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Zee Jaankari: जानिए, E Commerce कंपनियां कैसे ग्राहकों को लुभाती हैं

आपको जानकर हैरानी होगी कि ग्राहकों को जबरदस्त Discounts देने वाली कंपनियों के मालिक दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं.

Zee Jaankari: जानिए, E Commerce कंपनियां कैसे ग्राहकों को लुभाती हैं

E Commerce कंपनियां सिर्फ Discounts का लालच देकर ही..ग्राहकों को नहीं लुभाती...बल्कि वो इसके लिए कंम्यूटर साइंस और इंटरनेट की भी मदद लेती हैं. आपने गौर किया होगा कि जब आप Internet पर कोई Product सर्च करते हैं...तो थोड़ी देर बाद..आपके Mobile Phones, Laptop और Computer पर उसी Products के विज्ञापन दिखाई देने लगते हैं . इस दौरान आपको कई सारे Offers भी दिखाते जाते हैं ताकि आपको वो Product खरीदने के लिए तैयार किया जा सके . अमेरिका की Investment कंपनी Jefferies के मुताबिक Online Shopping करना वाला एक भारतीय एक वर्ष में औसतन 12 हज़ार 800 रुपये की खरीददारी E Commerce प्लेटफॉर्म्स पर करता हैं. 

जबकि अगले 10 वर्षों में लोग हर Online Shopping पर 25 हज़ार रुपये से ज्यादा खर्च करने लगेंगे .यानी आने वाले 10 वर्षों में आप ऐसी Virtual दुकानों के ग्राहक बन जाएंगे जिनके पास आपका सारा Data होगा, आपकी खरीददारी की आदतों की पूरी जानकारी होगी . इन Virtual दुकानदारों को आपके बारे में सब कुछ पता होगा .

आप क्या पहनना पसंद करते हैं, आपका पसंदीदा Brand कौन सा है ? आपको खाने में क्या पसंद है ? यहां तक कि आपके परिवार के किसी सदस्य को किसकी चीज़ की ज़रूरत है ये भी इन कंपनियों को अच्छी तरह से पता होगा . आपके विचार कैसे हैं..आप किन लोगों के साथ घूमना पसंद करते हैं और आपको किस वक्त कौन से Product का विज्ञापन दिखाना है..

.ये सब ये कंपनियां आपसे मिले Data के आधार पर तय कर पाएंगी . इस काम में ये कंपनियां A.I यानी Artificial Intellgence की मदद लेंगी . यानी A.I की मदद से कंपनियां खरीददारी को लेकर हमारी सोच भी बदल पाएंगी और हमें वो Product खरीदने पर मजबूर कर सकेंगी जो शायद हम खरीदना भी नहीं चाहते .

इस विषय पर आपको आज इजरायल के प्रोफेसर और इतिहासकार Yuval Noah Harari का एक बयान सुनना चाहिए . इसे सुनकर आप भविष्य के व्यापार के बारे में समझ जाएंगे .ऑनलाइन शॉपिंग करने के मामले में भारत फिलहाल दुनिया में 9वें नंबर पर है . पहले नंबर पर China, दूसरे नंबर पर अमेरिका और तीसरे नंबर पर ब्रिटेन हैं . हालांकि E Commerce में होने वाली वृद्धि की रफ्तार के मामले में भारत चीन के बाद दूसरे नंबर पर है .E-Commerce यानी Electronic Commerce की शुरुआत आज से 27 वर्ष पहले यानी 1992 में हुई थी .

तब www.books.com नामक एक वेबसाइट के ज़रिए किताबें बेची जाती थी . इस बेवसाइट से खरीददारी के लिए लोग अपने Credit Card का इस्तेमाल करते थे . इसके बाद 1994 में Jeff Bezos ने Amazon की स्थापना की . शुरुआत में Amazon भी Online किताबें बेचने का काम करती थी . और आज Amazon दुनिया की सबसे बड़ी Online Retail कंपनी है . 

आपको जानकर हैरानी होगी कि ग्राहकों को जबरदस्त Discounts देने वाली कंपनियों के मालिक दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल हैं. दुनिया के सबसे अमीर इंसान Amazon के संस्थापक Jeff Bezos हैं . अली बाबा के संस्थापक Jack Ma अमीर लोगों की सूची में 21वें नंबर पर हैं. जबकि चीन की ही E Commerce कंपनी pinduoduo (पिनडुओडुओ ) के संस्थापक कोलिंग हुआंग अमीर लोगों की सूची में 94वे नंबर पर है.

यानी दुनिया में ऐसे बड़े व्यापारी भी हैं...जो आम लोगों को Discount दे-देकर दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपतियों में शामिल हो गए हैं. अब आप खुद सोचिए कि अगर Discount का ये पूरा खेल...सिर्फ ग्राहकों के हितों को समर्पित होता है...तो ये लोग लाखों करोड़ों रुपये के मालिक कैसे बनते हैं . हमने आज इस विश्लेषण को ग्राहकों, E-commerce कंपनियों और व्यापारियों के नज़रिए से समझकर तैयार किया था .

इस विश्लेषण से मुख्य तौर पर हमें तीन बातें समझ आई...पहली ये कि.. फिलहाल ग्राहकों को Online Shopping से काफी फायदा हो रहा है और ये आगे भी जारी रहेगा . दूसरी बात ये कि E-commerce कंपनियां फिलहाल नुकसान उठाने के लिए तैयार है...और फिलहाल कुछ वर्षों तक ये कंपनियां ऐसा करती रहेंगी .

तीसरी बात देश के 7 करोड़ व्यापारियों से जुड़ी है . जो भारतीय समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं और फिलहाल इन व्यापारियों के सामने....अपना कारोबार बचाने की बड़ी चुनौती है.