ZEE जानकारी: क्या आप अमेरिकी संगीतकार, गायक और कवि Bob Dylan को जानते हैं

अब हम आपको एक ऐसे संगीतकार से मिलवाएंगे. जिसके गीत हमारे देश पत्रकारों के लिए भी एक मिसाल साबित हो सकते हैं. अगर आप आजकल का संगीत सुनते हैं..तो आपका जवाब पूरी तरह से ना होगा. लेकिन अगर आप अमेरिकी संगीतकार, गायक और कवि Bob Dylan को जानते हैं.

ZEE जानकारी: क्या आप अमेरिकी संगीतकार, गायक और कवि Bob Dylan को जानते हैं

अब हम आपको एक ऐसे संगीतकार से मिलवाएंगे. जिसके गीत हमारे देश पत्रकारों के लिए भी एक मिसाल साबित हो सकते हैं. अगर आप आजकल का संगीत सुनते हैं..तो आपका जवाब पूरी तरह से ना होगा. लेकिन अगर आप अमेरिकी संगीतकार, गायक और कवि Bob Dylan को जानते हैं..और आपने उनका संगीत सुना है..तो आप कह सकते हैं. कि संगीत. अधिकारों की बात भी करता और क्रांति के सुर भी छेड़ता है. लेकिन अगर आपने Bob Dylan के बारे में नहीं सुना है तो आपको हमारा आज का ये विश्लेषण ज़रूर देखना चाहिए.

क्योंकि आज Bob Dylan पहले से भी ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं . वर्ष 2016 में आज ही के दिन Bob Dylan को साहित्य के क्षेत्र का Nobel पुरस्कार मिला था . Bob Dylan अकेले ऐसे गायक हैं..जिन्हें साहित्य के क्षेत्र में Nobel पुरस्कार मिला है. लेकिन वो अकेले ऐसे गीतकार...यानी गीत लिखने वाले व्यक्ति नहीं है..जिन्हें साहित्य का Nobel पुरस्कार दिया गया हो . गुरुदेव रबिंद्र नाथ टैगोर पहले ऐसे गीतकार यानी Song Writer थे...जिन्हें साहित्य का Nobel पुरस्कार दिया गया था .

जिस प्रकार रबिंद्र नाथ टैगोर ने शास्त्रीय संगीत की परंपराओं को रबिंद्र संगीत के रूप में संजोया और अपने गीतों, कविताओं और संगीत से...अभिव्यक्ति को नया आयाम दिया...उसी तरह 1960 के दशक में Bob Dylan ने अमेरिकी लोक संगीत को अपने शब्दों की ताकत से क्रांति का हथियार बना दिया .

गुरुदेव रबिंद्र नाथ टैगोर...पूर्व के ऐसे संगीतकार थे जिन्होंने मानवता, समाज, आत्म विश्लेषण, मनोविज्ञान और प्रेम जैसे विषयों को गीतों और कविताओं का रूप दिया था . उनकी ये रचनाएं ऐसे संगीतमय दर्पण की तरह थीं जिसमें कोई भी इंसान या समाज अपना चेहरा देख सकता है . तो पश्चिम के Bob Dylan का संगीत और उनके शब्द भी आज के समाज का दर्पण हैं .

1941 में रबिंद्र नाथ टैगोर की मृत्यु हो गई थी..और उसी साल अमेरिका में Robert Allen Zimmerman का जन्म हुआ था..जिन्हें आज दुनिया Bob Dylan के नाम से जानती है .

Bob Dylan ने देहाती यानी लोक गीतों को नया आयाम दिया और उनके शब्द क्रांति बन गए . 1960 के दशक में Bob Dylan के शब्दों ने पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया छथा . यहां तक कि उन्होंने अपने एक गीत Masters Of War में अपने ही देश यानी युद्ध प्रेमी अमेरिका की पोल खोल कर रख दी . उस गीत की पंक्तिया इस वक्त आपकी स्क्रीन पर है

इसीलिए समाज और राजनीति की गहरी समझ रखने वाले Bob Dylan को आप एक संगीतमय पत्रकार...यानी Musical Journalist भी कह सकते हैं . आज के डिजाइनर पत्रकार सिर्फ एजेंडा चलाते हैं...जबकि Bob Dylan का संगीत..कई क्रांतियों का Anthem यानी समूहगान बन गया . यहां तक कि Bob Dylan के एक गीत...Hurricane ने तो जेल में बंद एक बेगुनाह बॉक्सर को रिहा भी करा दिया था .

इस चैंपियन बॉक्सर का नाम था Carter..जिन्हें एक कत्ल के आरोप में 19 साल की जेल हो गई थी..लेकिन उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया गया था . Bob Dylan ने Carter की कहानी को एक गाने की शक्ल दी...जिसे सुनकर पूरा अमेरिका Carter के समर्थन में एकजुट हो गया . इसके बाद सुनवाई कर रहे जज ने जब Bob Dylan का Hurrican नामक गाना सुना तो उन्होंने भी माना कि आरोपी के साथ न्याय नहीं हुआ और फिर Carter को रिहा कर दिया गया.

अब आप सोचिए कि हमारे देश में आज की तारीख में ऐसे कितने गीतकार हैं. जो अपने शब्दों के दम पर किसी को न्याय दिलाने में सक्षम है. ऐसे कितने पत्रकार हैं. जो सही को सही और गलत को गलत बोलने की ताकत रखते हैं . Bob Dylan का संगीत..सामाजिक न्याय का ज़रिया बन सकता है..लेकिन हमारे देश में मानव-अधिकारों के नाम पर सिर्फ न्यूज चैनलों पर बहस होती हैं..pannelist एक दूसरे पर चिल्लाते हैं..और किसी को न्याय कभी नहीं मिल पाता .

आज हमने Bob Dylan के क्रांतिकारी संगीतमय सफर का एक छोटा सा लेकिन सुरीला विश्लेषण तैयार किया है . जिसे देखकर आप समझ जाएंगे कि कैसे शब्द समाज को भटका भी सकते हैं और क्रांति को जन्म भी दे सकते हैं .