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Zee Jaankari: जानिए, राफेल पर ओम का धार्मिक चिन्ह क्यों बनाया गया?

अब आप समझिए कि दशहरे के दिन रफाल की डिलीवरी लेना. फ्रांस के एयरबेस पर शस्त्र पूजा करना. रफाल पर ओम लिखना... नारियल और रक्षा सूत्र चढ़ाना... 

Zee Jaankari: जानिए, राफेल पर ओम का धार्मिक चिन्ह क्यों बनाया गया?

अब आप समझिए कि दशहरे के दिन रफाल की डिलीवरी लेना. फ्रांस के एयरबेस पर शस्त्र पूजा करना. रफाल पर ओम लिखना... नारियल और रक्षा सूत्र चढ़ाना... और रक्षा मंत्री का पारंपरिक वेशभूषा में विदेश जाना... ये सब किस बात की तरफ इशारा करते हैं. अब आपके लिए एक एक तस्वीर का विश्लेषण करते हैं . सबसे पहले आपके मन में ये सवाल होगा कि रफाल पर ओम का धार्मिक चिन्ह क्यों बनाया गया ? हिंदू धर्म में ओम को पवित्र माना जाता है . मान्यता है कि इसको लिखे बिना या इसके उच्चारण के बगैर कोई भी काम सफलतापूर्वक संपन्न नहीं होता है .

रफाल पर ओम लिखने की एक वजह ये भी है कि भारत के रक्षा मंत्री अपने संस्कारों और संस्कृति में पूरा विश्वास रखते हैं . हम भारत के लोग... कितने भी आधुनिक हो जाएं लेकिन अपनी परंपरा से दूर नहीं होते हैं . यानी भारत के नेतृत्व का आत्मविश्वास अपनी सभ्यता के प्रति दिखाई देता है . एक जमाने में चीन के लिए भी यही बात कही जाती थी...

चीन के लोग आधुनिकता के साथ अपनी परंपरा से भी जुड़े रहते हैं . और आज रफाल की शस्त्र पूजा करके भारत ने भी पूरी दुनिया में यही संदेश दिया है . हालांकि राजनाथ सिंह ने कहा कि रफाल से बड़ा कोई शस्त्र नहीं हो सकता है... इसलिए उन्होंने ये पूजा की . आज रफाल की पूजा फ्रांस के एयरबेस पर हुई है... फ्रांस और भारत दोनों धर्मनिरपेक्ष देश हैं .

लेकिन दोनों देशों की धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा में थोड़ा अंतर है . जहां भारत... सभी धर्मों में आस्था रखता है वहीं फ्रांस में धर्म को सरकार अपने कामकाज से अलग रखती है . फ्रांस में धार्मिक चिन्हों के सार्वजनिक प्रदर्शन को बढ़ावा नहीं दिया जाता है . वर्ष 2004 में फ्रांस के स्कूलों में किसी भी तरह के धार्मिक चिन्हों को पहनने पर रोक लगा दी गई थी .

कुछ दिनों पहले ही फ्रांस में सार्वजनिक जगहों पर बुरका पहनने पर रोक लगाई गई है . ऐसे देश में रफाल की शस्त्र पूजा और उसपर ओम के पवित्र चिन्ह को बनाने बड़ा महत्व है . रक्षा मंत्री की शस्त्र पूजा की तस्वीरों को आज भारत और फ्रांस के अलावा... दुनिया के अलग अलग देशों में देखा गया होगा . ये वो देश हैं जो भारत की सैन्य तैयारियों पर नजर रखते हैं...

इनमें से कुछ देश हमारे दोस्त हैं... तो भारत के दुश्मन भी हमारे हथियारों के बारे में पूरी खबर रखते हैं . यानी आप कह सकते हैं कि आज भारत के हिंदू धर्म... और शस्त्र पूजा का पूरी दुनिया में प्रचार हो गया है .  रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आज फ्रांस अपनी पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे . वो अपनी विदेश यात्रा में भी भारतीय पोशाक ही पहनते रहे हैं .

इसी वर्ष जापान की यात्रा के दौरान भी राजनाथ सिंह पारंपरिक पोशाक में ही गए थे . आज ZEE NEWS की टीम रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ लगातार मौजूद रही . सभी जानकारियों से संपूर्ण रिपोर्ट तैयार करने के लिए हमारी टीम रफाल की फैक्ट्री में भी गई... जहां पर भारतीय वायुसेना के तीन रफाल विमान बनकर तैयार हो गए हैं और चौथे विमान पर अभी काम चल रहा है .

आपके लिए भारत के पहले रफाल विमान के Take Off से Landing तक का... एक वीडियो विश्लेषण तैयार किया है जिसे आपको जरूर देखना चाहिए. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह फ्लाइट सूट पहनकर रफाल की उड़ान के लिए तैयार हुए. इस दौरान हवाई पट्टी पर राजनाथ सिंह के साथ भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल एच एस अरोड़ा भी मौजूद थे.

रफाल में रवाना होने से ठीक पहले रक्षा मंत्री पूरे उत्साह में नजर आए. इस उड़ान में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पिछली सीट पर बैठे थे और रफाल बनाने वाली कंपनी दसॉ एविएशन के चीफ टेस्ट पायलट फिलिप दुशातो आगे की सीट पर मौजूद थे. कई मिनटों तक राजनाथ सिंह को रफाल विमान की पूरी जानकारी दी गई .

भारतीय वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल एचएस अरोड़ा और फ्रांस की वायुसेना के तकनीशियन हर छोटी से छोटी जानकारी दे रहे थे और राजनाथ सिंह ध्यान से उनकी बातें सुन रहे थे . इसी दौरान विमान के पायलट ने नीचे उतरकर विमान की एक और जांच की... रफाल के पहिए और उसके इंजनों को ध्यान से देखा... और तैयारियों से संतुष्ट होने के बाद यात्रा की शुरुआत की .इसके बाद भारत का पहला रफाल विमान... रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ फ्रांस के आसमान में पहुंच गया .