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Zee Jaankari: पीएम मोदी के बढ़ते कदम से खराब हुई इमरान खान कर राजनीतिक सेहत

सोमवार को भी न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी अज्ञानता का एक उदाहरण पेश किया .

Zee Jaankari: पीएम मोदी के बढ़ते कदम से खराब हुई इमरान खान कर राजनीतिक सेहत

सोमवार को भी न्यूयॉर्क में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपनी अज्ञानता का एक उदाहरण पेश किया .Council On Foriegn Relations यानि CFR नाम की संस्था के एक कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि एबटाबाद ऑपरेशन में चल रही जांच में क्या निकला तो....उनके पास कोई जवाब नहीं था.पत्रकार ने ये भी पूछा कि ओसामा बिन लादेन कैसे लंबे समय तक एबटाबाद में रहा .पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के पास इस सवाल का भी कोई जवाब नहीं था. आप जानते होंगे कि वर्ष 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद शहर में ओसामा बिन लादेन को अमेरिकी सेना ने मार गिराया था.

जिसके बाद पाकिस्तान में इस बात की जांच शुरु की गई थी कि ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में छिप कर कैसे रह रहा था .आज 8 वर्ष बाद भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को इस जांच में क्या निकला, इसकी जानकारी नहीं है. वैसे ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि इमरान खान की अज्ञानता दुनिया के सामने आई है.अपनी अज्ञानता को लेकर वो Social Media पर पहले भी Troll हो चुके हैं.

पिछले साल Turkey की एक न्यूज एजेंसी TRT World के एक पत्रकार ने इमरान से चीन के उइगर मुसलमानों के बारे में सवाल पूछा था .लेकिन उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी .जबकि वो खुद को मुसलमानों खासकर कश्मीरी मुसलमानों का 'हमदर्द और रहनुमा' बताते हैं .यकीन मानिए...अगर आप इमरान खान का वो जवाब सुनेंगे तो...

कहेंगे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का ज्ञान पांचवीं कक्षा के बच्चे से भी कम है. भारत के महान चिन्तक और समाज सुधारक महर्षि दयानंद सरस्वती का कहना है कि....अज्ञानी होना उतना शर्मनाक नहीं है, जितना अज्ञानी बने रहना .हमें लगता है कि इमरान खान की हालत उसी अज्ञानी की तरह है जो अब कुछ भी सीखना नहीं चाहता.

अब हम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के आतंकवाद पर कबूलनामे का भी विश्लेषण करेंगे .न्यूयार्क में इमरान खान ने आतंकवाद पर अबतक का सबसे बड़ा सच कबूला है .इमरान खान ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तानी आर्मी और खुफिया एजेंसी ISI के आतंकवादी संगठनों से संबंध रहे हैं. इमरान खान का ये कबूलनामा इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान आतंकवाद का केंद्र है .

पाकिस्तान की राष्ट्रीय नीति आतंकवाद को बढ़ावा देने की है .इस नीति की वजह से ही इमरान खान को अमेरिका में शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा. CFR के कार्यक्रम में संचालक ने इमरान खान के सामने अमेरिका के पूर्व रक्षा मंत्री Jim Mattis (जिम मैटिस) की एक टिप्पणी का जिक्र किया .Jim Mattis (जिम मैटिस ) ने अपनी किताब Call Sign Chaos: Learning to Lead में लिखा है कि...

पाकिस्तान दुनिया का सबसे खतरनाक देश है .इसका कारण पाकिस्तान में फैला कट्टरपंथ और उसके परमाणु हथियार हैं .इस टिप्पणी के बाद इमरान खान के पास सच कबूल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. एक सवाल के जवाब में इमरान खान ने ये भी माना कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार होता है .

इमरान खान ने कबूल किया कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है.और उनकी जबरदस्ती शादियां भी करा दी जाती हैं .इसी दौरान जब इमरान ख़ान पाकिस्तान के हालात का जिक्र कर रहे थे तो उन्होंने ये भी कह दिया कि उनकी जगह कोई और नेता होता तो उसे दिल का दौरा पड़ जाता.

हमें लगता है कि इमरान ख़ान की दिल की धड़कनें भारत की शक्तिशाली कूटनीति को देखकर बढ़ी हुई है .पाकिस्तान की सेना और ISI उन्हें जिस राजनीतिक ऑक्सीजन की Supply कर रही है, उसे कभी भी रोका जा सकता है .यानी इमरान ख़ान अपनी देश की नहीं बल्कि खुद की बिगड़ती हुई राजनीतिक सेहत से परेशान हैं.