागरिकों को दुश्मन के हमले से बचने की गारंटी देता है.
Iron Dome एक ऐसी हवाई सुरक्षा प्रणाली है जिसकी मदद से कम दूरी से किए गए Rockets और मिसाइल हमलों को रोका जा सकता है. ये सिस्टम 70 किलोमीटर के इलाके में दुश्मन के अटैक से सुरक्षा दे सकता है.

इस सिस्टम में एक Radar होता है जो शत्रुओं के हमले की खबर देता है. खास software की मदद से हवा में Rocket की लोकेशन का पता लगाता है. इसके बाद इस Rocket को बर्बाद करने के लिए Interceptor Missile फायर की जाती है. जो इस Rocket के पास जाकर विस्फोट करके उसके टुकड़े टुकड़े कर देती है.

ऐसी एक Interceptor Missile की कीमत करीब 68 लाख रुपए है. इसलिए इस महंगी मिसाइल का इस्तेमाल उन Rockets के खिलाफ होता है जो लोगों को निशाना बनाकर फायर की जाती है. यानी अगर किसी Rocket के निशाने पर कोई महत्वपूर्ण लक्ष्य नहीं है तो Iron Dome का इस्तेमाल नहीं किया जाता है.

वर्ष 2011 से इजरायल इस सिस्टम को इस्तेमाल कर रहा है. इसका अविष्कार वर्ष 2006 में Lebanon के साथ हुए युद्ध के बाद किया गया था. तब इजरायल पर 4 हजार से ज्यादा Rocket दागे गए थे जिसमें 44 लोगों की जान चली गई थी. इसका निर्माण इजरायल की दो कंपनियों ने मिलकर किया है. जिसे अमेरिका ने भी फंडिंग दी थी.

एक दावा ये भी किया जाता है कि Iron Dome की मदद से इजरायल अपनी जनता के दबाव को कम करता है. लोगों को ये महसूस कराया जाता है कि इस सिस्टम की वजह से वो सुरक्षित हैं . और लगातार हो रहे Rocket हमले के बाद भी इजरायल के लोग युद्ध रोकने के लिए प्रेशर नहीं बनाते हैं. इस दावे की सच्चाई की मात्रा चाहे जितनी भी हो... लेकिन War On Terror में इसने इजरायल को ताकत कई गुना बढ़ा दिया है... हम आपके लिए Iron Dome सिस्टम से जुड़ी एक रिपोर्ट लेकर आए हैं... इसे देखकर आप समझ सकते हैं कि ये सिस्टम इजरायल के लोगों की सुरक्षा में कितना महत्वपूर्ण रोल अदा करता है .

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और इजरायल एक साथ हैं. यही वजह है कि आतंकियों के हमले के खिलाफ भारत के लोगों ने... इजरायल का साथ दिया . आज भारत में Social Media पर India With Israel जैसे Hashtag... Trend करने लगे . आतंकवाद को हराने के लिए विश्व को एक होने की जरूरत है... आप समझ लीजिए ये एक विश्वयुद्ध है. जिसमें एक तरफ आतंकवाद है और दूसरी तरफ पूरी दुनिया . इसे हराने के लिए जितने देश एक साथ आएं उतनी ही जल्दी ये युद्ध खत्म होगा .

इजरायल अपनी जमीन पर आतंकवादियों से लड़ रहा है. दूसरी तरफ भारतीय सेना आतंकवाद के खिलाफ नई तैयारी कर रही है. सबसे पहले भारत और France की सेना के जवानों ने थार के रेगिस्तान में संयुक्त युद्धाभ्यास किया... आतंकवाद के खिलाफ इस Excercise में दोनों देशों के 120 जवान शामिल हुए . ये Joint Exercise इस तरह Design की गई, कि दोनों देशों के सैनिक, किसी आतंकवादी हमले से निपटने के लिए, एक-दूसरे के काम करने के तरीके को समझ पाएं. इसके लिए एक काल्पनिक War Zone बनाया गया, ताकि सैनिकों की काबिलियत को क़रीब से देखा जा सके. 31 अक्टूबर को ये युद्धाभ्यास 'शक्ति 2019' शुरु हुआ था और 14 दिनों बाद आज ये खत्म हो गया है .

इसमें भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट के सैनिक और फ्रांस की मरीन इंफेंट्री रेजीमेंट के सैनिकों ने आतंकवादियों को खत्म करने का अभियान पूरा किया . लेकिन भारतीय सेना केवल फ्रांस के साथ ही अभ्यास नहीं कर रही है. नवंबर और दिसंबर में भारतीय सेना बड़ी सैन्य शक्तियों... अमेरिका और रूस के साथ अभ्यास कर रही है .

दुनिया की सबसे बड़ी ताकत अमेरिका के साथ तीनों सेनाओं का संयुक्त अभ्यास TIGER TRIUMPH(ट्रायम्फ) आज से शुरू हो रहा है और ये 21 नवंबर तक चलेगा . पहली बार भारत और अमेरिका की थल सेना, नौ सेना और वायु सेनाएं मिलकर Exercise करेगी.

भारत अपने पुराने दोस्तों के महत्व को समझता है... इसलिए अमेरिका के बाद रूस के साथ भी तीनों सेनाओं का एक बड़ा सैनिक अभ्यास दिसंबर में शुरू होगा . आपको याद होगा कि पिछले साल अमेरिका ने रूस से AIR DEFENCE SYSTEM... S-400 खरीदने पर आपत्ति जताई थी...

और भारत पर प्रतिबंध लगाने तक की चेतावनी दी थी . लेकिन भारत ने ये साफ कर दिया था कि अपनी सुरक्षा के लिए वो किसी दूसरे के नियंत्रण में नहीं चलेगा . इसके बाद अमेरिका को भी समझ आ गया कि ये नया भारत है और जो अपने फैसले किसी के दबाव में नहीं करता .

लेकिन इसके बावजूद अमेरिका और रूस दोनों को मिलाकर भारत ने आतंकवाद के ख़िलाफ साझा मोर्चा तैयार किया है... जो भारतीय सैन्य कूटनीति की सबसे बड़ी सफलता है . ऐसे सैन्य अभ्यास की तस्वीरें देखकर दुश्मनों का मनोबल कमजोर होता है..इसलिए आज हमने भारतीय सेना से जुड़ी 3 Military Exercises का वीडियो विश्लेषण किया है... जिसे देखकर आपको हमारी ताकत पर गर्व होगा .