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Zee Jaankari: दुनिया की सबसे बेहतरीन सुरक्षा एजेंसियों में शामिल SPG के 'सुरक्षा कौशल' का विश्लेषण

अब हम देश के बड़े बड़े नेताओं की सुरक्षा से जुड़ा एक DNA टेस्ट करेंगे. भारत में प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को SPG यानी Special Protection Group की सुरक्षा मिलती है. 

Zee Jaankari: दुनिया की सबसे बेहतरीन सुरक्षा एजेंसियों में शामिल SPG के 'सुरक्षा कौशल' का विश्लेषण

अब हम देश के बड़े बड़े नेताओं की सुरक्षा से जुड़ा एक DNA टेस्ट करेंगे. भारत में प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्रियों और उनके परिवार के सदस्यों को SPG यानी Special Protection Group की सुरक्षा मिलती है. SPG सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में इनकी सुरक्षा करती है . Special Protection Group की सुरक्षा पाने वालों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हैं . और इस वक्त देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा इन्हीं तीन नेताओं को SPG की सुरक्षा हासिल है. वर्ष 1985 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद SPG का गठन किया था.

नियमों के मुताबिक SPG के Commandos हर वक्त हर जगह इन नेताओं के साथ रहते हैं और इन्हें 24 घंटे सुरक्षा देते हैं. इसमें इन नेताओं के विदेश दौरे भी शामिल है. लेकिन गांधी परिवार के सदस्य जब विदेश यात्रा पर जाते हैं तो कई बार SPG की सुरक्षा लेने से इनकार कर देते हैं . और SPG Commandos को एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया जाता है.

लेकिन अब गृह मंत्रालय ने SPG से जुड़े नियमों को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है. जिसके मुताबिक SPG की सुरक्षा प्राप्त नेताओं को विदेश यात्रा के दौरान भी SPG Commandos के सुरक्षा घेरे में ही रहना होगा. यानी अब गांधी परिवार चाहे आधिकारिक यात्रा पर विदेश जाए या छुट्टियां मनाने देश से बाहर जाए . उन्हें SPG को अपने साथ ले जाना होगा .

ये फैसला इन नेताओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लिया गया है. अगर इनमें से कोई भी नेता विदेश दौरे पर SPG की सुरक्षा नहीं लेना चाहता तो उन्हें ये बात लिखकर देनी होगी. इसके बाद गृहमंत्रालय इस पर अंतिम फैसला लेगा कि गांधी परिवार के सदस्यों को देश के बाहर SPG की सुरक्षा दी जाए या नहीं. राहुल गांधी फिलहाल विदेश यात्रा पर हैं.

वो कहां गए हैं इसकी पुष्टि नहीं हुई है. कुछ लोग कह रहे हैं कि वो बैंकॉक की यात्रा पर हैं , तो कुछ लोगों के मुताबिक वो कंबोडिया में विपसना Meditation करने गए हैं . हालांकि इस बात की भी पुष्टि नहीं हो पाई है कि राहुल गांधी ने इस यात्रा के दौरान SPG की सुरक्षा ली है या नहीं. लेकिन अगली बार जब राहुल गांधी देश के बाहर छुट्टियां मनाने जाएंगे तो उन्हें अपनी यात्रा की पूरी जानकारी SPG को देनी होगी.

SPG की Blue Book के मुताबिक ये एक Standard प्रक्रिया है . जिसके मुताबिक सुरक्षा प्राप्त नेताओं को अपने कार्यक्रम की पूरी जानकारी SPG को देनी होती है. राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर हमेशा रहस्य का माहौल बना रहता है . वो कई बार ऐसे मौकों पर देश से बाहर चले जाते हैं..जब कांग्रेस को उनकी सख्त ज़रूरत होती है.

इस बार भी राहुल गांधी महाराष्ट्र और हरियाणा के विधानसभा चुनावों से पहले देश से बाहर चले गए हैं . राहुल गांधी विदेशी दौरों पर Privacy की वजह से SPG की सुरक्षा नहीं लेते. यानी वो निजी कारणों से ऐसा करते हैं. लेकिन वो देश के बड़े नेता हैं, इसलिए वो कहां गए हैं, और क्यों गए हैं ये देश की सुरक्षा एजेंसियां और देश के लोग जानना चाहते हैं.

अब SPG  से जुड़े नियम सख्त हो जाने की वजह से...राहुल गांधी के लिए ऐसी रहस्यमयी यात्राएं करना आसान नहीं होगा. अब अगर राहुल गांधी विदेश यात्राओं से पहले बार-बार.. SPG को ये लिखकर देंगे कि उन्हें सुरक्षा नहीं चाहिए तो फिर गृह मंत्रालय उनकी सुरक्षा को लेकर फैसला ले सकता है.  और उनकी सुरक्षा Downgrade यानी कम भी की जा सकती है.

राहुल गांधी वर्ष 2015, 2016 और 2017 में भी कई बार लंबी छुट्टियों पर विदेश जा चुके हैं. कांग्रेस उनकी छुट्टियों को Sabbatical का नाम देती है. ये ऐसी छुट्टियां होती है..जब आप अपनी नौकरी छोड़ते नहीं हैं...लेकिन अपने काम से एक ब्रेक ले लेते हैं . काम से कुछ दिनों का विराम लेने वाला कर्मचारी इन छुट्टियों के दौरान पढ़ाई कर सकता है, किताब लिख सकता है या फिर अपने ज्ञान वर्धन के लिए यात्राएं कर सकता है .   Sabbatical की प्रथा...इजरायल में शुरु हुई थी जहां किसान लगातार 7 वर्षों तक काम करने के बाद एक साल का अवकाश लेते थे.

लेकिन राहुल गांधी एक साल में ही कई बार ऐसे अवकाश ले लेते हैं . वो किसी को कुछ नहीं बताते और विदेश भ्रमण पर निकल जाते हैं. राहुल गांधी भारत के बाहर SPG की सुरक्षा लेने से भी कई बार इनकार कर देते हैं . और इसके पीछे Privacy का तर्क दिया जाता है. लेकिन सवाल ये है कि इन नेताओं को Privacy की चिंता सिर्फ भारत के बाहर क्यों होती है ? .

भारत के अंदर Privacy वाला तर्क क्यों नहीं दिया जाता . हमें लगता है कि राहुल गांधी देश के एक महत्वपूर्ण नेता हैं . विदेश में अगर उनकी जान को ज़रा सा भी खतरा होगा, या उन्हें कोई नुकसान पहुंचेगा तो इससे देश की बदनामी होगी . इसलिए राहुल गांधी को अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहिए . वो दुनिया में कहीं भी जाएं SPG के Commandos को साथ लेकर जाएं.

और जब तक गृहमंत्रालय और सरकार को ये नहीं लगता कि राहुल गांधी को अब SPG  की सुरक्षा की ज़रूरत नहीं है...तब तक राहुल गांधी को इसमें सहयोग करना चाहिए . SPG के नियमों के मुताबिक SPG सुरक्षा प्राप्त नेताओं के विदेश दौरे से पहले उस देश के भारतीय मिशन को इसकी जानकारी दी जाती है. भारतीय मिशन वहां की स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों को इसकी जानकारी देता है.

और फिर नेता के कार्यक्रम के मुताबिक वहां सुरक्षा की व्यवस्था की जाती है . SPG ACT के मुताबिक जिन नेताओं को ये सुरक्षा प्राप्त है . उनकी सभी यात्राओं के दौरान Special Protection Group उनके साथ रहेगा . चाहे वो पैदल यात्रा कर रहे हो, विमान से, रेल से या फिर समुद्री रास्ते से .SPG में इस वक्त करीब 3 हज़ार Commandos हैं, जिन्हें BSF, CISF, ITBP, और CRPF जैसे सुरक्षा बलों से भर्ती किया जाता है. SPG में शामिल होने के लिए Commandos को बहुत कड़ी Training से गुज़रना होता है . इनकी Training और काम की तुलना.. अमेरिका की Secret Service से की जाती है. 

Secret Service का काम अमेरिका के राष्ट्रपति की सुरक्षा करना होता है. SPG Commandos को तीन महीने की बहुत मुश्किल Training दी जाती है . इस दौरान इन्हें अपनी शारीरिक और मानसिक मजबूती साबित करनी होती है. यानी राहुल गांधी की सुरक्षा में तैनात SPG Commandos ने यहां तक पहुंचने के लिए खून और पसीना बहाया है.

ऐसे में अगर किसी विदेश यात्रा के दौरान उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो इससे देश की सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल गिर सकता है . इसलिए हमें लगता है कि राहुल गांधी को अपनी Privacy की परवाह छोड़कर, SPG के कठिन परिश्रम का सम्मान करना चाहिए. आज हमने SPG Commandos की मेहनत और उनके जज्बे का एक विश्लेषण किया है. इस विश्लेषण को देखकर आप समझ जाएंगे कि...क्यों SPG की तुलना दुनिया की सबसे बेहतरीन सुरक्षा एजेंसियों के साथ की जाती है.