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गांधी जी के विचार दिमाग में केमिकल लोचा करते हैं, बनी बनाई धारणाओं को तोड़ते हैं

2006 में लगे रहो मुन्नाभाई नाम से एक फिल्म आई जिसमें महात्मा गांधी की शिक्षाओं को नए और सरल अंदाज़ में दिखाया गया. ये फिल्म सुपरहिट रही और इसने गांधी जी के जीवन दर्शन को भारतीय समाज में नए सिरे से और नए तरीके से स्थापित कर दिया. 

गांधी जी के विचार दिमाग में केमिकल लोचा करते हैं, बनी बनाई धारणाओं को तोड़ते हैं
(फाइल फोटो)

महात्मा गांधी के साथ भारी भरकम इतिहास जुड़ा है. उन्हें पहले राष्ट्रपिता कहा गया लेकिन आज़ादी के बाद नेताओं ने गांधी के नाम का दोहन किया और उनकी छवि महाभारत के भीष्म पितामह जैसी बना दी. महात्मा गांधी के नाम के साथ इतना इतिहास, इतनी गंभीरता, और इतनी राजनीति जोड़ दी गई कि आम आदमी के लिए गांधी जी को समझना मुश्किल हो गया. वर्ष 1982 में हॉलीवुड के निर्देशक Richard Attenborough ने गांधी पर एक फिल्म बनाई. उस फिल्म को 8 Oscar Awards मिले थे. अभिनेता Ben Kingsley ने उस फिल्म में महात्मा गांधी की भूमिका निभाई थी. और उन्हें इस भूमिका के लिए बहुत सराहना भी मिली. लेकिन ये फिल्म भी भारत के लोगों को गांधी जी के जीवन दर्शन के साथ जोड़ नहीं पाई.

फिर वर्ष 2006 में लगे रहो मुन्नाभाई नाम से एक फिल्म आई जिसमें महात्मा गांधी की शिक्षाओं को नए और सरल अंदाज़ में दिखाया गया. ये फिल्म सुपरहिट रही और इसने गांधी जी के जीवन दर्शन को भारतीय समाज में नए सिरे से और नए तरीके से स्थापित कर दिया. यानी हमारा देश गांधी के रास्ते पर चलना चाहता है. लेकिन ज़रूरत इस बात की है कि गांधी जी के जीवन और उनकी शिक्षा को सरल भाषा में आम आदमी को समझाया जाए. इसलिए आज हमने आपके लिए फिल्म लगे रहो मुन्नाभाई का एक चर्चित दृश्य निकाला है. इसे देखकर आप समझ जाएंगे कि क्यों आज के New India को गांधी के मार्ग-दर्शन की सबसे ज्यादा ज़रूरत है.

हमने इस फिल्म के निर्देशक राज कुमार हिरानी से भी बात की और ये समझने की कोशिश की कि गांधी जी के विचारों को आज के भारत के संदर्भ में कैसे सरलता के साथ दिखाया और समझाया जा सकता है. महात्मा गांधी ने आज से 150 वर्ष पहले जो विचार भारत और दुनिया के सामने रखे वो आज भी प्रासंगिक हैं. वो आज भी हमें सोचने पर मजबूर करते हैं. यानी फिल्म मुन्ना भाई MBBS की भाषा में कहा जाए तो गांधी जी के विचार दिमाग में केमिकल लोचा करते हैं, यानी हलचल पैदा करते हैं. उनके विचार हमारी बनी बनाई धारणाओं को तोड़ते हैं, और हमें देश, समाज और दुनिया को नई नज़र से देखने के लिए प्रेरित करते हैं.