close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

ZEE जानकारी: देश के साढ़े 4 लाख मध्यम वर्गीय परिवारों के सपने से जुड़ा विश्लेषण

इस वक्त... देश के 7 बड़े शहरों में कुल 4 लाख 58 हजार घर अधूरे बने हुए हैं . वहीं...रीयल इस्टेट मार्केट पर नज़र रखने वाली कंपनी Anarock(एनारॉक) के मुताबिक...वर्ष 2013 से पहले शुरु हुए, करीब 5 लाख 76 हजार फ्लैट्स भी अटके हुए हैं . 

ZEE जानकारी: देश के साढ़े 4 लाख मध्यम वर्गीय परिवारों के सपने से जुड़ा विश्लेषण

नई दिल्ली: देश का हाउसिंग सेक्टर इन दिनों मुश्किलों के दौर से गुजर रहा है . पूरे देश में बिल्डर्स के कई प्रोजेक्ट...समय पर पूरे नहीं हो पाए हैं . लेकिन अब केंद्र सरकार ने...बिल्डरों की धोखाधड़ी के कारण...अपनी जिंदगी भर की कमाई गंवाने वाले लाखों लोगों को एक बड़ा तोहफा दिया है . केंद्रीय कैबिनेट ने देशभर में अधूरे पड़े... बिल्डर्स के 1600 प्रोजेक्टs को पूरा करने का फैसला लिया है . इस काम के लिए...सरकार ने 25 हजार करोड़ रुपए के फंड की मंजूरी दी है . इस फंड को आल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड नाम दिया गया है .

इसमें 10 हजार करोड़ रुपए सरकार देगी...और बाकी 15 हजार करोड़ रुपए...State Bank of India, LIC और अन्य वित्तीय संस्थाएं मिलकर निवेश करेंगी . वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक...NPA यानी Non-Performing Asset घोषित हो चुके और दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रहे प्रोजेक्टs को भी इसका फायदा मिलेगा . इन अटके हुए प्रोजेक्टs को पूरा करने का काम...एक Professional टीम की देखरेख में किया जाएगा .

इस वक्त... देश के 7 बड़े शहरों में कुल 4 लाख 58 हजार घर अधूरे बने हुए हैं . वहीं...Real Estate मार्केट पर नज़र रखने वाली कंपनी Anarock(एनारॉक) के मुताबिक...वर्ष 2013 से पहले शुरु हुए, करीब 5 लाख 76 हजार Flats भी अटके हुए हैं . आपको बताते हैं कि ये समस्या कितनी बड़ी बन गई है .

सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट...मुंबई और आसपास के इलाकों के हैं...जहां 2 लाख 10 हजार से ज्यादा घर अटके हुए हैं और इनकी कीमत 2 लाख 34 हजार करोड़ रुपए है . मुंबई के बाद दूसरा नंबर...दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों का है ....जहां 1 लाख 26 हजार करोड़ रुपए के...2 लाख से ज्यादा घर अधूरे हैं . तीसरा नंबर महाराष्ट्र के पुणे का है...जहां 57 हजार करोड़ रुपए के... 95 हजार घरों का काम अधूरे हैं .

Bengaluru में 28 हजार करोड़ रुपए के 39 हजार घर...चेन्नई में 6 हजार 500 करोड़ रुपए के 10 हजार घर...हैदराबाद में 5 हजार 500 करोड़ रुपए के 8 हजार 900 घर...और कोलकाता में 7 हजार 300 करोड़ रुपए के 13 हजार Flats अटके हुए हैं .

एक रिपोर्ट के अनुसार...दिल्ली और आसपास के इलाकों में 24 ऐसे प्रोजेक्टs हैं, जिन पर कोर्ट केस चल रहे हैं . जबकि 74 ऐसे प्रोजेक्टs हैं...जिनमें 94 हजार से ज्यादा Flats फंसे हुए हैं .

इस रिपोर्ट के अनुसार इन 74 प्रोजेक्टs को पूरा करने के लिए...10 हजार 754 करोड रुपए की जरुरत है . यानी इस फंड के मिलते ही...इन प्रोजेक्टs में अपने Flat मिलने की आस देख रहे 94 हजार परिवारों का, दिल्ली और आसपास के इलाकों में घर खरीदने का सपना पूरा हो जाएगा . सबसे बड़ी बात ये है...कि जैसे ही ये प्रोजेक्ट पूरे होंगे...तो बिल्डर्स को, Flat खरीदने वाले लोगों से भी 29 हजार 433 करोड़ रुपए मिलेंगे . इस रकम से...बिल्डर्स अपने बाकि अधूरे प्रोजेक्टs भी पूरे कर पाएंगे . और कई अन्य लोगों को अपना घर मिल पाएगा . और Real Estate Sector में तेज़ी आएगी .

आज आपको ये जानना चाहिए...कि किन प्रोजेक्टs को, सरकार की इस योजना से फायदा मिलेगा .

पहली और महत्वपूर्ण बात ये है...कि उन प्रोजेक्टs को ही इस फंड से फायदा होगा, जो RERA के तहत रजिस्टर्ड होंगे . Real Estate Sector में पारदर्शिता लाने...और घर खरीददारों के हितों की रक्षा करने के मकसद से...सरकार ने वर्ष 2017 में...Real Estate Regulation and Development Act यानी RERA को लागू किया था .

इसके अलावा जो प्रोजेक्ट...वित्तीय परेशानियों यानी Cash की कमी के चलते अटक गए थे, उनको इस फंड से पैसा मिलेगा . फंड देने की शुरुआत, उन प्रोजेक्टs से की जाएगी....जिनके जल्दी पूरा होने की संभावना है . फंड लेने के लिये...Builder की Net Worth...Positive होनी चाहिए . यानी उस Builder को कभी कोई वित्तीय नुकसान नहीं हुआ हो . इसके अलावा Affordable और Middle Income प्रोजेक्टs को सरकार की इस योजना में...प्राथमिकता दी जाएगी .

इस फंड से, ऐसे बिल्डरों को पैसा नहीं मिलेगा...जिन्होंने Construction अभी तक शुरू नहीं किया है . फंड की एक किस्त के जारी होने के बाद...प्रोजेक्ट की प्रगति देखकर, आगे पैसा दिया जाएगा . यानी अगर किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 400 करोड़ रुपए की जरुरत है...तो एक बार में 400 करोड़ रुपए नहीं दिए जाएंगे . बल्कि जैसे जैसे काम पूरा होता जाएगा...उसके अधार पर पैसे दिए जाएंगे . 

अब आपको, सरकार की इस योजना से होने वाले...फायदों की 5 बड़ी बातें समझनी चाहिएं . पहली बड़ी बात ये है कि इस फैसले से ऐसे साढ़े 4 लाख से ज्यादा परिवारों को घर मिलेगा...जिनके घरों का निर्माण अधूरा पड़ा है . एक अनुमान के मुताबिक देश में 1 लाख 80 हज़ार करोड़ रुपये के प्रोजेक्टs रुके हुए हैं...जिसकी वजह से देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान हो रहा है .

दूसरी बड़ी बात...सरकार की इस घोषणा से Real Estate और उससे जुड़े क्षेत्रों में सुधार आएगा . तीसरी बड़ी बात ये है कि Real Estate Sector में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे . चौथी बड़ी बात...Cement, Iron और Steel जैसी Industries में तेजी आएगी . और पांचवीं बड़ी बात...Housing Finance कंपनियों को भी इस योजना से फायद मिलेगा . जानकार ये भी कहते हैं कि इन प्रोजेक्टs के पूरे होने का फायदा नए खरीदारों को भी मिलेगा .