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Zee Jaankari: क्या दुनियाभर में इमरान खान जेहाद का Live प्रसारण करना चाहते हैं?

 पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की दिली ख्वाहिश है, कि वो दुनियाभर में जेहाद का Live प्रसारण करें. और इसके लिए उन्होंने अपनी योजना जगज़ाहिर कर दी है.

Zee Jaankari: क्या दुनियाभर में इमरान खान जेहाद का Live प्रसारण करना चाहते हैं?

चीन की बात तो हो गई. अब उसके छोटे भाई पाकिस्तान की बात करते हैं. क्योंकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की दिली ख्वाहिश है, कि वो दुनियाभर में जेहाद का Live प्रसारण करें. और इसके लिए उन्होंने अपनी योजना जगज़ाहिर कर दी है. इमरान ख़ान ने कल एक Tweet करके बताया, कि पाकिस्तान, Turkey और Malaysia, ये तीनों देश मिलकर बहुत जल्द एक अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेज़ी News Channel खोलेंगे. जिसमें मुसलमानों की समस्याओं का प्रसारण किया जाएगा. और इस Channel की मदद से Islamophobia के खिलाफ मुहिम चलाई जाएगी.

इमरान ख़ान के मुताबिक, दुनियाभर में मुस्लिम समुदाय के संदर्भ में जो अफवाहें फैलाई जाती है, उन्हें इस Channel के माध्यम से दूर किया जाएगा. दुनिया को मुसलमानों का इतिहास बताने के लिए फिल्में बनाई जाएंगी. Series बनाए जाएंगे. और इस अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेज़ी News Channel की मदद से मुस्लिम समुदाय को Media Presence दिया जाएगा.

इमरान ख़ान के Tweet की भाषा देखकर कोई भी यही समझेगा, कि वो वाकई में धर्म विशेष के खिलाफ चलाए जा रहे एजेंडे के खिलाफ हैं. लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए, कि इस अंग्रेज़ी News Channel के लिए पाकिस्तान को Turkey और Malaysia का समर्थन मिला है.

ये तस्वीर उस वक्त की है, जब New York में UNGA के दौरान इमरान ख़ान ने Turkey के राष्ट्रपति Recep Erdogan और Malaysia के प्रधानमंत्री Mahathir Mohamad से मुलाकात की थी. और इसी बैठक के बाद तीनों देशों ने संयुक्त रुप से मुसलमानों को समर्पित TV Channel खोलने का फैसला लिया.

यहां पर ध्यान देने वाली बात ये है, कि इन दोनों ही नेताओं ने United Nations General Assembly में दिए अपने भाषण के दौरान कश्मीर का ज़िक्र किया था. और सार्वजनिक रुप से पाकिस्तान के एजेंडे का समर्थन किया था. आगे बढ़ने से पहले आप इन दोनों का वो बयान सुनिए. इमरान ख़ान को कश्मीर के मुद्दे पर भले ही सऊदी अरब या UAE जैसे इस्लामिक देशों से कोई समर्थन ना मिला हो.

लेकिन Turkey और Malaysia की मदद से अब वो कश्मीर के एजेंडे को आगे बढ़ाना चाहते हैं. और Islamophobia की आड़ में कश्मीर के नाम पर कट्टरपंथी विचारधारा और जेहाद का प्रसारण करना चाहते हैं. UNGA में अपने भाषण के दौरान भी इमरान ख़ान ने बिल्कुल यही किया था. इमरान भले ही Islamophobia की बात कर रहे हों. लेकिन उनके इस दांव के पीछे मुसलमानों का मसीहा बनने की कोशिश भी छिपी हुई है.

और इस तरह वो कश्मीर पर मुस्लिम देशों को भी साधना चाहते हैं. इस बीच आज इज़राएल के अखबार The Jerusalem Post ने पाकिस्तान सहित Turkey और Malaysia दोनों को नैतिकता का पाठ पढ़ाया है. The Jerusalem Post पर छपे लेख में पाकिस्तान के बारे में कहा गया है, कि 'एक ऐसे देश के नेता, जिनके यहां ईशनिंदा के लिए मौत की सजा है, एक नेता जो गर्व से खुद को यहूदी-विरोधी बताता है और एक नेता जो पड़ोसी मुल्कों को धमकाता है.

वो आज एक टीवी चैनल शुरू करने की बात कर रहे हैं. जो Islamophobia के खिलाफ संघर्ष करेगा. Malaysia के पीएम मोहम्मद महातिर खुलकर खुद को यहूदी-विरोधी कहते हैं और इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी बताते हैं. जबकि, Turkey में Erdogan ने अपने विरोधियों को खत्म कर दिया है और सीरिया में सैन्य बलों की संख्या बढ़ाई है.

लेख में ये भी लिखा गया है, कि पाकिस्तान में ईशनिंदा कानून का प्रयोग अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है. जिनमें ईसाइयों के साथ-साथ अहमदिया मुसलमान भी हैं. हालात इतने बुरे हैं, कि पाकिस्तान में अहमदिया मुसलमानों को खुद को मुस्लिम कहने की भी अनुमति नहीं है.' अंतर्राष्ट्रीय News Channel की Launching का तो नहीं पता ?

लेकिन कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की कूटनीतिक अस्थिरता दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है. इमरान ख़ान, अमेरिका से लौटे और उनके लौटने के एक दिन बाद ही संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की स्थायी प्रतिनिधि रहीं, मलीहा लोधी की छुट्टी हो गई. मलीहा लोधी की जगह अब मुनीर अकरम, संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि होंगे.

मलीहा लोधी को उनके पद से क्यों हटाया गया, इस विषय पर पाकिस्तान द्वारा कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. हालांकि, Experts का मानना है, कि मलीहा लोधी को इसलिए हटाया गया, क्योंकि वो पाकिस्तान के 'मिशन कश्मीर' को कामयाब बनाने में बुरी तरह असफल रहीं. इस बीच आज की एक और बड़ी ख़बर ये है, कि इमरान ख़ान, अगले हफ्ते, तीन दिनों के लिए चीन के दौरे पर जाएंगे.

यहां परइमरान ख़ान के दौरे की Timing बहुत महत्वपूर्ण है. क्योंकि, अगले ही हफ्ते चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दूसरे Informal Summit के लिए भारत आने वाले हैं. आम बोल-चाल की भाषा में कहें, तो शायद इमरान ख़ान, Xi Jinping के भारत दौरे से पहले उनके कान भरना चाहते हैं. और उन्हें कश्मीर के नाम पर भ्रमित करना चाहते हैं. हालांकि, चीन पहले ही ये बात स्पष्ट कर चुका है, कि दूसरे Informal Summit के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति Jinping के बीच कश्मीर, चर्चा का विषय नहीं होगा.