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Zee Jaankari: 100 सेकेंड में चंद्रयान ने देश को कैसे एकजुट कर दिया?

देश के हर शहर और गांव की दुनिया...यहां तक कि घर-घर में भारत के चंद्रयान मिशन और भारत के राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान ISRO के वैज्ञानिकों की चर्चा हो रही है .

Zee Jaankari: 100 सेकेंड में चंद्रयान ने देश को कैसे एकजुट कर दिया?

अब हम नए भारत की..ISRO Spirit का विश्लेषण करेंगे. आज चंद्रमा से आई खुशखबरी बताने से पहले...हम आपसे एक सवाल पूछना चाहते हैं. आपने आखिरी बार भारत को भावनात्मक तौर पर एकजुट कब देखा था. हो सकता है आपने इससे पहले टीम इंडिया के क्रिकेट वर्ल्डकप जीतने के बाद या फिर पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सेना के पराक्रम के बाद पूरे देश को एकसाथ जुड़ा हुआ पाया हो लेकिन भारतीय इतिहास में ये पहला मौका है जब किसी अंतरिक्ष मिशन ने 100 सेकेंड में भारत को एकजुट कर दिया .

और उस अंतरिक्ष मिशन का नाम है चंद्रयान Two...ISRO ((Indian Space Research Organisation)) के चंद्रयान Two मिशन ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक पूरे हिंदुस्तान को एक सूत्र में बांध दिया . मुंबई से हैदराबाद तककई गणपति पंडालों की Theme भी चंद्रयान Two मिशन पर आधारित थी .चंद्रयान Two ने गांव और शहर की दूरियां मिटा दी . जाति, धर्म, क्षेत्रवाद और राजनीति की दीवारें गिरा दी .

आज देश के हर शहर और गांव की दुनिया...यहां तक कि घर-घर में भारत के चंद्रयान मिशन और भारत के राष्ट्रीय अंतरिक्ष संस्थान ISRO के वैज्ञानिकों की चर्चा हो रही है . ISRO ((Indian Space Research Organisation)) के चेयरमैन डॉ. के सिवन आज देश के सबसे बड़े नायक बन चुके हैं . चंद्रमा पर चंद्रयान Two की लैंडिंग के आखिरी पल से लेकर अब तक...पिछले 3 दिन में देश कितना बदल चुका है .

ये देखने के लिए आपको तीन बातों पर गौर करना होगा . पहली बात- चंद्रमा पर चंद्रयान Two की लैंडिंग से पहले....लैंडिंग के समय और विक्रम से संपर्क टूटने के बाद देश में कैसा माहौल था...अब चंद्रयान Two की लैंडिंग से पहले की कुछ तस्वीरें दिखाते हैं .पटना में चंद्रयान Two की सफलता के लिए बच्चे शंख बजा रहे थे . पूजा कर रहे थे . ऐसी तस्वीर भारत-पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच के दौरान भी कम ही देखने को मिलती है .अगली तस्वीर वाराणसी की है . वाराणसी में चंद्रयान Two मिशन की सफलता के लिए यज्ञ किया गया. तीसरी तस्वीर के भोपाल की है...

जहां चंद्रयान Two मिशन की सफलता के लिए यज्ञ किया गया . इन तस्वीरों से आप समझ सकते हैं कि चंद्रयान Two ने देश को ऐसे एक कर दिया जैसे वर्ल्ड कप का फाइनल भी नहीं करता. चंद्रमा पर लैंडिंग के समय भी दुआओं का दौर जारी रहा . चंद्रमा की सतह पर Lander विक्रम को देखने के लिए पूरा देश देर रात तक जगा हुआ था . लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे थे . लेकिन 6-7 सितंबर को रात 1 बजकर 51 मिनट पर जब ISRO के Ground Station से विक्रम का संपर्क टूटा तो ISRO के वैज्ञानिकों के साथ-साथ करोड़ों लोगों की धड़कनें तेज हो गई थीं . लोग दुखी थे .

वर्ल्ड कप में भारत के हारने पर भी लोगों को इतना दुख नहीं हुआ जितना चंद्रयान Two मिशन के पूरी तरह सफल नहीं होने का था . इनसबके बावजूद हर भारतीय अपने देश के वैज्ञानिकों के साथ खड़ा था . अपने खिलाड़ियों को भी लोगों ने इतना प्रोत्साहन नहीं दिया था जितना ISRO के वैज्ञानिकों को दिया...

ये देश की एक नई भावना है जिसने देश को इकट्ठा कर दिया है...और जब ISRO ने चंद्रमा की सतह पर लैंडर विक्रम की लैंडिंग की जानकारी दी...तो फिर पूरे देश ने चैन की सांस ली . आज ISRO ने खुशखबरी दी कि लैंडर विक्रम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर तिरछा गिरा है, लेकिन टूटा नहीं है . यानी विक्रम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और वो चंद्रमा की सतह पर कदम रखने में सफल हो गया . ये ऐसी खबर है जिसे सुनने के बाद लोगों को ऐसा लग रहा है जैसे विक्रम हमारे घर का कोई बच्चा है जो खो गया था...

और अब घर का वो बच्चा मिल गया है. चंद्रयान TWO के वो आखिरी 100 सेकेंड ऐसे थे, जैसे वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की पारी के आखिरी ओवर की आखिरी गेंद . इन्हें आप ऐसे पल भी कह सकते हैं जब लोग घबराहट में दांतो तले उंगलियां दबा लेते हैं. पिछले 72 वर्षों में देश ने कभी 'जय विज्ञान' के लिए ऐसी एकता नहीं दिखाई थी. आज़ादी के बाद 7 दशकों में देश में विज्ञान से जुड़ी कई बड़ी घटनाएं हुईं... भारत, परमाणु शक्ति से लेकर हजारों किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइलों के मामले में भी आत्मनिर्भर बन गया...

- वर्ष 1974 और 1998 में भारत ने अपना पहला और दूसरा परमाणु परीक्षण Pokhran में किया था. इन Nuclear Tests के बाद भारत परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बन गया.
- वर्ष 1975 में भारत ने अपना पहला Satellite, आर्यभट्ट अंतरिक्ष में लॉन्च किया था
- वर्ष 1994 में ISRO के वैज्ञानिकों ने पहली बार, स्वदेशी रॉकेट PSLV की मदद से अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजा.
- वर्ष 2012 में पहली बार लंबी दूरी तक मार करनेवाली अग्नि Five Missile का सफल टेस्ट किया गया
ये सभी तारीखें भारत के पराक्रम की गवाह हैं... लेकिन देश ने किसी वैज्ञानिक घटना के लिए चंद्रयान Two जैसी एकता नहीं दिखाई...आज 125 करोड़ भारतीयों की भावना देश के लिए वैसी ही है, जैसे वर्ष 1969 में पहली Moon Landing के वक्त नज़र आई थी... तब अंतरिक्ष यात्री Neil Armstrong ने चंद्रमा पर पहला कदम रखा था. और दुनियाभर में 50 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इसका Live Telecast देखा था.
वर्ष 1984 में भी देश के लोगों में ऐसी लहर नहीं दिखाई दी थी. तब भारतीय वायुसेना के पायलट राकेश शर्मा अंतरिक्ष में जानेवाले पहले भारतीय बने थे. उन्हें Indo Soviet Space Mission के तहत अंतरिक्ष भेजा गया था. अंतरिक्ष में पृथ्वी की परिक्रमा करते वक्त, तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने Satellite Link के ज़रिये उनसे बातचीत की थी. और जब इंदिरा गांधी ने राकेश शर्मा से पूछा था कि वहां से भारत कैसा दिखता है, तो राकेश शर्मा के जवाब ने हर भारतीय का सीना गर्व से भर दिया.