close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

Zee Jaankari: हिंदू आज से नहीं हजारों वर्षों से सहनशीलता का परिचय दे रहे हैं

1990 के दशक में कश्मीर के हिंदू पंडितों पर अत्याचार किए गए. 3 लाख 50 हज़ार से ज्यादा कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी से बाहर निकाल दिया गया . 32 हज़ार कश्मीरी पंडितों के घर जला दिए गए. 5 से 8 लाख कश्मीरी पंडितों ने तो कश्मीर को पूरी तरह छोड़ दिया. लेकिन किसी भी कश्मीरी पंडित ने हिंसा का जवाब.

Zee Jaankari: हिंदू आज से नहीं हजारों वर्षों से सहनशीलता का परिचय दे रहे हैं

हिंदू धर्म 5 हज़ार वर्ष पुराना धर्म है. हिंदू धर्म किसी एक भगवान या पद्धिति का अनुसरण करने का आदेश नहीं देता. हिंदू मानते हैं कि हर व्यक्ति को अपना रास्ता चुनने का अधिकार है, और हिंदू धर्म में ईश्वर को ना मानने वालों को भी सम्मान दिया जाता है. फिर भी कुछ लोगों को लगता है कि हिंदू असहनशील हो गए हैं. लेकिन हिंदू आज से नहीं हज़ारों वर्षों से सहनशीलता का परिचय दे रहे हैं. इसे आपको कुछ उदाहरणों से समझना चाहिए .

1990 के दशक में कश्मीर के हिंदू पंडितों पर अत्याचार किए गए. 3 लाख 50 हज़ार से ज्यादा कश्मीरी पंडितों को कश्मीर घाटी से बाहर निकाल दिया गया . 32 हज़ार कश्मीरी पंडितों के घर जला दिए गए. 5 से 8 लाख कश्मीरी पंडितों ने तो कश्मीर को पूरी तरह छोड़ दिया. लेकिन किसी भी कश्मीरी पंडित ने हिंसा का जवाब..हिंसा से नहीं दिया और ना ही इसके खिलाफ हथियार उठाए.

वर्ष 2017 में National Green Tribunal ने अमरनाथ यात्रा के दौरान मंत्र और जयकारों पर रोक लगा दी और भक्तों को घंटी बजाने की भी इजाजत नहीं दी थी. लेकिन हिंदुओं ने अपनी सहनशीलता का परिचय दिया और इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट ले गए.

मई 2019 में अमेरिका की E Commerce बेवसाइट Amazon पर बिक्री के लिए कुछ ऐसे Toilet Seat Covers डाले गए..जिनपर हिंदू-देवी देवताओं के चित्र बने थे . हिंदुओं ने इसका विरोध किया लेकिन हिंसा का रास्ता नहीं अपनाया .

मशहूर पेंटर MF हुसैन पर..वर्ष 2006 में हिंदू देवियों और भारत माता की अश्लील Paintings बनाने का आरोप लगा था . कई हिंदूवादी संगठनों ने उनका विरोध भी किया, उनकी प्रदर्शनियों मे तोड़फोड़ भी की गई. उन पर कानूनी मुकदमे भी चले .लेकिन उनका विरोध सिर्फ कुछ मुट्ठी भर लोगों ने किया. जबकि देश की एक बहुत बड़ी आबादी..जिसमें हिंदू भी शामिल थे. उनको सम्मान देते रहे. इतना ही नहीं वो पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी सम्मानित थे.

भारत के हिंदुओं ने सिर्फ आज़ादी के बाद ही सहनशीलता का परिचय नहीं दिया है. बल्कि इसका इतिहास हज़ारों वर्ष पुराना है. इसे आपको इतिहास के कुछ उदाहरणों से समझना चाहिए . ईरान का सिर्फ 20 से 40 वर्षों में इस्लामीकरण कर दिया गया . 50 से 100 वर्षों में यूरोप पर ईसाइयों का वर्चस्व हो गया.

भारत पर भी मुसलमानों ने करीब 700 वर्षों तक शासन किया और इसके बाद ईसाई धर्म को मानने वाले अंग्रेज़ों ने भारत को गुलाम बनाया . लेकिन ये लोग बहुसंख्यक हिंदुओं की सहनशीलता नहीं छीन पाए. हिंदुओं ने ज्यादातर समय इन लोगों के खिलाफ अहिंसक लड़ाई लड़ी और अपनी सहनशीलता के दम पर अपने धर्म को भी बचाकर रखा .

हिंदू पिछले 500 वर्षों से अयोध्या में राम मंदिर बनाए जाने का इंतज़ार कर रहे हैं. इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और सहनशीलता की अदभुत मिसाल पेश कर रहे हैं . सोचिए क्या किसी मुस्लिम या ईसाई बहुसंख्या वाले देश में...मस्जिद या चर्च के निर्माण के लिए लोग इतना धैर्य दिखा पाएंगे?.

आज हमने ये समझने की कोशिश की है कि इस्लाम को कट्टरता से आखिर कौन जोड़ रहा है. अगर इस्लाम भी हिंदू धर्म की तरह शांति का संदेश देता है तो फिर इसके नाम पर दुनिया भर में इतनी हिंसा क्यों हो रही है. हमने इस विषय पर Candian लेखक, तारिक फतह से बात की . उनका इस विषय पर क्या कहना है आप ये सुनिए.

भारत के अंग्रेज़ी बोलने वाले सेलिब्रिटीज़, विपक्षी पार्टियों क नेता, डिजाइनर पत्रकार और कथित बुद्धीजीवी अक्सर ये दलील देते हैं कि इस्लाम को आतंकवाद के साथ जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए. क्योंकि हर मुसलमान आतंकवादी नहीं होता . ये बात बिल्कुल ठीक है लेकिन ये बात भी सच है कि दुनिया भर में होने वाली आतंकवादी घटनाओं के तार..

अक्सर किसी ना किसी इस्लामिक संगठन से ही जुड़ते हैं और ज्यादातर आतंकवादी हमलों को कोई ना कोई मुस्लिम की अंजाम देता है. दुनिया में इसे Islamic Terrorism कहा जाता है . भारत का ये गैंग भले ही इस्लामिक आतंकवाद के अस्तित्व से इनकार करे. लेकिन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप भी इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं.

पिछले महीने 22 सितंबर को डोनल्ड ट्रंप ने Houston के Howdy Modi कार्यक्रम में इस्लामिक आतंकवाद के खिलाफ बयान दिया था . इस बयान को आपको एक बार फिर सुनना चाहिए.