ZEE जानकारी: विधायकों की परेड के नाम पर लोकतंत्र से मजाक!

बहुमत साबित करने का सबसे पावन स्थल. विधासभा या संसद को माना जाता है. राज्यों में विधानसभा के Floor पर ही बहुमत का परीक्षण होता है. लेकिन आज शिवसेना, NCP और कांग्रेस ने मुंबई के एक पांच सितारा होटल के Floor पर बहुमत साबित करने की कोशिश की. 

ZEE जानकारी: विधायकों की परेड के नाम पर लोकतंत्र से मजाक!

बहुमत साबित करने का सबसे पावन स्थल. विधासभा या संसद को माना जाता है. राज्यों में विधानसभा के Floor पर ही बहुमत का परीक्षण होता है. लेकिन आज शिवसेना, NCP और कांग्रेस ने मुंबई के एक पांच सितारा होटल के Floor पर बहुमत साबित करने की कोशिश की. विधायक Hotel के Floor पर बहुमत का प्रदर्शन कर रहे हैं. और पार्टी के फैसलों की रक्षा करने की शपथ भी ले रहे हैं. इन विधायकों ने शपथ में ये भी कहा कि वो बिकाऊ नहीं हैं. और वो ऐसा कोई कदम नहीं उठाएंगे. जिससे बीजेपी को फायदा पहुंचता हो. 

लेकिन सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि इन सभी विधायकों ने संविधान की शपथ लेते हुए कहा कि ये लोग उद्धव ठाकरे, शरद पवार और सोनिया गांधी के नेतृत्व में काम करेंगे. अब आप सोचिए....कि कांग्रेस विरोध के नाम पर अपनी राजनीति की बुनियाद रखने वाले शिवसेना के विधायक..कैसे सोनिया गांधी के नाम की शपथ ले रहे हैं. एक दूसरे को अछूत मानने वाली पार्टियां..जब एक दूसरे के नाम की कसमें खाने लगें...तो समझ लीजिए...कि लोकतंत्र में अब सिद्धातों और नैतिकता की बातें करना बेईमानी हो चुका है.

अब हम आपको दो तस्वीरों दिखाना चाहते हैं. पहली तस्वीर आज से करीब 73 वर्ष पहले की है. जबकि दूसरी तस्वीर आज शाम की है. यानी 25 नवंबर 2019 की.पहली तस्वीर दिसंबर 1946 में नई दिल्ली में हुई संविधान सभा की बैठक की है. और दूसरी तस्वीर मुंबई के एक पांच सितारा होटल में हुई विधायकों की परेड की है .

संविधान सभा के सदस्यों ने 2 साल 11 महीने और 17 दिन की मेहनत के बाद देश का संविधान तैयार किया और 26 नवंबर 1949 को संविधान को स्वीकार किया गया . इसी दिन को अब संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है और कल पूरा देश 70वां संविधान दिवस मनाएगा. लेकिन उससे पहले आज मुंबई के एक होटल में जो हुआ.

वो देश आने वाले कई वर्षों तक याद रखेगा . क्योंकि मुंबई के एक पांच सितारा होटल से जो तस्वीरें आईं है...वो संविधान की आत्मा को चोट पहुंचाने वाली है .विडंबना ये है कि इस होटल की दीवारों पर भारत के संविधान के बड़े बड़े Posters लगाए गए थे . और सभी दीवारों पर मराठी में लिखा था We Are 162..यानी हम 162 हैं . संविधान निर्माताओं ने 1 हज़ार 83 दिनों की मेहनत के बाद..भारत के लोकतंत्र की आत्मा को संविधान में समेटा था .

और शिवसेना, NCP और कांग्रेस के नेताओं ने 32 दिनों के सियासी संघर्ष के बाद एक पांच सितारा होटल में सत्ता हासिल करने की कसमें खाईं . इस दौरान मीडिया के सामने बहुमत साबित करने की भी कोशिशें की गई . अब दुख की बात ये है कि विधानभा के बाहर..बहुमत साबित करने वाले ये नेता...विधानसभा पहुंचकर भारत के ही संविधान की शपथ लेंगे.

इन विधायकों को मुंबई के अलग-अलग होटलों में रखा गया था. ताकि इनसे कोई बाहरी व्यक्ति संपर्क ना कर पाए और विधायकों के टूटने का खतरा ना हो. यानी एक तरह से इन विधायकों को बंद करके रखा गया था. आप कह सकते है कि 26 जनवरी को दिल्ली के राजपथ पर गणतंत्र की परेड होती है और आज मुंबई के एक होटल में बंद-तंत्र की परेड हुई..क्योंकि पिछले कई दिनों से अलग अलग होटलों के कमरों में इन विधायकों को एक तरह से बंद करके ही रखा गया था .

इस होटल में NCP के अध्यक्ष शरद पवार...उनकी बेटी और NCP की नेता..सुप्रिया सुले, शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के नेता पृथ्वीराज चव्हाण और दूसर बड़े नेता शामिल थे . इस परेड में आए इन बड़े बड़े नेताओं ने नैतिकता की बड़ी बड़ी बातें की...कहा कि ये लडाई सत्ता के लिए नहीं है..बल्कि सत्य की जीत के लिए है.

लेकिन ऐसा लगता है कि महाराष्ट्र में सत्ता ही नई नैतिकता है. और इस नैतिकता के आगे, सिद्धांत, विचारधारा और जनादेश...सब व्यर्थ की बातें हैं . इस होटल में विधायकों को बसों में भरकर लाया गया था . शायद उन्हें पार्टी का साथ देने की सौगंध भी खिलाई गई होगी..और होटल पहुंचने के बाद..विधायकों की परेड कराई गई.

ताकि साबित किया जा सके. कि असली बहुमत शिवसेना, NCP और कांग्रेस के पास है. बीजेपी के पास नहीं . पहले आप विधायकों की इस परेड के कुछ Highlights देखिए..फिर हम इस सवाल का विश्लेषण करेंगे कि क्या अब लोकतंत्र में बहुमत होटलों में बंद हो गया है .