close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

Zee Jaankari: अपने अंदर के रावण को मारिए और राम को पहचानिए

दशहरा एक संस्कृत शब्द है. जिसका अर्थ होता है 10 बुराइयों को नष्ट करना इसलिए आज हम आपको उन 10 बुराइयों के बारे में भी बताएंगे जिनका वध करना आपके लिए बहुत आवश्यक है. 

Zee Jaankari: अपने अंदर के रावण को मारिए और राम को पहचानिए

दशहरा एक संस्कृत शब्द है. जिसका अर्थ होता है 10 बुराइयों को नष्ट करना इसलिए आज हम आपको उन 10 बुराइयों के बारे में भी बताएंगे जिनका वध करना आपके लिए बहुत आवश्यक है. लेकिन पहले आप ये समझिए कि रामायण काल की घटनाओं से आप क्या सीख सकते हैं.आप रामायण से ये सीख सकते हैं कैसे धैर्य आपको हमेशा विजयी बनाता है . भगवान राम बिना धौर्य खोए धर्म के मार्ग पर चलते रहे . उन्हें 14 वर्षों का वनवास मिला था , उन्हें  अपनी पत्नी सीता से भी अलग होना पड़ा लेकिन उन्होंने धैर्य का साथ नहीं छोड़ा और आखिरकार अपना लक्ष्य हासिल कर लिया .

इसलिए आप भी जीवन में धैर्य को सफलता की कुंजी बना लें .रावण एक शक्तिशाली राक्षस होने के साथ-साथ परम ज्ञानी भी था . वो भगवान शिव का भक्त था . उसे चारों वेदों का ज्ञान था .  लेकिन उसे अपने इसी ज्ञान पर बहुत घमंड था . कहा जाता है कि उसने रामायण काल में कई बड़े-बड़े देवताओं को हरा दिया था . उसने सभी नौ ग्रहों पर भी विजय पा ली थी .

लेकिन वो अपने अहंकार को नहीं हरा सका और यही उसके विनाश का कारण बन गया .इसलिए जीवन में ज्ञान ज़रूर अर्जित करें . लेकिन उसका इस्तेमाल दूसरों की भलाई के लिए करें क्योंकि अपनी ताकत और ज्ञान पर अहंकार करने वाला व्यक्ति कभी सुख हासिल नहीं कर सकता. आज हम बाहरी दुनिया पर तो विजय प्राप्त कर रहे हैं . चांद पर मिशन भेज रहे हैं .

मंगल की यात्राएं कर रहे हैं . लेकिन अपने अंदर की यात्रा करने का गुण हम भूल गए हैं . और जो व्यक्ति अपने अंदर के युद्ध को नहीं जीत पाता.. वो बाहर की दुनिया में भी सफल नहीं हो सकता. ऐसा भी माना जाता है कि रावण ने भगवान ब्रह्मा से अमर होने का वरदान प्राप्त करते हुए कहा था...कि उसे ऐसी शक्तियां दी जाए ..जिससे उसका वध ना कोई भगवान कर पाएं, ना कोई आत्मा, ना ही कोई राक्षस और ना ही कोई जानवर .

लेकिन अपने अहंकार की वजह से उसने मनुष्यों का नाम नहीं लिया..क्योंकि उसे लगता था कि इंसान उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते . इसलिए भगवान विष्णु को रावण का वध करने के लिए राम का अवतार लेना पड़ा, जो एक सामान्य इंसान थे. इसलिए जीवन में कभी भी साधरण दिखने वाले व्यक्तियों को नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए. उनकी प्रतिभा और ज्ञान का सम्मान करना चाहिए .

अति आत्म विश्वास का शिकार होने से बचना चाहिए और हमेशा विनम्र बने रहना चाहिए. सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि जीवन में हमेशा सही का साथ देना चाहिए. धर्म के रास्ते पर चलना चाहिए .जैसा कि रावण के भाई विभीषण ने किया था . उसने रावण का नहीं बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का साथ दिया था .

और धर्म की विजय में अपनी भूमिका निभाई थी. विजयदशमी के अवसर पर आज आपको बहुत सारे बधाई संदेश आए होंगे . Whatsapp पर लोगों ने आपको विजयदश्मी की शुभकामनाएं दी होंगी. भगवान राम के जीवन से जुड़े संदेश भी आप तक पहुंचाए होंगे . दिन भर किसी ना किसी ने आपको बताया होगा कि आज बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है .

लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि इस विजय के पीछे कितनी मेहनत, कितना आत्मनियंत्रण, कितना आपसी सहयोग और कितना कुशल Management छिपा है . इसके लिए आपको भगवान राम के चरित्र की विशेषताओं को समझना होगा .भगवान राम की पहली विशेषता ये थी कि वो बहुत अच्छे Planner थे .

उन्होंने रावण से युद्ध लड़ने में जल्दबाज़ी नहीं दिखाई . संयम का परिचय दिया और सही समय का इंतज़ार किया .उन्होंने ये युद्ध एक राजा की तरह नहीं बल्कि जन-नेता तरह लड़ा . इसके लिए पहले उन्होंने रावण के खिलाफ एक आंदोलन खड़ा किया . वनवास के दौरान उन्होंने अपना नेटवर्क बनाया, लोगों से बातचीत की...और उन्हें रावण के खिलाफ लड़ने के लिए तैयार किया .

जीवन के युद्घ भी योजना बनाकर लड़े जाते हैं . आप सफल होना चाहते हैं तो सबसे पहले अपना धैर्य बनाए रखें . मुसीबतों के जंगल में जाने से घबराएं नहीं . अपना सामाजिक दायरा बढ़ाते रहें . Networking करते रहें और सफलता को एक आंदोलन में बदल दें .भगवान राम से आप Coordination और Winning Combination के बारे में भी सीख सकते हैं .

भगवान राम ने रावण के साथ युद्ध करने से पहले कई सेनाओं के साथ गठबंधन किया . उनकी टीम में वानर सेना , दूसरे राजा और अलग अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे . ये एक Winning Combination था . जिसने रावण के अहंकार को चूर-चूर कर दिया . इसलिए जीवन की लड़ाइयां भी अकेले नहीं लड़ी जा सकती .

विजय प्राप्त करने के लिए आपको भी एक Winning Team बनानी होगी और पूरे जज्बे के साथ...चुनौतियों का सामना करना होगा . अगर आप Talented हैं, शक्तिशाली हैं, और ज्ञानी हैं तो अपनी इन क्षमताओं पर अहंकार ना करें . भगवान राम ने भी कभी अपने पराक्रम का दुरुपयोग नहीं किया . शक्तिशाली होने के बावजूद उन्होंने कभी किसी को चोट नहीं पहुंचाई, दुखी नहीं किया और हमेशा सही का साथ दिया .

इसलिए आप भी अपनी काबिलियत का इस्तेमाल लोगों को नीचा दिखाने के लिए नहीं...बल्कि उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए कीजिए . राम के जीवन से चौथी और सबसे महत्वपूर्ण बात..आप ये सीख सकते हैं कि अपने परिवार को महत्व देना कभी ना भूलें . उन्होंने अपने पिता के आदेश का पालन किया . भाइयों को सम्मान दिया . पत्नी सीता की रक्षा के लिए रावण के साथ युद्ध भी किया  .

हमारा समाज आज Nuclear Families की तरफ बढ़ रहा है . परिवार छोटे हो रहे हैं. और रिश्तों का महत्व कम हो रहा है . लेकिन भगवान राम ने अपने सभी रिश्तों को सहेज कर रखा था . इसलिए आप भी भगवान राम से पारिवारिक मूल्यों का महत्व समझ सकते हैं. भगवान राम पूरे संसार को अपना परिवार मानते थे .

यानी वो वसुधैव कुटुम्कम की भावना का सम्मान करते थे . जबकि रावण जीवन के अंत में पूरी तरह अकेला रह गया था . सबने उसका साथ छोड़ दिया था . इसलिए अपने परिवार पर गर्व कीजिए और पूरे संसार को भी अपना ही परिवार मानिए . कलियुग की बुराइयों में एक बुराई कर्ज़ भी है . लोग क्षमताओं से ज्यादा कर्ज़ ले लेते हैं. कई Credit Cards बनवा लेते हैं.

और फिर Repayment में दौरान मुश्किलों का सामना करते हैं . इसलिए अपनी कर्ज़ लेने की आदत को सीमित करना भी....बुराई पर विजय प्राप्त करने जैसा है. भगवान राम बहुत अनुशासित थे . और अपनी जिम्मेदारियों को बहुत अच्छी तरह निभाते थे . इसलिए आप भी जीवन में वित्तीय अनुशासन अपनाएं और अपने परिवार की ज़रूरतों का ध्यान रखें .

हिंदू धर्म में कहा जाता है कि जब भी पृथ्वी पर पाप और संकट बढ़ता है तो भगवान लोगों को बचाने के लिए अवतार लेते हैं . यानी भगवान सबकी रक्षा करते हैं. इसलिए आप भी अपने जीवन की रक्षा कीजिए अपना और परिवार जीवन बीमा कराइये . ये संकट के वक्त आपके परिवार के बहुत काम आ सकता है.

विजयदशमी पुरानी आदतों से छुटकारा पाने का भी पर्व है . सुखी जीवन के लिए अच्छी आर्थिक योजनाएं बनानी होती हैं. इसलिए फिज़ूलखर्ची की पुरानी आदत को छोड़कर...अपने और अपने परिवार के लिए पैसा जोड़िए ताकि मुश्किल वक्त में यही पैसा आपके काम आ सके .