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Zee Jaankari: एक क्लिक में जानिए अयोध्या विवाद से जुड़ी हर बातें

आज देश की सबसे बड़ी आबादी की आस्था से जुड़े. सबसे बड़े मुद्दे का विश्लेषण करेंगे. आज देश की 135 करोड़ जनता के लिए खुशी का दिन है. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर पर सुनवाई पूरी हो गई है.

Zee Jaankari: एक क्लिक में जानिए अयोध्या विवाद से जुड़ी हर बातें

आज देश की सबसे बड़ी आबादी की आस्था से जुड़े. सबसे बड़े मुद्दे का विश्लेषण करेंगे. आज देश की 135 करोड़ जनता के लिए खुशी का दिन है. क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर पर सुनवाई पूरी हो गई है. देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली. 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. मुख्य न्यायाधीश गोगोई अगले महीने 17 नवंबर को रिटायर होनेवाले हैं. अब 17 नवंबर या उससे पहले सुप्रीम कोर्ट इसपर फैसला सुनाएगा. यानी अब तारीख पर तारीख नहीं दी जाएगी. बल्कि 31 दिनों के अंदर राम मंदिर पर ऐतिहासिक फैसला आ जाएगा.

आज देश की जनता के मन में बहुत से सवाल हैं ? वो जानना चाहते हैं कि आखिर राम मंदिर पर क्या फैसला आने की संभावनाएं हैं ? और 40 दिनों में अदालत में क्या दलीलें दी गई हैं ? आज आपको इन सभी सवालों का जवाब देने की कोशिश करेंगे. लेकिन सबसे पहले आपको ये जानना चाहिए आज सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ? अयोध्या केस की सुनवाई का आज 40वां दिन था.

और आज मुख्य न्यायाधीश ने शाम 5 बजे तक सुनवाई पूरी करने की Deadline तय की थी. यानी वो जानते थे कि सालों से चल रहे इस मामले में पूरे देश को फैसले का इंतजार है. यहां हम ये भी बता दें कि. सुप्रीम कोर्ट में लंबी सुनवाई के मामले में... अयोध्या देश का दूसरा सबसे लंबा केस है. इससे पहले, सबसे लंबी 68 दिनों की सुनवाई... केशवानंद भारती केस में हुई थी.

इस केस में देश की जनता के मौलिक अधिकारों पर फैसला सुनाया गया था. आज सुनवाई के आखिरी दिन सुप्रीम कोर्ट में एक नक्शा फाड़ने के बाद हंगामा हो गया. मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने... हिंदू महासभा के वकील विकास सिंह की तरफ से कोर्ट में पेश किए गए नक़्शे की कॉपियां फाड़ दी . विकास सिंह ने विवादित जगह पर मन्दिर की मौजूदगी साबित करने के लिए...

Ayodhya Revisited किताब में छपे नक्शे को अदालत में पेश किया था . ये किताब एक पूर्व IPS द्वारा लिखी गई थी . राजीव धवन ने इसे रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं बता कर विरोध किया... और उनके पास मौजूद नक्शे की कॉपी फाड़ दी . मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन को ये समझना चाहिए कि एक वकील का काम...

अदालत में अपना केस... तर्कों के आधार पर पेश करना है . कोर्ट में बतौर सबूत पेश किए गए दस्तावेजों को नष्ट करना... एक वकील को शोभा नहीं देता है . वकील का कर्तव्य है कि वो जज के सामने पूरी मजबूती से अपना पक्ष रखे... लेकिन केस लड़ते वक्त उन्हें कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए... जिससे लोगों को वकालत के पेशे पर उंगली उठाने का मौका मिले .

कोर्ट में पेश किए गए सबूत को नष्ट करने पर... मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा... कि अगर इसी तरह का माहौल रहा तो वो अभी सुनवाई पूरी कर देंगे... और फिर जिस भी पक्ष को जो दलील देनी होगी वो लिखित में लेंगे. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के आखिरी दिन सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन की तरफ से...

मुकदमा वापस लेने का हलफनामा... मध्यस्थता पैनल के पास भेजने की चर्चा बनी रही . हालांकि अदालत में किसी भी पक्ष ने इसे लेकर जानकारी नहीं दी . क्योंकि, आज सुनवाई का आखिरी दिन था इसलिए दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी महत्वपूर्ण बातों को दोबारा कोर्ट के सामने रखा . पिछले 40 दिनों में सुप्रीम कोर्ट में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर रहा कि विवादित स्थान पर पहले मंदिर बना या मस्जिद .

आपको वो बड़े मुद्दे बताते हैं जिनपर दोनों पक्षों ने सबसे ज्यादा बहस की .सुप्रीम कोर्ट में सबसे बड़ी बहस विवादित भूमि के मालिकाना हक को लेकर हुई. जहां हिंदू पक्ष ने कहा कि वहां हमेशा मंदिर था... अभी भी मंदिर है और भविष्य में भी मंदिर रहेगा. और यही वजह है कि मुसलमानों के कब्जे के बावजूद हिंदुओं ने वहां कभी पूजा बंद नहीं की.

वहीं दूसरी तरफ मुस्लिम पक्ष का दावा है कि वहां उनकी मस्जिद थी और उसके बाहर यदि किसी को पूजा करने की इजाजत मिल जाए तो वो मस्जिद हिंदुओं की नहीं हो जाती . मुस्लिम पक्ष ने ये भी कहा कि जहां पर मस्जिद बनाई जाती है वो जमीन अल्लाह को समर्पित हो जाती है... और वो जगह मुस्लिमों के लिए सबसे ज्यादा पवित्र होती है .

यह दलील हिंदू पक्ष की उस बात को काटते हुए दी गई... जिसमें कहा गया था कि जहां मस्जिद बनाई गई थी... वहां रामलला विराजमान थे... और वो जगह हिंदुओं के लिए आज भी पूजनीय है . जबकि मुसलमानों की तरफ से वहां कोई भी नमाज अदा नहीं करता है .बहस का एक और मुद्दा था कि जमीन पर किस पक्ष का कब्जा... कब और कितने समय तक रहा है. रामजन्मभूमि पर Archaeological Survey of India की रिपोर्ट को दोनों पक्षों ने अपने अपने हक में बताया .
अदालत में मस्जिद की पहचान क्या है इस पर भी सवाल जवाब हुए. सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों ने आस्था का मुद्दा भी उठाया... क्योंकि कानून में आस्था को भी पूरा स्थान दिया गया है. राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले अयोध्या में सुरक्षा बढ़ा दी गई है . वैसे यहां पर हमेशा हाई सिक्योरिटी रहती है. लेकिन इस बार मामला संवेदनशील माना जा रहा है.

उत्तर प्रदेश सरकार ने 30 नवंबर तक सभी अफसरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें हेडक्वार्टर में बने रहने के लिए कहा गया है. अयोध्या में 14 अक्टूबर से ही 10 दिसंबर तक धारा 144 लगा दी गई है . इस वजह से सार्वजनिक जगहों पर टीवी DEBATE करने पर रोक लगी हुई है. अयोध्या फैसला और दीपोत्सव की तैयारी के लिए ज्यादा पुलिस फोर्स तैनात की गई है.

मदद के लिए वहां Paramilitary Force और एटीएस कमांडो की टीम भी मौजूद रहेगी. प्रशासन के लिए ऐसा करना क्यों जरूरी है ये समझिए...इसकी वजह है अयोध्या में बहुत सारे न्यूज चैनलों का पहुंचना . वहां बड़े बड़े धार्मिक नेता और धर्म गुरुओं को बहस के शो में बुलाकर पूरे देश की जनता को भड़काने की कोशिश हो रही है .

जबकि दीवाली से पहले ऐसा करने से देश का माहौल बिगड़ सकता है . हमारा देश गंगा जमुनी तहजीब के लिए जाना जाता है... यहां सभी धर्मों के लोग मिलकर शांतिपूर्वक रहते आए हैं...और आगे भी ऐसा ही होगा . लेकिन आज शाम को आपने भी देखा होगा कि लगभग सभी न्यूज चैनल अयोध्या में अपनी दुकान लगाकर बैठ गए हैं .

लेकिन ZEE NEWS ऐसा नही करता है. हमारा मानना है कि ये देश का बेहद संवेदनशील मुद्दा है... और जबतक सुप्रीम कोर्ट का फैसला नहीं आता... तब तक ZEE NEWS अयोध्या विवाद पर बहस का कार्यक्रम नहीं करेगा .हमने आज DNA की शुरुआत में भी कहा है कि..

. अयोध्या हमारे लिए TRP नहीं बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द का विषय है. लेकिन लगता है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर News Channels अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं. इसलिए NBSA यानी News Broadcasting Standards Authority ने कुछ Guidelines जारी की हैं. सबसे पहले आपको बता दें कि NBSA क्या है . NBSA एक स्वतंत्र संस्था है... जो न्यूज़ चैनलों पर प्रसारित होने कार्यक्रमों पर नजर रखती है और समय समय पर दिशा निर्देश जारी करती है.