ZEE जानकारी: नकारात्मकता का केंद्र बना जम्मू-कश्मीर, अब Positivity संदेश दे रहा है

आज जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए. 106 दिन बीत चुके हैं. और देश और कश्मीर पूरी तरह सामान्य है.

ZEE जानकारी: नकारात्मकता का केंद्र बना जम्मू-कश्मीर, अब Positivity संदेश दे रहा है

DNA में आज हम सबसे पहले आपको सकारात्मक बनाने वाली एक खबर का विश्लेषण करेंगे . लेकिन उससे पहले आपको ये समझ लेना चाहिए कि नकारात्मक खबरें आपके मस्तिष्क पर क्या प्रभाव डालती हैं . American Psychological Association के मुताबिक लगातार... नकारात्मक खबरें.. देखने, पढ़ने और सुनने वाले लोगों में से आधे लोग तनाव, घबराहट, थकावट और अनिद्रा के शिकार हो जाते हैं . इसी तरह ब्रिटेन की Sussex यूनिवर्सिटी की एक रिसर्च मुताबिक टीवी और सोशल मीडिया पर Visuals के तौर पर प्रसारित होने वाली नकारात्मक खबरें.

आपके स्वभाव को चिड़चिड़ा और आक्रामक बना देती हैं और यहां तक कि आपको इससे Post-traumatic stress disorder भी हो सकता है . ये बीमारी अक्सर जिंदगी में घटे किसी भयावह हादसे के बाद होती है . लेकिन नकारात्मक खबरें सिर्फ अपने दम पर आपको मानसिक रोगी बना सकती हैं .

ये सब हम आपको इसलिए बता रहे हैं..क्योंकि आपने देखा होगा कि पिछले कुछ दिनों से देश का मीडिया लगातार आपको नकारात्मक खबरें दिखा रहा है . जिसमें टुकड़े-टुकड़े करने की भावना है, मुर्दाबाद वाली राजनीति है, और हाय-हाय वाला विरोध है . पिछले कई दिनों से ये सिलसिला लगातार ऐसे ही चल रहा है .

लेकिन आज हमने फैसला किया है कि हम आपको कुछ अच्छी खबरें दिखाएंगे...जिन्हें देखकर आपके अंदर भी सकारात्मकता का संचार होगा . ये सुखद खबर जम्मू-कश्मीर से आई है . जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद..पहली बार पुलिस में शामिल होने वाले जवानों ने...सिर्फ “आईन-ए-हिंद” यानी भारत के संविधान की शपथ ली है .

ये तस्वीरें उस नए कश्मीर की है...जिसे लंबे अर्से तक नकारात्मक और देश विरोधी राजनीति का केंद्र बनाकर रखा गया था और जिसे विशेष-अधिकारों के नाम पर..मुख्यधारा से अलग कर दिया गया था, जिसका अपना संविधान और अपना कानून था . लेकिन कल कश्मीर के गांदरबल में आयोजित...पुलिस के जवानों की Passing Out Parade में एक देश एक संविधान का सपना चरितार्थ हो गया .

पहले आप ये सबसे सुखद तस्वीर देखिए...फिर हम आपको बताएंगे कि कैसे कश्मीर की तरह आप अपने जीवन को भी नकारात्मकता वाले जाल से बाहर निकाल सकते हैं . अनुच्छेद 370 हटने से पहले..जम्मू-कश्मीर में सरकारी पदों पर और पुलिस में भर्ती होने वाले लोगों को जम्मू-कश्मीर और भारत के संविधान के तहत शपथ दिलाई जाती थी .

लेकिन 7 दशकों से चला आ रहा ये सिलसिला टूट गया और इसके साथ ही देश को बांटने का सपना देखने वालों को ये संदेश भी गया है.. कि अब देश सिर्फ एक निशान और एक विधान के तहत चलेगा . जम्मू कश्मीर पुलिस में...इस वर्ष 1 हजार 145 जवान शामिल हुए हैं . इनमें 39 Special Commandos भी शामिल हैं . इन Commandos को आगज़नी, दंगों और पथराव जैसे हालात से निपटने के लिए...विशेष रूप से ट्रेनिंग दी गई है .

इन जवानों का कहना है...कि ये भारत के संविधान के तहत, अपना कर्तव्य निभाएंगे और देश की रक्षा करेंगे . इन जवानों को खास तौर पर इस बात की ट्रेनिंग दी गई है...कि कैसे भीड़ में फंसने पर, लोगों पर बिना गोली चलाए...अपना बचाव कर सकें और उपद्रवियों को दूर रख सकें . 5 अगस्त 2019 को...जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर, केंद्र सरकार ने.

खुशहाल और सुरक्षित जम्मू कश्मीर की नींव रखी थी . लेकिन जो लोग कश्मीर के सुखद भविष्य को लेकर खुश नहीं थे...वो बार-बार देश में नकारात्मकता का माहौल बना रहे थे . ये लोग कह रहे थे कि भारत सरकार के इस कदम के बाद..देश में आग लग जाएगी . और देश के साथ-साथ कश्मीर भी जल उठेगा..और भारत सरकार के लिए देश को संभालना मुश्किल हो जाएगा . लेकिन आज जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाए...106 दिन बीत चुके हैं . और देश और कश्मीर पूरी तरह सामान्य है .

गृह मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले 6 महीनों में लगभग 34 लाख पर्यटकों ने जम्मू कश्मीर की यात्रा की है...जिनमें 12 हजार 934 विदेशी पर्यटक शामिल थे . इस दौरान पर्यटन के माध्यम से जम्मू-कश्मीर को 25 करोड़ रुपए की आमदनी भी हुई .

अनुच्छेद 370 हटने के बाद पत्थरबाजी की घटनाओं में भी कमी आई है . 5 अगस्त से 15 नवंबर 2019 तक पत्थरबाजी के
सिर्फ 190 मामले दर्ज किए गए हैं .यानी कभी..अलगाववाद और आतंकवाद के नाम पर नकारात्मकता का केंद्र बना जम्मू-कश्मीर..अब पूरे भारत को सकारात्मकता यानी Positivity का संदेश दे रहा है .

वैज्ञानिक और डॉक्टर मानते हैं कि प्रदूषण, ट्रैफिक जाम, नकारात्मक विचार और नकारात्मक खबरें..आपके मन और शरीर को बहुत बीमार बना देती हैं . इसलिए बीच-बीच में वक्त निकालकर..आपको किसी प्राकृतिक सुंदरता वाले स्थान पर चले जाना चाहिए . इससे मन की Negativity भी कम होती है और शरीर पर पड़ने वाले प्रदूषण के दुष्प्रभावों में भी कमी आती है.

और फिलहाल जम्मू-कश्मीर एक ऐसी ही सुंदर और मनोरम जगह है...जहां की सैर करने से आपको बहुत तरह के शारीरिक और मानसिक लाभ मिल सकते हैं . लेकिन अगर आप फिलहाल जम्मू-कश्मीर नहीं जा सकते..तो कम से कम हाय हाय..टुकड़े-टुकड़े, और मुर्बादाबाद वाली नकरात्मकता से दूर रहने की कोशिश कर सकते हैं . और Zee News सकारात्मक खबरों के ज़रिए इसमें आपकी मदद करता रहेगा .